चंपावत में किसानों और युवाओं के लिए आयोजित हुआ सेमिनार, लडवाल फाउंडेशन एवं सोसायटी फॉर एम्पीरिकल एक्शन एंड रिसर्च ने किया आयोजन
चंपावत: लडवाल फाउंडेशन और सोसाइटी फॉर एम्पीरल एक्शन एंड रिसर्च के संयुक्त तत्वाधान में तिवारी होटल चम्पावत में किसान और युवाओं को कृषि एवं बागवानी के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीहॉक ग्रुप के चेयरमैन नरेंद्र सिंह लडवाल ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। साथ ही मुख्यमंत्री प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, जिला कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भंडारी, उप पशु विकास अधिकारी नरेंद्र प्रसाद आगरी, पशु चिकित्सा अधिकारी दीपक कुमार और उद्यान निरीक्षक निधि जोशी मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में सन्दर्भ दाता के रूप में नरेन्द्र सिंह मेहरा (कृषक एवं कृषि अन्वेषक), टीएस बिष्ट (बागवान, ग्रामोद्योग समिति), मोहन सिंह बिष्ट (हिमालयी विकास समिति चल्थी, चम्पावत) और चन्द्र शेखर मुरारी, पिथौरागढ़ मौजूद थे।
कार्यक्रम में उद्यान निरीक्षक निधि जोशी ने उद्यान विभाग के द्वारा चलायी जा रही सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि विभाग के द्वारा दिए जा रहे बीज और यंत्रों में 80 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। पशु चिकित्सा अधिकारी दीपक कुमार ने पशुओं में बीमारी आदि की रोकथाम के लिए योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि टीकाकरण के लिए टीम बनायीं गयी है जो आस पास के गाँव में जा कर पशुओं का टीकाकरण करेंगें।
कार्यक्रम के सन्दर्भ दाता नरेन्द्र मेहरा ने उत्तराखंड राज्य को जहर मुक्त जैविक खेती की पैरवी करते हुए कहा कि राज्य के पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए जैविक खेती को प्राथमिकता से अपनाना होगा। खेत और जंगल को और अधिक हरा-भरा बनाने के लिए हम जैविक खेती को अपना सकते हैं। श्री मेहरा ने बताया कि बिना रासायनिक खादों के भी जैविक खाद के द्वारा उन्नत खेती की जा सकती है और उन्होंने इसे गेंहूँ और हल्दी की पैदावार करके सिद्ध भी किया है। उन्होंने नरेंद्र 09 गेंहूँ के बीज को दूसरे राज्यों में भी उगने के लिए प्रेरित किया गया है और इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त किये।
कार्यक्रम में टीएस बिष्ट (बागवान, ग्रामोद्योग समिति) कृषि कार्यों के लिए अग्रणी रूप से 2002 से जाने जाते हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में पहली स्वयं सेवी संस्था जो गैनोडर्मा मशरूम उत्पादन हेतु वन अनुसन्धान सस्थान के सहयोग से शुरु किया। मौन पालन हेतु स्विट्जर्लैंड का भ्रमण किया। मणिपुर में आसाम रायफल के साथ खाद्य प्रसस्करण प्रशिक्षण, उड़ी, राजौरी, वारामूला में भारतीय सेना के साथ खाद्य प्रसस्करण प्रशिक्षण, और अन्य कृषि सम्बन्धी कार्य के सम्बन्ध में अपने सकारात्मक अनुभव साझा किये।
मोहन सिंह बिष्ट (हिमालयी विकास समिति चल्थी, चम्पावत)- उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य, नशीली दवाओं एवं शराब की रोकथाम, स्थानीय जड़ी-बूटियों का उपयोग, हर युवा के लिए नौकरी या रोजगार और महिलाओं और लड़कियों को सशक्त देखना चाहते हैं। वर्ष 1997 में श्री बिष्ट ने सामाजिक कार्य अनुसंधान केंद्र, तिलोनिया के निर्देशन में हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति के सुदूरवर्ती क्षेत्रों जैसे तिगत विमरत और टिडी में काम शुरू किया। इधर, श्री बिष्ट ने पुरुष और महिला के स्वयं सहायता समूह (एस.एच.जी.) बनाए और सौर ऊर्जा और हस्तशिल्प पर काम करना शुरू किया। उन्होंने मौन पालन, गिर गाय और जानवरों से खेतों की सुरक्षा के बारे में अपने विचार साझा किये।
लडवाल फाउंडेशन और सोसाइटी फॉर एम्पिरल एक्शन एंड रिसर्च से डॉ शरत चन्द्र जोशी ने बतया कि संस्था ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका को बढाने हेतु कार्यरत है। उन्होंने आये हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और समय समय पर एस तरह के आयोजानो को करने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन डॉ भुवन चन्द्र जोशी ने किया। कार्यक्रम में मनोज सिंह बोहरा, दान सिंह महर, विजय जोशी, गणेश महर, देव सिंह पुजारी, किशोर राम, नीरज जोशी, अमित तरागी, महेश ढेक, नीरज बिष्ट, प्रकाश चन्द्र जोशी आदि ने प्रतिभाग किया।



