सतपुली : उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में इन दिनों आग ने तांडव मचा रखा है। जिधर देखो उधर जंगलों में आग ही नजर अ रही है। आग लगने की घटनाओं से बहुमूल्य वन संपदा का तो नुकसान हो ही रहा है, साथ ही बेकसूर वन्य जीव जन्तुओं की भी जान जा रही है। वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं को लेकर अब शासन/प्रशासन हरकत में आ गया है।
नयारघाटी सतपुली के आस पास जंगलो में लगने की घटना लगातार बढ़ती जा रही है। जंगलो में आग लगाने की बढती घटनाओं को देखते हुए सोमवार को थानाध्यक्ष संतोष पैंथवाल ने थाना सतपुली में ग्राम प्रधान व ग्राम प्रहरियों की बैठक ली। बैठक में लगातार जंगलों में लग रही आग की घटना पर लगाम लगाने को लेकर चर्चा की गई।
थानाध्यक्ष संतोष पैथवाल द्वारा सभी ग्राम प्रधानों एवं ग्राम प्रहरियों को बताया गया कि आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों का चिन्हीकरण किया जाय। और ऐसे असमाजिक तत्वों की सूचना तत्काल थाने पर दी जाय। जिससे ऐसे शरारती तत्वों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाय। उन्होंने बताया कि जंगलों में आग लगाना कानूनी जुर्म है, ऐसे आग लगाने से वन संपदा को भारी मात्रा में नुकसान पहुच रहा है तथा साथ ही साथ पारिस्थितिकी तंत्र भी खतरे में आ रहा हैं। बैठक के माध्यम से थानाध्यक्ष द्वारा आम जन मानस से जंगलों में आग न लगाने की अपील की गयी हैं। बैठक में उप निरीक्षक कैलाश सेमवाल, प्रभारी चौकी इंचार्ज दुधारख़ाल कांस्टेबल महेंद्र कन्याल, प्रकाश और दीपशिखा मौजूद रहे।



