पौड़ी गढ़वाल: चौबटाखाल विधानसभा के अंतर्गत विकासखंड बीरोंखाल का सुरम्य वादियों में बसा डांडा ग्वीन गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। ग्रामवासियों के अनुसार डांडा ग्वीन मोटरमार्ग योजना की शुरुआत नवंबर 2007 में हुई थी, लेकिन 19 साल बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई।

डांडा ग्वीन से हिमालयी घाटी और चारों ओर के मनोरम दृश्य दिखाई देते हैं, लेकिन इस खूबसूरत गांव के लोगों के लिए सड़क महज एक सपना बनकर रह गई है। शासन-प्रशासन की अनदेखी और लोक निर्माण विभाग बैजरों की लापरवाही के चलते योजना धरातल पर उतर ही नहीं सकी।

शुरू से अब तक ग्रामवासियों द्वारा अपने मोटरमार्ग के संबंध में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग बैजरों से लेकर पौड़ी और पौड़ी से लेकर देहरादून तक कई यात्राएं की गयी, नेताओं एवं अधिकारियों से मुलाकात की गयी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. हालाँकि उस्जे बाद उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पूर्व दिसंबर 2021 में चौबटाखाल के विधायक एवं मंत्री सतपाल महाराज ने ग्राम टंडोला (ग्वीन) से मोटरमार्ग का शिलान्यास किया था। छह किलोमीटर लंबी इस योजना के पहले चरण में 2 किमी सड़क निर्माण शुरू भी हुआ, परंतु विभागीय सुस्ती के चलते यह कार्य आज तक अधूरा पड़ा है। दूर से देखने पर भले ही सड़क दिखाई देती हो, लेकिन पैदल चलने पर उसकी वास्तविक स्थिति उजागर हो जाती है।

गांव के लोगों का कहना है कि पहले चरण की सड़क पूरी होने के बाद ही दूसरे चरण की औपचारिकताएं पूरी की जानी थी, लेकिन लगभग चार साल बाद भी न तो पहले चरण का कार्य पूर्ण हुआ और न ही दूसरे चरण का काम शुरू हो सका।

सड़क न होने से ग्रामीणों को आए दिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यहाँ के ग्रामीणों को निकटतम यातायात सुविधा के लिए मैठाणाघाट (6 किमी) या रसियामहादेव (4.5 किमी) तक दुर्गम पगडंडियों से गुजरना पड़ता है। खासकर बीमार और घायल लोगों को चारपाई पर उठाकर सड़क तक पहुंचाना ग्रामीणों की मजबूरी है। हाल ही में गांव की एक महिला के दुर्घटनाग्रस्त होने पर उसे ढाई घंटे में सड़क तक पहुंचाया गया।

ग्रामवासी बताते हैं कि कई बार ऐसे हादसे हो चुके हैं जिनमें सड़क न होने से जिंदगी दांव पर लग गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के अन्य गांवों की सड़कें वर्षों पहले ही तैयार होकर उपयोग में आ चुकी हैं, लेकिन डांडा ग्वीन आज भी सड़क की राह ताक रहा है। ग्रामीणों ने सरकार से शीघ्र सड़क निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों और कठिनाइयों से बचा जा सके। डांडा ग्वीन आज भी प्रतीक्षा में आंखे बिछाए प्रतिदिन सड़क की तरफ देख रहा है कि शायद आज दूसरा चरण शुरू हो जाए।

दर्शन नेगी