श्रीनगर: श्रीनगर में आयोजित तीन दिवसीय संकुल स्तरीय एसएमसी एवं एसएमडीसी सामुदायिक सहभागिता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन अवसर पर गढ़वाल मंडलीय नशा उन्मूलन नोडल अधिकारी अखिलेश चन्द्र चमोला ने प्रतिभागियों को नशा उन्मूलन के महत्व से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्त शहर, नशामुक्त विद्यालय तथा स्वस्थ वातावरण स्थापित करने के लिए समाज को उच्च आदर्शों और सकारात्मक लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना आवश्यक है। चमोला ने चिंता जाहिर की कि आज के युवा तेजी से नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ रहे हैं, जो समाज के लिए गंभीर चुनौती है।
अभिभावकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल जैसे महानायकों के प्रेरणादायी प्रसंगों से जोड़ना चाहिए, जिससे उनमें सकारात्मक संस्कार और दृढ़ संकल्प का विकास हो सके। उन्होंने मातृशक्ति से भी आह्वान किया कि वे बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए सही दिशा में प्रेरित करें।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों की संयुक्त भूमिका को नशा उन्मूलन का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
प्रधानाचार्य एवं नोडल अधिकारी सरोफ सिंह मेहरा ने चमोला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने अध्यापन कार्य के साथ-साथ जनमानस को नशा मुक्ति की दिशा में प्रेरित कर महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
शिक्षा समन्वयक संजय नौडियाल ने कहा कि नशा उन्मूलन, सामुदायिक सहभागिता का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस दिशा में चमोला की प्रस्तुति अत्यंत प्रभावी और प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
कार्यक्रम में प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य बबीता देवी, सरोजनी, पूजा, रजनी पिंकी, हेमंती, सरिता देवी, नीलम देवी, अनिता देवी, पूजा देवी, प्रवीण भट्ट, जगदीश लाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।