Rain Alert In Uttarakhand: उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए राज्य के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक का पूर्वानुमान जारी किया है। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने भी एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 30 अगस्त को प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं 31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीँ टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा एक और दो सितंबर को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में भारी बारिश का अनुमान है। विभाग ने चेताया है कि भारी से बहुत भारी बारिश से भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने की संभावना है। सड़कें और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक 4 सितंबर तक प्रदेश के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
इन जिलों में सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद
भारी बारिश की संभावना को देखते हुए देहरादून, पौड़ी, चमोली और नैनीताल में जिलाधिकारियों ने अपने अपने जिलों के सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक की कक्षाएं तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।
वहीं बागेश्वर जिलाधिकारी की ओर से भी एहतियाती आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
फ्लैश फ्लड रिस्क बुलेटिन में ‘एरिया ऑफ कंसर्न’ शून्य
मौसम विभाग की ओर से 29 अगस्त की सुबह जारी फ्लैश फ्लड रिस्क बुलेटिन में उत्तराखंड के लिए फिलहाल ‘एरिया ऑफ कंसर्न’ शून्य बताया गया है। हालांकि, इसके बावजूद लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरोध, नालों के उफान और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति की जानकारी लेते हुए ही यात्रा करने की अपील की गई है।
भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश के चलते कई संपर्क मार्गों पर आवागमन बाधित होने की स्थिति बनी हुई है। वहीं नदी-नाले भी उफान पर हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ने के साथ ही पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर गिरने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करें। बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें।
बारिश के अलर्ट के बीच इन सावधानियों का रखें ध्यान
- अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें।
- घरों के दरवाजे और खिड़कियां अच्छी तरह बंद रखें।
- बिजली के उपकरणों को आवश्यकता न होने पर स्विच ऑफ रखें।
- नालियों और गटर को साफ रखें, ताकि पानी की निकासी सुचारु बनी रहे।
- बाहर निकलना जरूरी हो तो जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
- निचले इलाकों, नदी-नालों और पुलों के आसपास जाने से बचें।
- वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और विशेष सावधानी बरतें।
- पानी से भरी सड़कों पर वाहन ले जाने से बचें।
- बिजली के तारों, खंभों और टूटे हुए पेड़ों से दूरी बनाए रखें।
- जरूरत पड़ने पर छतरी या रेनकोट साथ रखें।
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभागों के निर्देशों का पालन करें।













