Factory Workers Agitation in Noida

Noida Workers Protest News: नोएडा में प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों का वेतनवृद्धि और अन्य मांगों को लेकर गुस्सा सड़कों पर दिख रहा है। प्रदेश के इस वाणिज्यिक शहर में पिछले एक सप्ताह से कर्मचारियों का गुस्सा भड़का हुआ है। कपड़ा ट्रेडर्स के कर्मचारियों की हड़ताल से शुरू हुआ विवाद अब शहर के अन्य फैक्ट्री और कंपनियों तक पहुंच गया है। सोमवार को सेक्टर-62, 59, 84, नोएडा फेज-2 और सूरजपुर के आसपास के पूरे इलाके में कर्मचारी सड़कों पर उतर कर उग्र प्रदर्शन करते दिखे। हालात ऐसे बिगड़े कि कई जगहों पर गाड़ियों में आग लगाने तथा फैक्ट्रियों के बाहर तोड़फोड़ का घटना की भी खबर है। इसबीच पुलिस की गाड़ी पलट दिए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद भीड़ का गुस्सा इतना ज्यादा था कि हालात काबू में लाना आसान नहीं रहा। सड़कों पर धुआं, टूटे शीशे, भागते लोग दिखे। लेकिन इस हंगामे के पीछे सिर्फ गुस्सा नहीं था बल्कि एक लंबा दबा हुआ दर्द था, जो अब बाहर आ रहा। कर्मचारियों के आक्रोश को शांत करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं।

क्या है पूरा मामला

प्रदर्शन के बीच सबसे ज्यादा जो बात सामने आई, वो थी महंगाई और कम वेतन की मार। कई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे 10-12 घंटे तक काम लिया जाता है, लेकिन उसके मुकाबले सैलरी बेहद कम है। एक कर्मचारी ने कहा, ऊपर वाले अधिकारी कभी सैलरी की बात ही नहीं करते। बस काम लो जब हम अपनी बात रखते हैं तो कोई सुनने को तैयार नहीं होता। महिला कर्मचारियों ने भी साफ कहा कि इतनी कम सैलरी में शहर में रहना मुश्किल हो गया है। किराया हर साल बढ़ता है, लेकिन हमारी सैलरी नहीं बढ़ती। एक महिला कर्मचारी ने बताया कि 11 हजार की सैलरी में तो 4 हजार का सिलेंडर ही आ जाता है। बाकी खर्चा कहां से करें ?  उनकी बात सुनते ही आसपास खड़े कई लोग सहमति में सिर हिलाने लगे। महिला ने आगे कहा, हर चीज महंगी हो गई है। गैस भरवाओ तो 400 रुपये किलो पड़ रही है। घर का किराया अलग, बच्चों की फीस अलग लेकिन सैलरी वही की वही। ऐसे में कैसे जिएं?

वहीँ न्यूज एजेंसी आईएनएस के मुताबिक, इस पूरे विवाद की जड़ ‘रिचा ग्लोबल’ नाम की कंपनी को माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, रिचा ग्लोबल की एक यूनिट हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित है, जहां पिछले कई दिनों से श्रमिक सैलरी वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। वहां कंपनी मैनेजमेंट ने 35 प्रतिशत तक सैलरी बढ़ाने को मंजूरी दी।

इसके तहत टेक्निकल स्टाफ की सैलरी 20,000 और नॉन-टेक्निकल स्टाफ की सैलरी 15,000 कर दी गई। इसी फैसले के बाद नोएडा फेस-2 में स्थित रिचा ग्लोबल की चार अन्य फैक्ट्रियों में कार्यरत सैकड़ों श्रमिकों ने भी समान सैलरी वृद्धि की मांग शुरू कर दी। उनका कहना है कि जब कंपनी ने फरीदाबाद यूनिट में सैलरी बढ़ाया है, तो नोएडा के कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। श्रमिकों की मांग है कि यहां भी सभी कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 20,000 की जाए।

धीरे-धीरे यह विवाद केवल रिचा ग्लोबल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास की अन्य एक्सपोर्टर कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों में भी फैल गया। बड़ी संख्या में श्रमिक सड़कों पर उतर आए, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में कामकाज भी प्रभावित हुआ। लगातार बीते कई दिनों से चल रहे इस प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। श्रम आयुक्त समेत कई अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन के साथ घंटों तक बातचीत की थी।

क्या है मुख्य मांगे?

प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों की मुख्य मांगे हैं कि उनकी सैलरी 20,000 रुपये मासिक किया जाए। बैंक अकाउंट में 30 नवंबर तक बोनस दिया जाए। किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक रूप से नौकरी से न निकाला जाए। ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाए। कोई कटौती न हो। हर कर्मी को साप्ताहिक अवकाश मिले रविवार को काम कराया जाए तो उसका दोगुना भुगतान किया जाए। प्रशासन का दावा है कि श्रमिकों की अधिकांश मांगों को लिखित रूप में मान लिया गया है।

फैक्ट्री मालिकों को निर्देश भी दिए गए हैं कि वे श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करें। हालांकि, श्रमिकों का कहना है कि सेलरी वृद्धि के मुद्दे पर उन्हें अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। कंपनी मैनेजमेंट इस पर टालमटोल कर रहा है। इसी वजह से उनका आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा।

नोएडा मामले में अफवाह फैलाने पर केस

नोएडा में कर्मचारियों के प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर शुरू हो गया है। वहीं, इन अफवाहों को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले दो हैंडल्स के विरुद्ध नोएडा पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज की खबर सामने आई है। फर्जी तरीके से दोबारा हिंसा भड़कने और जाम किए जाने की खबरों के बाद यह कार्रवाई की गई है।

नोएडा में पुलिसकर्मियों की छुटि्टयां रद्द

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है। कमिश्नरेट की ओर से निर्देश दिया गया है कि जो भी पुलिसकर्मी छुट्टी पर हैं, वे 24 घंटे के भीतर वापस आएं। अपना कार्यभार ग्रहण करें।

प्रशासन हरकत में, बुलाई अहम बैठक

हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए। नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-06 स्थित सभागार में एक बड़ी बैठक बुलाई गई, जिसमें प्रशासन, पुलिस और कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में यह साफ कहा गया कि कर्मचारियों और उद्यमियों दोनों के हितों की रक्षा जरूरी है। सरकार की प्राथमिकता औद्योगिक शांति बनाए रखना और कर्मचारियों का कल्याण सुनिश्चित करना है।

अधिकारियों ने बताया कि नए श्रम नियमों के तहत कई अहम प्रावधान लागू किए जा रहे हैं :

  • न्यूनतम वेतन की गारंटी
  • समय पर पूरा वेतन भुगतान
  • ओवरटाइम पर दोगुना पैसा
  • साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य
  • समान काम के लिए समान वेतन
  • ईपीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा
  • इसके अलावा छंटनी की स्थिति में मुआवजा, सुरक्षित कार्यस्थल और महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

महिलाओं की सुरक्षा और शिकायत व्यवस्था

प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए कि हर कंपनी में आंतरिक शिकायत समिति बनाई जाए, जिसकी अध्यक्षता महिला सदस्य करें। साथ ही शिकायत पेटियां लगाने और हेल्पलाइन के जरिए समस्याओं के समाधान की व्यवस्था भी की गई है। कर्मचारियों की मदद के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है।