NEET UG 2026 Exam Cancelled: पेपर लीक के आरोपों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आज NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। यह करीब 22.79 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी। NTA ने कहा कि अब परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। नई तारीख बाद में जारी की जाएगी।
नीट परीक्षा रद्द होने से कैंडिडेट्स निराश
नीट परीक्षा रद्द होने की खबर आने से कैंडिडेट्स बेहद निराश हैं। उनका कहना है कि परीक्षा अच्छी गई थी। अब हमें दोबारा तैयारी करनी होगी। राजश्री, राधिका, निकुंज, श्रवणी आदि कैंडिडेट्स का कहना है कि पहले हमें अफवाह लगी, लेकिन जब पता चला तो प्रोफेसर से मिलने पहुंच गए। ऐसा पहली बार नहीं है। यह पहले भी हुआ है तो हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है। हम लोग 5-5 घंटे पढ़ते थे। एग्जाम खत्म होने के बाद रिलैक्स हो गए थे। समझ नहीं आ रहा है कि अब क्या करें?
पहले कौन करता था ये एग्जाम?
2013 में जब NEET परीक्षा पहली बार आयोजित हुई थी, तब इसकी जिम्मेदारी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पास थी। बाद में वर्ष 2019 से इस परीक्षा का संचालन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को सौंप दिया गया।
2024 में भी हुआ था पेपर लीक, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था मामला
पेपर लीक के संदेह में इस बार भी (3 मई को हुई) नीट यूजी परीक्षा 2026 रद्द कर दी गई है। इस विवाद ने साल 2024 के नीट पेपर लीक विवाद की यादें ताजा कर दी हैं। दो साल पहले पेपर लीक, ग्रेस मार्क्स, असामान्य रिजल्ट और परीक्षा की पारदर्शिता को नीट यूजी परीक्षा बुरी तरह विवादों से घिर गई थी। पेपर रद्द करने की मांग को लेकर खूब धरना प्रदर्शन किए गए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था और कई बार सुनवाइयां चली थीं। बताया गया कि 2024 की नीट परीक्षा में कई छात्रों को परीक्षा से पहले ही पेपर मिल गया था। बिहार पुलिस और बाद में CBI ने जांच शुरू की और कई गिरफ्तारियां हुईं। कुछ छात्रों ने कथित तौर पर 30–50 लाख रुपये देकर पेपर खरीदा था। रिजल्ट आया तो इसमें 67 छात्रों ने टॉप किया। सबकी ऑल इंडिया रैंक 1 आई। ऐसा नीट के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। 1404 परीक्षा केंद्रों से 2321 छात्रों को 700 से अधिक अंक मिले। कई छात्रों के 718 और 719 जैसे असंभव अंक भी आए जो कि सामान्य तरीके से आना संभव नहीं थे। इससे छात्रों को शक हुआ कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है।
NTA ने सफाई में बताया था कि कुछ छात्रों को “ग्रेस मार्क्स” दिए गए थे क्योंकि उनके परीक्षा केंद्रों पर समय बर्बाद हुआ था। भारी विरोध के बाद इन ग्रेस मार्क्स को हटाया गया और उन छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराई गई। बाद में ग्रेस मार्क्स हटने और री-एग्जाम के बाद 720 में से 720 पाने वाले छात्रों की संख्या घटकर 17 रह गई थी। लेकिन नीट 2024 में नंबर भर भर कर आने के चलते मार्क्स का इनफ्लेशन हो गया था। अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थी सरकारी मेडिकल कॉलेज पाने से चूक गए थे। एमबीबीएस पाने की कटऑफ काफी ऊपर चली गई थी। बिहार में NEET परीक्षा में सॉल्वर गैंग एक्टिव थी। 60 लाख रुपए में एक सीट की डील हुई थी। एग्जाम से ठीक पहले पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था। इसका मास्टरमाइंड एक MBBS स्टूडेंट था। नालंदा पुलिस ने गिरोह के 7 लोगों को गिरफ्तार किया था।
CBI को सौंपी गई मामले की जांच
NTA ने कहा कि 10 मई 2026 की प्रेस रिलीज के क्रम में यह फैसला लिया गया है। एजेंसी के मुताबिक, 8 मई को परीक्षा से जुड़े मामलों को स्वतंत्र जांच और जरूरी कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेजा गया था। इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से मिले इनपुट और जांच रिपोर्ट की समीक्षा की गई। पेपर लीक होने को लेकर CBI जांच के भी आदेश दिए गए हैं। NTA ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया। उधर, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से दिल्ली में इस मामले में मीडिया ने सवाल पूछा तो वह बिना कुछ बोले निकल गए।
नीट 2026 पेपर लीक विवाद में भी राजस्थान के सीकर का नाम चर्चा में, केरल से सीकर कैसे पहुंचा क्वेश्चन बैंक?
