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पहाड़ों में बारिश का कहर जारी: घनसाली में बादल फटने से पूरा परिवार मलबे में दफ़न

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नई टिहरी: उत्तराखण्ड में बारिश और बादल फटने का कहर लगातार जारी है। अभी अभी प्राप्त सूचना के अनुसार बुधवार सुबह लगभग चार बजे टिहरी जनपद के अंतर्गत घनसाली के कोट गांव में बादल फटने से मकान ध्वस्त हो गया है, जिसके मलबे में एक पूरा परिवार दफ़न हो गया है। बताया जा रहा है कि थाती बूढाकेदार के कोट गॉव मे आज सुबह बादल फटने से घर मे सो रहे एक ही परिवार के 7 लोग जिन्दा दफ़न हो गए हैं अभी तक 3 शव निकाले जा चुके हैं। ये भी खबर आ रही है कि इस परिवार की एक बच्ची जिन्दा बच गई है।

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बादल फटने की घटना से घनसाली में कोहराम मच गया। राहत बचाव दल मलबे में दबे लोगों को ढूंढने में जुट गया है।उत्तराखण्ड में मौसम का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहाड़ों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। पिछले कुछ दिनों में बादल फटने और लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन से पहाड़ों में कई जगह भयंकर तबाही का मंजर देखने को मिला है अभी सोमवार को ही चमोली जिले में तेज बारिश के कारण पिंडर नदी के कटाव से हो रहे भूस्खलन के कारण पांच दुकानें जमींदोज हो गईं। इसके अलावा कोटद्वार में भी भयंकर बारिश और बदल फटने से एक एक महिला की मौत हो गई थी तथा कई बीघा जमीन बह गई थी।

भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़कों पर आना-जाना मुश्किल हो रहा है। उत्तराखण्ड में 150 से ज्यादा संपर्क मार्गों पर आवागमन बाधित है। भूस्खलन का सर्वाधिक प्रभाव पौड़ी जिले में है। यहां 80 सड़कें बाधित हैं।बदरीनाथ के पास लामबगड़ में हाईवे सातवें दिन भी नहीं खुल पाया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के जवान मलबा हटाने के लिए मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन भूस्खलन से लगातार दरक रही पहाड़ी के कारण सड़क मार्ग आवागमन के लिए खोलना चुनौती बन गया है।

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