मुंबई: मीडिया, साहित्य और कानून के परिवर्तनशील संगम” विषय पर Tata Institute of Social Sciences (टीआईएसएस), मुंबई में 8 से 10 मार्च 2026 तक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन टीआईएसएस के सेंटर फॉर लाइफलॉन्ग लर्निंग, स्कूल ऑफ सोशल वर्क द्वारा Ministry of Youth Affairs and Sports (MoYAS) के युवा कार्य विभाग के सहयोग से किया गया।
संगोष्ठी की नोडल अधिकारी टीआईएसएस की प्राध्यापक डॉ. साईगीता चित्तुरु रहीं। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के लगभग 70 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें एनएसएस एवं माई भारत के स्वयंसेवक, शोधकर्ता, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि तथा टीआईएसएस के छात्र शामिल रहे।
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसमें 200 से अधिक दर्शकों ने ऑनलाइन जुड़कर सत्रों का लाभ उठाया। विविध पृष्ठभूमि से आए प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी ने संगोष्ठी को ज्ञान-विनिमय और विचार-विमर्श का सशक्त मंच बनाया।
संगोष्ठी के दौरान मुख्य वक्तव्य, पूर्ण सत्र और विषयगत शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। इनमें डिजिटल मीडिया के माध्यम से युवाओं की पहचान, भागीदारी, रचनात्मकता और सक्रियता में हो रहे बदलावों पर गहन चर्चा की गई। साथ ही साइबर नैतिकता, डिजिटल गवर्नेंस, फेक न्यूज और ऑनलाइन सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
समापन पर यह निष्कर्ष सामने आया कि डिजिटल युग में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और वे भविष्य की दिशा तय करने में अहम योगदान दे रहे हैं। यह संगोष्ठी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद, सहयोग और नेटवर्किंग को बढ़ावा देने में सफल रही।



