SriKrishna-Janmashtami

सप्तमी युति होने से परम ऐश्वर्याशाली योग

कई सालों बाद इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी ऐसे मुहूर्त पर आ रही है जब रोहिणी नक्षत्र का अभाव रहेगा परंतु सप्तमी यू ता अष्टमी होने से गृहस्थ भक्तों के लिए परम ऐश्वर्यशाली योग बन रहा है जबकि साधु-संतों के लिए 12 तारीख को व्रत लेना श्रेष्ठ रहेगा।

राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज आईडीपीएल के संस्कृत प्रवक्ता आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि यद्यपि विगत काफी वर्षों से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत 2 दिन क्रमशः गृहस्थ एवं वैष्णव के लिए मनाई जाती है, परंतु इस वर्ष दोनों ही दिन रोहिणी नक्षत्र का अभाव रहेगा। कृतिका नक्षत्र रहेगा, परंतु 11 अगस्त मंगलवार को प्रातः 8:15 तक सप्तमी तथा उपरांत अष्टमी तिथि लग जाएगी। जो 12 अगस्त को प्रातः 10:38 तक रहेगी। इसलिए निशा व्यापिनी अष्टमी होने से 11 तारीख को ही गृहस्ती लोग व्रत रखेंगे उनके लिए सप्तमी युक्त अष्टमी होने से अति विशिष्ट योग इस दिन बन रहा है।

उत्तराखंड ज्योतिष रत्न डॉक्टर घिल्डियाल आगे बताते हैं श्रीमद् देवी भागवत पुराण भविष्य पुराण एवं विष्णु पुराण के अनुसार कृष्ण पक्ष में सप्तमी संयुक्त अष्टमी को ही व्रत लेना श्रेष्ठ होता है और भगवान कृष्ण का जन्म द्वापर युग में बुधवार अष्टमी तिथि रात्रि 12:00 बजे रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। यद्यपि इस बार कृतिका नक्षत्र रहेगा परंतु इस दिन ही व्रत करने से पारिवारिक लोगों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। दूसरे दिन 12 अगस्त को अष्टमी की प्रातः 10:38 तक रहेगी। उसके बाद नवमी रहेगी, इसलिए शास्त्रानुसार कुटुंब परिवार वाले लोग अष्टमी के पूर्व भाग तथा साधु संत अष्टमी के उत्तरार्ध का व्रत करें तो उनके लिए फलदाई होता है।

इस प्रकार करें व्रत एवं पूजा

आचार्य चंडी प्रसाद घिल्डियाल बताते हैं कि दिन भर उपवास करें घर की सजावट करें। घर के अंदर सुंदर पालने में बाल कृष्ण की मूर्ति स्थापित करें, रात्रि 12:00 बजे जन्मोत्सव शंख घंटी वादन करें, झूला झुलाकर आरती एवं प्रसाद का वितरण करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।

राशि अनुसार जन्माष्टमी व्रत का फल

मेष : राज्य पद प्राप्ति एवं आकस्मिक धन की प्राप्ति
वृष : ऐश्वर्य प्राप्ति
मिथुन : सभी मनोकामना की पूर्ति
कर्क : शत्रु बाधा का निवारण
सिंह : आरोग्य की प्राप्ति
कन्या : दांपत्य सुख प्राप्ति
तुला : संकटों का निवारण
वृश्चिक : आरोग्य प्राप्ति
धनु : धर्म एवं ज्ञान प्राप्ति
मकर : संपत्ति की प्राप्ति
कुंभ : राज सम्मान की प्राप्ति
मीन : सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी