Home उत्तराखण्ड जौलीग्रांट एयरपोर्ट के नामकरण पर उत्तराखंड में सियासत तेज

जौलीग्रांट एयरपोर्ट के नामकरण पर उत्तराखंड में सियासत तेज

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देहरादून: उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून स्थित जौलीग्रांट हवाई अड्डे का नाम देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने के कैबिनेट के फैसले को लेकर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताते हुए सरकार को याद दिलाया है कि उनकी सरकार ने पहले ही जौलीग्रांट हवाई अड्डे का नाम जगदगुरु आदि शंकराचार्य के नाम पर रखने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। कांग्रेस का कहना है कि क्या बीजेपी हिन्दुओ के धर्मगुरु आदि शंकराचार्य का सम्मान नहीं करती है।

बता दें कि तीन दिन पहले बीते शनिवार को उत्तराखंड सरकार ने कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पास किया कि देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर रखा जाएगा। जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वर्तमान सरकार को याद दिलाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने पहले ही इस एयरपोर्ट का नाम आदि शंकराचार्य के नाम पर रखने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा हुआ है। कांग्रेस ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब पूर्व सरकार द्वारा एयरपोर्ट का नाम जगदगुरु आदि गुरु शंकराचार्य के नाम पर रखे जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार में विचाराधीन है तो फिर प्रदेश सरकार को यह निर्णय लेने की आवश्यकता क्यों पड़ गई। क्या भाजपा सरकार नहीं चाहती कि एयरपोर्ट का नाम आदि गुरु शंकराचार्य के नाम पर हो? उनका कहना है कि राज्य सरकार का यह फैसला भाजपा के हित में हो सकता है, लेकिन क्या राज्यहित में है। जिसके बाद से भाजपा सरकार इस फैसले को लेकर थोड़ा मुश्किल में दिखाई दे रही है। सरकार इस मुद्दे पर हिन्दुओ के धर्मगुरु आदि शंकराचार्य ने नाम का विरोध करने की स्थित में भी नहीं है।

हालांकि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष गैरजिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहा है। कांग्रेस के कार्यकाल में ऐसा कोई प्रस्ताव लाया ही नहीं गया था। यह किसी से छिपा नहीं है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का उत्तराखंड से विशेष लगाव रहा है। उनके ही कार्यकाल में उत्तराखंड अस्तित्व में आया और फिर राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा देते हुए औद्योगिक पैकेज भी मिला। सियासी नजरिये से सभी दलों ने उनकी इस पहल को सिर आंखों पर बैठाया।

पूर्व प्रधानमंत्री के निधन के बाद उनकी अस्थियों का विसर्जन हरिद्वार के साथ ही राज्य के विभिन्न स्थानों पर हुआ। इस सबके मद्देनजर प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी के नाम पर विभिन्न स्थलों के नामकरण के साथ ही योजनाएं संचालित करने की तैयारी की है। इस कड़ी में सरकार ने जौलीग्रांट हवाई अड्डे का नाम स्व. वाजपेयी के नाम पर रखने का फैसला लिया। अब इस फैसले पर कांग्रेस ने आपत्ति जता दी है।

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