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heavy-rain-alert-in-uttarakhand: उत्तराखंड में मानसून की बारिश कहर बरपा रही है. कई जिलों में कल रात से शुरू हुई बारिश आज भी जारी है. वहीँ बादल फटने से राज्य के तीन जिलों में भारी तबाही की तस्वीर सामने आई है। रुद्रप्रयाग में एक महिला की मौत हो गई। जबकि कई लोग लापता है। कुछ घायल हैं। वहीँ चमोली जिले के देवाल ब्लॉक स्थित मोपाटा गांव में लैंडस्लाइड के मलबे में पति पत्नी दब गए थे. कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव बरामद हो गए हैं.

इसबीच मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जरी किया है. मौसम विभाग द्वारा जारी लेटेस्ट पूर्वानुमान के अनुसार आज जनपद बागेश्वर, चमोली, देहरादून और रुद्रप्रयाग के लिए रेड अलर्ट है। अगले 24 घंटों मे (29/08/2025, 12:46 PM बजे से 30/08/ 2025, 12:46 PM बजे तक) जनपद- बागेश्वर, चमोली, देहरादून और रुद्र प्रयाग में अलग-अलग स्थानों पर यथा- चकराता, डोईवाला, बद्रीनाथ, केदारनाथ, सोनप्रयाग, जोशीमठ, थराली, कपकोट, विकासनगर तथा इनके आस पास के क्षेत्रों मे भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज/बिजली गिरने और बहुत तीव्र से अत्यंत तीव्र बारिश होने की संभावना है।

वहीँ अगले 24 घंटों में जनपद – चंपावत, हरिद्वार, पिथौरागढ़, उधम सिंह नगर और उत्तरकाशी में अलग-अलग स्थानों पर यथा-  रूड़की, लक्सर, गंगोत्री, पुरोला, मुनस्यारी, गंगोलीहाट, लोहाघाट, काशीपुर, खटीमा, किच्छा तथा इनके आस पास के क्षेत्रों मे भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज/बिजली गिरने और बहुत तीव्र से अत्यंत तीव्र बारिश होने की संभावना है।

अगले पांच दिनों का मौसम अपडेट:

मौसम विभाग ने 29 अगस्त को जहां मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून और बागेश्वर जिलों में जहां बारिश के लिहाज से रेड अलर्ट जारी किया हुआ है, तो वहीं पिथौरागढ़, चंपावत, उधम सिंह नगर, हरिद्वार और उत्तरकाशी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल में येलो अलर्ट है।

30 और 31 अगस्त का पूर्वानुमान: देहरादून और बागेश्वर जिलों के लिए जहां ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ है तो वहीं बाकी के 11 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया हुआ है।

एक सितंबर का पूर्वानुमान: मौसम विभाग ने एक सितंबर को देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकी 9 जिलों के लिए येलो अलर्ट है।

दो सितंबर का पूर्वानुमान: दो सितंबर को मौसम विभाग ने चमोली, बागेश्वर और देहरादून में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकी के 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार येलो अलर्ट का मतलब बारिश पर नजर बनाए रखें और जागरूक रहें। वहीं ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि कार्रवाई के लिए तैयार रहें। यानी अलर्ट मोड पर रहें और रेड अलर्ट का मतलब कार्रवाई की जाए।

मौसम विभाग ने बीते 24 घंटे का जो डाटा जारी किया है, उसके अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में बीते 24 घंटे में हल्की से मध्यम से बारिश हुई है। वहीं कुछ इलाकों में गर्जन के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में सात स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है।

सामान्य से ऊपर बह रही गंगा नदी

CWC द्वारा उत्पन्न (येलो अलर्ट दिनांक 29.08.2025, 12:00 PM बजे से  29.08.2025, 9:00 PM बजे तक ) उत्तराखंड के देहरादून ज़िले के ऋषिकेश में गंगा नदी आज दोपहर 12:00 बजे सामान्य से ऊपर बह रही है। दोपहर 12:00 बजे, यह 339.65 मीटर के स्तर पर बह रही थी और इसके जलस्तर में वृद्धि हो रही है, जो इसके चेतावनी स्तर 339.5 मीटर से 0.15 मीटर ऊपर और इसके ख़तरे के स्तर 340.5 मीटर से 0.85 मीटर नीचे है।

CWC द्वारा उत्पन्न (येलो अलर्ट दिनांक 29.08.2025, 1:00 PM बजे से  29.08.2025, 9:00 PM बजे तक)  उत्तराखंड के हरिद्वार ज़िले में गंगा नदी आज दोपहर 1:00 बजे सामान्य से ऊपर बह रही है। दोपहर 1:00 बजे, यह 293.15 मीटर के स्तर पर बह रही थी और इसका जलस्तर बढ़ रहा है, जो इसके चेतावनी स्तर 293 मीटर से 0.15 मीटर ऊपर और इसके ख़तरे के स्तर 294 मीटर से 0.85 मीटर नीचे है।

अलकनंदा का जलस्तर बढ़ा, पौड़ी जिलाधिकारी ने जारी की सतर्कता की अपील

रात्रि से ही रही अतिवृष्टि के चलते अलकनंदा नदी का जल स्तर अचानक बढ़ने से जनपद में अलर्ट जारी कर दिया गया। हालांकि दोपहर तक नदी का जल स्तर सामान्य हो गया था और उसके बाद बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कलियासौड़ के समीप यातायात सुचारू कर दिया गया  है।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने आमजन से सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि ऊपरी जिलों में हुई भारी बारिश से नदी का पानी चेतावनी स्तर से ऊपर चला गया था, हालांकि ख़तरे के निशान से नीचे रहा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा।

जिलाधिकारी ने कहा कि धारी देवी क्षेत्र में दुकानों को बंद कराया गया, वहीं नदी के किनारे स्थित विद्यालयों को संभावित खतरे के मद्देनज़र एहतियातन बंद कर दिया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर मिनी गोवा बीच के पास पानी भरने से यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया और आवाजाही भी रोक दी गयी थी। हालांकि नदी का जलस्तर धीरे-धीरे सामान्य होने पर गोवा बीच मार्ग आवाजाही के लिए संचालित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुये सभी लोग सतर्क रहें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।

कुमाऊं में भी भारी बारिश से हाल बेहाल:

कुमाऊं में भी गढ़वाल जैसा ही हाल है। यहां भी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रखा है। हल्द्वानी-भीमताल स्टेट हाईवे पर रानीबाग इलाके में पुल के पास जबरदस्त लैंडस्लाइड हुआ है। इस लैंडस्लाइड में पहाड़ का बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिर गया। जिसके चलते के हल्द्वानी से भीमताल और अल्मोड़ा को जाने वाला राज्य मार्ग बंद हो गया था। नया पुल ट्रैफिक के लिए अभी बंद है। पुराने पुल से छोटे वाहन आ-जा रहे हैं।