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देहरादून : कोरोना महामारी के चलते उत्तराखंड सहित देशभर के स्कूल, कॉलेज सहित तमाम शिक्षण संस्थान लम्बे समय से बंद चल रहे हैं। उत्तराखंड में कोविड-19 के मामलों में कमी आने की वजह से प्रदेश सरकार ने कल यानी 2 अगस्त से कोविड प्रोटोकॉल के तहत विद्यार्थियों के लिए स्कूलों को फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए शासन की ओर से शनिवार को आदेश जारी कर दिया गया है। हालाँकि शिक्षकों के लिए तो स्कूल बीते 12 जुलाई से ही खुले हुए हैं। और अभी तक सभी शिक्षक स्कूल से ही ऑनलाइन माध्यम से शैक्षिक गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। परन्तु अब विद्यार्थियों के लिए भी स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। पहले चरण में कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। जबकि कक्षा 6 से 8वीं तक के बच्चों के लिए 16 अगस्त से स्कूल खोलने का फैसला लिया गया है। इसके लिए शासन की ओर से शनिवार को आदेश जारी कर दिया गया है। शासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक स्कूल खुलने पर किसी भी छात्र को स्कूल में उपस्थित होने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, बच्चों को स्कूल बुलाने से पहले उनके अभिभावकों की सहमति ली जाएगी। स्कूल आने के तीन दिन के भीतर भीतर छात्रों को स्कूल आने के लिए अपने अभिभावकों के सहमति पत्र भी जमा कराने होंगे।

स्कूल खुलने के बावजूद ऑनलाइन पढ़ाई को भी जारी रखा जाएगा। जो छात्र स्कूल नहीं आना चाहते हैं, उन्हें लाइव क्लास के जरिए पढाई कराई जाएगी। इसके लिए स्कूल में पढ़ाई कराते वक्त शिक्षकों को मोबाइल या लैपटॉप के जरिए क्लास का लाइव प्रसारण भी करना होगा। ताकि जो छात्र स्कूल नहीं आना चाहते हैं वे ऑनलाइन माध्यम से क्लास से जुड़ सकें। जिन बच्चों के पास ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा नहीं है उनके लिए ऑफलाइन पढ़ाई सामग्री की उपलब्धता घर पर हो इसके लिए स्कूल स्तर पर विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। ताकि कोई भी छात्र-छात्रा पढ़ाई से वंचित न हो। अभिभावक या स्कूल कर्मचारियों के माध्यम से बच्चों को पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

आदेश में कहा गया है कि अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों को दो पालियों में चलाया जाएगा। एक पाली में सम और दूसरी पाली में विषम अनुक्रमांक वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल बुलाया जा सकता है। सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए बच्चों को सुबह स्कूल में प्रवेश और छुट्टी के समय एक साथ नहीं छोड़ा जाएगा ऐसे स्कूल जो बच्चों के घर से स्कूल आने एवं वापस घर पहुंचाने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराते हैं, उन्हें वाहन में सामाजिक दूरी का पालन कराना होगा।

शिक्षा सचिव राधिका झा ने स्कूल अवधि में कोरोना प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए है। स्कूल खुलने के दौरान सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा, यदि कोई छात्र बिना मास्क के स्कूल आते हैं तो स्कूल ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए मास्क की व्यवस्था करेंगे। स्कूलों के भीतर थर्मल स्कैनिंग, हेड सेनेटाइशन के बाद ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी।

स्कूल परिसर में किसी छात्र, शिक्षक अथवा कर्मचारी में सर्दी जुखाम, बुखार के लक्षण नजर आने पर उसे प्राथमिक उपचार देते हुए तत्काल घर भेजा जाएगा। यदि किसी स्थान में कोविड संक्रमण पाया जाता है तो तत्काल जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी।

बोर्डिंग एवं डे बोर्डिंग स्कूलों के प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य, समस्त शिक्षक, कर्मचारी, मैट्रन, आवासीय परिसर के समस्त स्टाफ एवं स्कूल में अन्य सेवाओं से जुड़े हुए समस्त कर्मचारियों की वैक्सीनेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यदि किसी का वैक्सीनेशन न हुआ हो तो संबंधित स्कूल प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य स्वास्थ्य विभाग को ऐसे शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराएंगे। शिक्षा सचिव ने डेंगू के खतरे को देखते हुए स्कूल में छात्र को फुल बाजू की पेंट, शर्ट एवं छात्राओं को सलवार कमीज पहनकर स्कूल आने के निर्देश दिए हैं।