Seaplane in the Ganga River at Rishikesh

देहरादून: योगनगरी ऋषिकेश में गंगा बैराज पर आज उस समय ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब एक प्राइवेट कंपनी द्वारा 19 सीटर सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग की गई। यह पहल राज्य में हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

स्काई हॉप कंपनी और यूजेवीएनएल की देखरेख में किए गए इस ट्रायल के दौरान सी-प्लेन ने बैराज में दो बार सफल टेक-ऑफ और लैंडिंग की। खास बात यह है कि यह सेवा पर्यटकों को हवा से गंगा और हिमालय की खूबसूरत वादियों का नजारा दिखाएगी, जिससे ऋषिकेश का अनुभव और भी खास बनने वाला है।

ऋषिकेश में सी-प्लेन सेवा जुड़ने से न सिर्फ पर्यटन को रफ्तार मिलेगी, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों तक हवाई कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। टिहरी बांध झील के बाद ऋषिकेश में इस सेवा के सफल परीक्षण से भविष्य में प्रदेश के अन्य जलाशयों और नदियों को हवाई मार्ग से जोड़ने का रास्ता भी साफ हो गया है। जिससे आने वाले समय में पर्यटकों को आसमान और पानी दोनों ही रोमांच का नए मंच मिलने जा रहा है।

ऑपरेशन हेड राजीव शर्मा ने बताया कि सी-प्लेन एक विशेष प्रकार का विमान है, जो नदियों, झीलों या समुद्र जैसी पानी की सतह से उड़ान भर सकता है और वहीं लैंड भी कर सकता है। आमतौर पर यह 12 से 19 सीटों वाला छोटा विमान होता है। इसे टेक-ऑफ करने के लिए मात्र 300-500 मीटर के जलाशय की आवश्यकता होती है। यह विमान जमीन और पानी दोनों जगह उतरने में सक्षम होते हैं। बैराज जलाशय में उतरा विमान 19 सीटों वाला था।

विशेषज्ञों के अनुसार सी-प्लेन सेवा शुरू होने से उत्तराखंड में पर्यटन को नई गति मिलेगी। सी-प्लेन सेवा शुरू होने से चारधाम यात्रा, एडवेंचर टूरिज्म और वीकेंड ट्रैवल को बड़ा बूस्ट मिलेगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अब कम समय में सीधे ऋषिकेश और आसपास के प्रमुख स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इससे दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों तक तुरंत और सुगम हवाई संपर्क स्थापित होगा। साथ ही आपदा एवं राहत कार्यों में भी तेजी आएगी। यह पहल राज्य के आर्थिक विकास और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

सरकार की योजना है कि भविष्य में इस सेवा को टिहरी झील, नैनीताल झील और अन्य जलाशयों तक भी विस्तार दिया जाए, जिससे उत्तराखंड देश का प्रमुख सी-प्लेन डेस्टिनेशन बन सके। यह ट्रायल न केवल तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि यह संकेत भी दे गया कि आने वाले समय में उत्तराखंड में हवाई पर्यटन का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।

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