श्रीनगर गढ़वाल : विगत एक वर्ष से भी अधिक समय से पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है। ऐसे समय में कोविड-19 के प्रति जागरूक करने एवं महिला सशक्तिकरण व बाल शिक्षा की महत्ता को देखते हुए डायट पौड़ी द्वारा प्राचार्य डॉ. महावीर कलेठा, समन्वयक डॉ. नारायण उनियाल एवं समस्त फैकल्टी के सहयोग से बीते 7 जून से विकासखंड वार लगातार ऑनलाइन वेबीनार के माध्यम से कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसी श्रृंखला में छठे दिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त शिक्षा निदेशक (एससीईआरटी) प्रदीप रावत ने दुगड्डा एवं जेरी जयहरीखाल विकासखंड की बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिला परिवार और समाज की धुरी है। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक रूप से देखा जाये तो पिता से अधिक जिम्मेदारियां मां निभाती है। माता परिवार के सभी सदस्यों, रिश्तेदारों एवं समाज के अन्य लोगों से सामंजस्य स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए समाज एवं देश की प्रगति के लिए बालिकाओं का शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होना बहुत आवश्यक है। श्री रावत ने आगे कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि मेरे लिए मेरी माता का स्थान मेरे पिता के स्थान से ऊपर है। क्योंकि मैंने बचपन से अपनी माता के संघर्षों को देखा है, कि किस तरह मेरी मा ने पारिवारिक सामंजस्य के साथ कठिन परिश्रम कर हमें अच्छे संस्कार के साथ पालपोस कर इस लायक बनाया है।
उन्होंने बालिकाओं से कहा कि जीवन साइकिल चलाना सीखने की तरह संघर्षपूर्ण है। जिस प्रकार साइकिल एक दिन में नहीं सीखी जा सकती है उसी प्रकार सफलता भी एक दिन में प्राप्त नहीं होती है। जिस प्रकार हम साइकिल चलाना सीखते समय गिरते हैं, फिर उठकर साइकिल चलाते हैं, फिर गिरते हैं और फिर उठकर साइकिल चलाते हैं। और जब यह क्रम लगातार चलता रहता है तो एक दिन हम अच्छी तरह से साइकिल चलाना सीख जाते हैं। ठीक उसी प्रकार जीवन में भी असफल होने पर पुनः और अधिक परिश्रम करके हम सफल हो सकते हैं। जिसके लिए निरंतर प्रयत्न करना पड़ता है।
डायट द्वारा आयोजित ऑनलाइन वेबीनार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि डायट पौड़ी का यह अभिनव प्रयोग है और इसके लिए डायट परिवार बधाई का पात्र है। साथ ही उन्होंने डायट से आग्रह किया कि इस कार्यक्रम का रोडमैप एससीईआरटी को उपलब्ध कराएं ताकि इसको राज्य के अन्य संस्थानों में भी क्रियान्वित किया जा सके।
बालिकाओं को कोविड-19 के प्रति जागरूक करने के लिए उन्होंने चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिरुद्ध नेगी एवं डॉ. आभा का आभार व्यक्त किया। समन्वयक डॉ. उनियाल ने कार्यक्रम में प्रेरणादायक वक्तव्य देने के लिए संयुक्त निदेशक का आभार व्यक्त किया। तथा उन्हें अवगत कराया कि शिक्षा विभाग के लिए गौरव का विषय है कि विगत 6 दिनों से कोविड-19 की जानकारी दे रहे डॉ. अनिरुद्ध नेगी के माता-पिता शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। उनके पिता महेंद्र सिंह नेगी राजकीय इंटर इंटर कॉलेज नवाखाल (खिर्सू) में गणित प्रवक्ता तथा माता श्रीमती आशा नेगी जू.हा. पंचुर में विज्ञान शिक्षिका हैं।
कार्यक्रम में जयहरीखाल के खंडशिक्षा अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव एवं दुगड्डा के खंड शिक्षा अधिकारी सुमेर सिंह कैंतूरा ने मुख्य अतिथियों सहित दोनों चिकित्सा अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। प्राचार्य डॉ. महावीर कलेठा, समन्वयक डॉ. नारायण उनियाल ने संयुक्त निदेशक का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि उनके निर्देशों का अक्षरशः से पालन करते हुए आगामी समय में भी जागरूकता एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।



