Landslide in Pauri garhwal: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में इन दिनों बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। मंगलवार को उत्तरकाशी जपनद के धराली गांव में बादल फटने से हुई तबाही ने सभी को झकझोर कर राख दिया है। धराली आपदा में 4 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। अब तक 135 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। इसके साथ ही हर्षिल क्षेत्र में स्थित आर्मी कैंप को भी नुकसान पहुंचा है। कई सैनिकों के लापता होने की खबर आ रही है।
इसबीच पौड़ी गढ़वाल के बुरासी गांव और थलीसैंण के बांकुड़ा गांवों में भारी भूस्खलन की सूचना मिली है। बुधवार सुबह तेज बारिश पौड़ी जिले के कई हिस्सों में तबाही लेकर आई। दो महिलाओं की मौत के साथ ही पांच मजदूर अभी तक लापता हैं। दर्जनों घरों को आपदा से नुकसान हुआ है। दो स्थानों पर पुल बहने के साथ ही कई सड़कें टूट चुकी हैं। जगह जगह मार्ग अवरुद्ध होने के कारण प्रशासन को राहत बचाव करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार रातभर जारी बारिश के बाद बुधवार की सुबह तेज बारिश ने अपना कहर बरपाया। पाबौ विकासखण्ड के सैंजी, बुरांसी, नौठा गांवों में सर्वाधिक नुकसान हुआ। बुरांसी गांव में दो सगी बहनें मलबे में दबकर मौत के मुंह में समा गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार आशा देवी उम्र 55 वर्ष पत्नी प्रेम सिंह व विमला देवी 58 वर्ष पत्नी बलवंत सिंह की मकान के भीतर मलबा घुस जाने से मौत हो गई। बाकुंडा गांव में पांच नेपाली मजदूरों के बहने की सूचना। जिलाधिकारी ने पुष्टि की। थलीसैंण से 60 किलोमीटर दूर जगतपुरी देहघाट मोटर मार्ग के निकट भी मलबा आने से पांच नेपाली मजदूरों के लापता होने की सूचना है। यहां सड़क के किनारे नेपाली मजदूरों का टेंट लगा हुआ था। अचानक बादल फटने की घटना में मजदूरों का टेंट मलबे में दब गया। गांव वालों ने बमुश्किल मबले से निकाल कर दो मजदूरों की जान बचाई। पांच मजदूर अभी भी लापता बताये जा रहे हैं।
थलीसैंण विकासखण्ड की चैथान पट्टी के जगतपुरी में गधेरे में तेज उफान आने से पुलिया बह गई है। इस कारण दर्जनों गांवों का सम्पर्क पौड़ी जिले से कट गया है। पाबौ पैठाणी मोटरमार्ग पर कलगड़ी में पुल बह जाने से एक बड़े क्षेत्र का सम्पर्क कट गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि कलगड़ी के लिए वैली ब्रिज मंगवाया जा रहा है। जगह जगह मोटरमार्ग भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह से बह गई है। ऐसे में राहत कार्यों के संचालन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा पास के सैजी गांव में भी कई घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। जनकल्याण सामाजिक समिति ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत और सहायता दी जाए। समिति ने सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें, सुरक्षित स्थानों पर रहें।
बुरांसी में टीम द्वारा जान माल की क्षति का जायजा लिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात्रि में अतिवृष्टि से आये मलबे से आठ से 10 भवन क्षतिग्रस्त हुये हैं। एक घर में मलबा घर के पीछे की दीवार तोड़कर अन्दर घुस गया। जिससे घर के अन्दर सो रही दो सगी बहने मलबे में दब गयी। मृतक आशा देवी और विमला देवी साथ ही रहती थी। जिलाधिकारी की विशेष अनुमति से मौके पर मृतकों के पंचनामे की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है तथा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी नियमानुसार की जा रही है।
राजस्व विभाग के प्राथमिक सर्वेक्षण के मुताबिक बुरांसी गांव निवासी अमर सिंह के 08 पशुओं की मृत्यु हुई है। जिसे 2 बैल, 2 गाय व 4 बकरी शामिल है। 08 में से 05 मृत पशुओं के शरीर बरामद कर लिया गया है। जबकि 01 गाय व 2 बकरी लापता है।
जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। इससे लगे सैंजी गांव में भी भूस्खलन से प्रभावित लोगों को अन्यत्र शिफ्ट किया गया करने के साथ ही राहत सामग्री वितरित की गई।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि पाबौ के कलगाड़ी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर टूटे पुल के लिए बैली ब्रिज मंगवाया जा रहा है, साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री दी जा रही है।
तहसील पौड़ी अंतर्गत रैदुल क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया तत्काल प्रभावित स्थल के लिए रवाना हुईं। जिलाधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर भूस्खलन को हटवा कर सड़क मार्ग को खुलवाया गया तथा विभागीय अधिकारियों के साथ गांव पहुंचकर स्थिति का गहन निरीक्षण किया गया, साथ ही प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने की कार्यवाही शुरू की गयी।
जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों को राहत केंद्रों पर ठहराने, भोजन, इमरजेंसी लाइट्स, जीवन रक्षक दवाओं, तथा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था अविलंब सुनिश्चित करायी जा रही है।
आपदा की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक विभागों — राजस्व, पुलिस, लोक निर्माण, विद्युत, खाद्य एवं रसद आदि — के अधिकारियों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। सभी विभागों को सतत निगरानी रखते हुए राहत एवं पुनर्वास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित करने की कार्यवाही की जा रही है।
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जिला नियंत्रण कक्ष में मुख्य विकास अधिकारी तथा अपार जिलाधिकारी द्वारा सभी प्रभावित क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है। साथ ही असुरक्षित मोटर मार्गों पर जान माल की हानि को देखते हुए आवागमन में एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।