NEET-2026 का पेपर ‘क्वेश्चन बैंक’ (गेस पेपर) के जरिए लीक किया गया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। ये सभी हाथ से लिखे गए और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 मई को केरल के कॉलेज में MBBS कर रहे चूरू के एक लड़के ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर में अपने दोस्त को भेजा। 2 मई को यह ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर के एक पीजी संचालक को मिला। उसने इसे अपने यहां रहने वाले छात्रों को दे दिया। उनके माध्यम से यह अन्य छात्रों और करियर काउंसलर्स तक पहुंचा और फिर छात्रों के बीच बंटता चला गया। 3 मई को परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और एनटीए को यह शिकायत दी थी कि एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ बड़ी संख्या में छात्रों को मिला है। 6-7 मई को आंसर-की और परीक्षा से जुड़ी चर्चाएं ऑनलाइन सामने आने के बाद छात्रों और कोचिंग सेंटर्स में एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ को लेकर चर्चा शुरू हुई, जो कथित तौर पर असली परीक्षा से काफी मिलता-जुलता था। 7 मई को NTA ने पुष्टि की कि उसे परीक्षा के 4 दिन बाद, यानी 7 मई को कथित गड़बड़ियों से जुड़े इनपुट मिले थे। एजेंसी ने बताया कि यह मामला राजस्थान और उत्तराखंड से सामने आया। 8 मई को NTA ने जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी। 10 मई को राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कहा कि उसने नीट पेपर लीक मामले की जांच शुरू कर दी है। 12 मई तक सीकर और आसपास के इलाकों से 13 लोगों को अरेस्ट किया।
‘क्वेश्चन बैंक’ में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। इसमें से 150 सवाल हूबहू NEET के पेपर में आए। पेपर में कुल 180 सवाल हल करने होते हैं और प्रत्येक सवाल 4 अंक का होता है। यानी 720 में से 600 नंबर के सवाल सीधे ‘क्वेश्चन बैंक’ से आए।
एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी विशेष क्वेश्चन बैंक से परीक्षा में कुछ सवाल हूबहू आने की संभावना रहती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रश्न आने की संभावना आमतौर पर नहीं होती।
अब तक यह आंकड़ा तो सामने नहीं आया है कि कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ कितने छात्रों तक पहुंचा, लेकिन यह संख्या बड़ी होने की आशंका है। दरअसल, जिन लोगों को ये वॉट्सएप पर यह मिला, उसमें मैसेज के साथ ‘फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स’ लिखा आ रहा है।
अब इसके तार केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र तक जुड़ रहे हैं। नासिक पुलिस ने बताया कि नीट पेपर लीक मामले में यहां युवक को हिरासत में लिया गया है। राजस्थान पुलिस की एक टीम यहां पहुंचने वाली है। इस बीच, सूत्रों ने दावा किया है कि आरोपी फिलहाल BAMS की पढ़ाई कर रहा है। इसके अलावा, पता चला है कि वह एक मेडिकल काउंसलिंग एजेंसी भी चलाता है।



