Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण से प्रभावित विभिन्न गांवों के किसानों का कई समस्याओं को लेकर बीते 43 दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन महापड़ाव अब उग्र होता जा रहा है। मंगलवार को हजारों की संख्या में इकट्ठा हुए किसानों ने जुलूस निकालकर प्राधिकरण के दोनों गेट बंद कर दिए। इस दौरान पुलिस व किसानों के बीच झड़प हो गई। हालाँकि शाम पांच बजे किसानों ने एक गेट को इस घोषणा के साथ स्वयं खोल दिया कि यदि किसानों की समस्याएं एक सप्ताह में दूरी नहीं हुई तो प्रािकरण को पूरी तरह से जाम कर दिया जाएगा।
किसानों के धरना प्रदर्शन में सपा व विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। ज्ञात हो किसानों की प्रमुख मांगों 10 फीसद आबादी भूखंड, रोजगार, आबादियों की लीजबैक, जमीन अधिग्रहण के नए कानून लागू करने आदि मांगों को लेकर क्षेत्र के किसान अनिश्चितकालीन महापड़ाव पर बैठे हैं। कई तौर की वार्ता के बाद भी समस्याओं का निस्तारण न होने पर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों ने मंगलवार से डेरा डालो घेरा डालो का ऐलान किया था। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में किसान प्राधिकरण गोल चक्कर पर इकट्ठा हुए और जुलूस के रूप में आगे बढ़े। इस दौरान एहतियात के तौर पर प्राधिकरण के गेट नंबर- 1 पर डीसीपी सेंट्रल नोएडा राम बदन सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स पहले से ही मौजूद था। पुलिस ने किसानों को रोकने की कोशिश की,लेकिन किसान बैरीकेड को तोड़ते हुए आगे बढ़ गए और गेट नंबर-1 पर कब्जा कर लिया।
बता दें कि गेट नंबर-2 पर किसान पहले से कब्जा किए हुए हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान सभा के प्रवक्ता डॉ. रूपेश वर्मा ने कहा कि प्राधिकरण की सीईओ किसानों की समस्याओं को हल नहीं करना चाहती हैं। क्षेत्र के विभिन्न गांवों के किसान 43 दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि अबकी बार किसान किसी आासन अथवा लिखित आासन के लिए नहीं आया है, बल्कि ठोस नतीजे प्राप्त करने आए हैं। उनका कहना है कि जब तक किसानों की समस्याएं हल नहीं होती डेरा डालो घेरा डालो के तहत सैकड़ों किसान प्राधिकरण पर ही घर बनाकर आज से रहना शुरू कर दिया है।
धरना प्रदर्शन में किसान सभा के जिलाध्यक्ष नरेंद्र भाटी, सूबेदार ब्रह्मपाल, वीर सिंह नागर, सपा नेता गजराज सिंह, सपा जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी, इंदर प्रधान, किसान यूनियन अंबावता के कृष्ण, बृजेश, किसान परिषद के नेता सुखवीर खलीफा, सुनील फौजी सहित बड़ी संख्या में किसान संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।