World Dairy Summit-2022

ग्रेटर नोएडा : दिल्ली एनसीआर के ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित चार दिवसीय वर्ल्ड डेयरी समिट-2022 का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेयरी क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों एवं पर्यावरण पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव के मद्देनजर सतत विकास का संकल्प लिया गया। समापन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय पशु पालन एवं डेयरी विकास मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला ने कहा कि भारत सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सतत विकास मानकों को दूध उत्पादकों पर थोपे जाने के बजाय इसे अपनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र के अपशिष्ट के मुद्दे से निपटने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, जिसके लिए अपशिष्ट से धनोपार्जन कार्यक्रम सहित कई पहलों में कियानों आय बढ़ाने के लिए गोबर का उचित उपयोग शामिल है। हमारे नायक 8 करोड़ डेयरी किसान हैं, जिनमें महिलाओं का योगदान 70 फीसद है। उन्होंने भारत में 48 वर्षो के बाद आयोजित हुए इस सम्मेलन में विचार मंथन के लिए शामिल हुए संयुक्त राज्य अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका,जापान व कनाड़ा सहित 50 से अधिक देशों के 1500 से अधिक प्रतिनिधियों सहित वैश्विक विशेषज्ञों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

दुनिया भर के प्रमुख डेयरी विशेषज्ञों ने 24 सत्रों में भाग लिया, जिसमें सतत विकास से लेकर उत्पादकता, पोषण आहार और स्वास्थ्य तक कई मुद्दों पर चर्चा की गई। समापन सत्र में केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के सचिव जितेंद्र नाथ स्वैन ने डेयरी और इसकी सतत विकास को अगले स्तर तक ले जाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। वहीं डेयरी महासंघ के अध्यक्ष पियरक्रिस्टियानो ब्रेजाले ने भारत के डेयरी क्षेत्र में डिजिटलीकरण की सराहना करते हुए कहा कि मैं भारत के डेयरी उद्योग में डिजिटलीकरण के स्तर से बहुत हैरान हूं। महानिदेशक कैरोलिन एमोंड ने जलवायु परिवर्तन के अनुपालन और विकास को सुनिश्चित करने के लिए भारत के साथ काम करने का वायदा किया।