पौड़ी: कहते हैं कि यदि सोच और संकल्प मजबूत हो, तो बदलाव के लिए सरकारी तंत्र का इंतजार जरूरी नहीं होता। इसी सोच को साकार किया है पट्टी मनियारस्यूं के ग्राम बुटली निवासी प्रवासी नागरिक चंद्र प्रकाश कुकरेती ने, जिन्होंने अपने निजी संसाधनों से गांव के विकास की नई तस्वीर प्रस्तुत की है।
चंद्र प्रकाश कुकरेती न केवल एक सफल प्रवासी हैं, बल्कि अपने गांव और समाज के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता उन्हें विशिष्ट बनाती है। उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय नीलम कुकरेती की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर नोएडा (गौतम बुद्धनगर) स्थित उनके निवास पर पितृभोज का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं को भी आमंत्रित कर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया गया।
वहीं, उनके पैतृक गांव बुटली में 14 अप्रैल को स्व. नीलम कुकरेती की स्मृति में पौधरोपण कार्यक्रम, दिव्यांगजनों को उपकरण वितरण तथा बुजुर्गों के लिए विशेष हेल्थ केयर काउंसलिंग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात विशाल भंडारे का भी आयोजन प्रस्तावित है।
इससे पूर्व भी चंद्र प्रकाश कुकरेती गांव में कई उल्लेखनीय कार्य कर चुके हैं। उन्होंने मां बाल कुंवारी देवी एवं इष्टदेव नागराजा मंदिर का पुनः जीर्णोद्धार कर उन्हें भव्य स्वरूप प्रदान किया। मंदिर की आकर्षक संरचना के लिए विशेष रूप से उड़ीसा प्रांत से कारीगरों को आमंत्रित किया गया।
इसके अलावा, उन्होंने अपने निजी खर्च से मुख्य सड़क से मंदिर तक लगभग 50-50 मीटर के संपर्क मार्ग का सीसी निर्माण भी करवाया, जो ग्रामीणों के लिए अत्यंत सुविधाजनक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने अपने पुश्तैनी मकान का भी पुनर्निर्माण कर उसे भव्य दो मंजिला भवन में परिवर्तित किया। यदि यही भवन किसी महानगर में बनाया जाता, तो इससे लाखों रुपये का किराया प्राप्त हो सकता था, लेकिन उन्होंने गांव को प्राथमिकता दी।
चंद्र प्रकाश कुकरेती का कहना है कि उनके पिता हमेशा गांव के विकास और जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहते थे, और वे उन्हीं के पदचिह्नों पर चलने का प्रयास कर रहे हैं।
उनकी यह पहल न केवल ग्रामीण विकास का प्रेरक उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि यदि हर गांव में ऐसे लोग आगे आएं, तो विकास की गति कई गुना बढ़ सकती है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य गढ़कोट सविता देवी उपस्थित रहेंगी।
जगमोहन डांगी ग्रामीण पत्रकार



