श्रीनगर गढ़वाल: सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज श्रीकोट के पूर्व छात्र वैभव डिमरी के इसरो में वैज्ञानिक बनने पर विद्यालय सहित क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने उनकी कामयाबी पर खुशी जाहिर की है। वैभव की मां ऋतु डिमरी ने बताया कि वैभव पहले से ही पढ़ने में तेज था। कहा कि उनकी कक्षा पांच तक की पढाई शिशु मंदिर चोपड़ा रुद्रप्रयाग में पूरी हुई है। जिसके बाद कक्षा छठवीं से लेकर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई विद्या मंदिर श्रीकोट गंगानाली में हुई। बताया कि वर्ष 2015 में इंटरमीडिएट में वैभव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उत्तराखंड की वरियता सूची में सातवां स्थान प्राप्त किया। जिसके बाद उन्होंने एनआईटी श्रीनगर से बीटेक की पढ़ाई पूरी करने बाद आईआईटी धनबाद झारखंड से एमटेक की पढ़ाई पूरी कि। हाल ही में वह भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स बैंगलोर में कार्यरत हैं।

वैभव मूल रूप से रुद्रप्रयाग के स्यूंड गांव से है और वर्तमान में श्रीकोट में रहते है। उनके पिता जगदम्बा प्रसाद डिमरी राजकीय इंटर कॉलेज स्वीत से प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए है। उनके वैज्ञानिक बनने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। विद्यालय के प्रधानाचार्य भीमराज सिंह बिष्ट ने बताया कि वैभव डिमरी मेधावी छात्र रहें हैं। बताया कि इससे पहले इसी विद्यालय की स्नेहा नेगी भी इसरो में वैज्ञानिक बनी हैं। उन्होंने अन्य छात्रों को दोनों छात्रों से प्रेरणा लेना का आह्वान किया है। वैभव के इसरो में वैज्ञानिक बनने पर पुरुषोत्तम गैरोला, सुरेंद्र बमराडा आदि ने खुशी जाहिर की है।