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पौड़ी: उत्तराखंड में अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के बोर्ड परीक्षाओं में खराब प्रदर्शन पर स्कूलों के शिक्षकों पर एक तरफा कार्रवाई व ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी स्कूलों को खोले रखने के निर्देश का राजकीय शिक्षक संघ ने विरोध जताया। विद्यालय शिक्षा महानिदेशक से अपने आदेश को वापस लेने की मांग की।  दरसल अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में न्यून परीक्षाफल रहने पर महानिदेशक विद्यालय शिक्षा की ओर से पत्र जारी कर शिक्षकों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई का आदेश जारी किया गया है। संघ ने महानिदेशक के एकतरफा आदेश का विरोध करते हुए शीघ्र वापस लेने की मांग की।

पौड़ी में हुई राजकीय शिक्षक संघ की बैठक में संघ के जिलाध्यक्ष बलराज सिंह गुसाईं ने कहा कि राजकीय विद्यालयों में शिक्षक विषम परिस्थितियों में सेवाएं दे रहे हैं। संसाधनों का भी अभाव बना रहता है। ऐसे में अटल उत्कृष्ट विद्यालयों का रिजल्ट बेहतर न होने पर शिक्षकों पर कार्रवाई करना गलत है। जिला मंत्री विजेंद्र सिंह बिष्ट ने शिक्षा महानिदेशक से अपने आदेश पर फिर से विचार करने की मांग की। बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि मौजूदा समय में स्थानांतरण में अनुरोध के आधार पर शत प्रतिशत रिक्त पदों पर स्थानांतरण होने चाहिए। बैठक में संघ के जिला उपाध्यक्ष मनोज काला, संरक्षक जयदीप रावत, संगठन मंत्री राजेश भटट, संयुक्त मंत्री आशीष खर्कवाल आदि मौजूद रहे।

वहीँ अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के बोर्ड परीक्षाओं में खराब प्रदर्शन पर शिक्षकों का कहना है कि विभाग द्वारा राज्य में पुराने स्कूलों को अटल उत्कृष्ट विद्यालय का नाम देकर सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध किया गया था। ऐसे में सालों से हिंदी माध्यम से पढ़ रहे छात्रों को अचानक पढ़ाई अंग्रेजी में करनी पड़ी, जिससे उनकी कठिनाई और बढ़ गई। उनका कहना है कि स्कूलों का नाम बदलकर उन्हें इनके हाल पर ही छोड़ दिया। गौरतलब है कि  उत्तराखंड में अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के बोर्ड परीक्षाओं में हाईस्कूल के 8499 छात्रों में से केवल 5141 बच्चे ही पास हो पाए, जबकि इंटरमीडिएट के कुल 12534 छात्रों में से 6454 छात्र ही पास हो पाए।

वहीँ, कर्णप्रयाग में जिला महामंत्री प्रकाश चौहान ने कहा कि पहली बार छात्रों ने सीबीएसई के निर्धारित पाठ्यक्रम, प्रश्नपत्र एवं मूल्यांकन पैटर्न का सामना किया है। प्रांतीय कार्यकारिणी को भेजे ज्ञापन में महानिदेशक के उक्त आदेश को वापस लेने की मांग की।

इसके अलावा रुद्रप्रयाग में भी राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश भट्ट ने भी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध किया। संघ छात्र हित में ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी छात्रों को पढ़ाने के लिए तैयार है। मगर इसके बाद विभाग उन्हें उपार्जित अवकाश दे। इस मौके पर ललिता रौतेला, कुसुम भट्ट, विमला राणा, शंकर भट्ट, शंभू ओडियाल, अंकित रौथाण, मित्रानंद मैठाणी, भुवनेश्वरी मौजूद थे।