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इंद्रजीत असवाल

पौड़ी: लैंसडाउन विधानसभा के अंतर्गत ग्राम सभा पुंडेर गांव के ग्रामीण विगत 15 दिनों से पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। वहीं जल संस्थान पौड़ी के अधिशासी अभियंता को पता भी नहीं है कि गांव में पानी आ भी रहा या नहीं। आपको बता दें कि राज्य के मुखिया के घर से ये गांव मात्र 12 किलोमीटर दूरी पर है। जब राज्य के मुखिया के घर के बगल पर ऐसे हालात है तो अन्य जगहों पर क्या होंगे आप अंदाजा लगा सकते हैं।

पुंडेर गांव के ग्रामीणों का कहना है कि उनको चार किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। अब बात है पहाड़ के गावों की तो आपको पता है कि गांवों में अधिकतर घरों में केवल बुजुर्ग ही रह रहे हैं, ऐसे में कई घरों में बुजुर्गों को पीने के पानी के लिए बड़ी परेशानी उठानी पड़ रही है। लेबर लगाकर पानी मंगवाना पड़ रहा है। पानी के कारण प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान पर भी पलीता लग रहा है। लोग शौचालय का प्रयोग भी नहीं कर रहे हैं। अपितु खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।

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एक ओर राज्य सरकार जल जीवन मिशन के तहत हर घर को 1 रुपये में पानी का कनेक्शन देनी की बात कर रही है। वही राज्य सरकार की पुरानी पेयजल योजनाएं पूरी तरह बीमार पड़ रही हैं। जब अभी ये हालात है तो आने वाली गर्मियों में क्या हालत होंगे।

राज्य सरकार एक ओर जल जीवन मिशन के तहत हर घर को पानी देने की बात कर रही है, वही पहाड के गांव अभी से पानी के तरस रहे हैं। पेयजल समस्या को लेकर ज़हरीखाल ब्लॉक प्रमुख दीपक भण्डारी ने अधिशासी अभियंता पौड़ी को सूचित करते हुए कहा कि यदि जल्द ही क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें ग्रामीणों के साथ आंदोलन करने पर विवश हो पड़ेगा।

वहीँ सहायक अभियंता जल संस्थान सतपुली का कहना है कि हम पाइप लाइन को दुरुस्त कर रहे हैं, उम्मीद है कि जल्द पानी सुचारू रूप से चालू हो जाएगा।