Pauri News: बीते 12 सितंबर को पौड़ी बाल संप्रेक्षण गृह में पॉक्सो ऐक्ट में निरुद्ध कोटद्वार निवासी 17 वर्षीय नाबालिग के आत्महत्या करने के मामले का उत्तराखंड मानव अधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विजय कुमार बिष्ट ने मंगलवार को बाल संप्रेक्षण गृह का स्थलीय निरीक्षण किया। अफसरों की बैठक लेते हुए बाल संप्रेक्षण गृह में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद आयोग अध्यक्ष अपनी रिपोर्ट शासन को देंगे। बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण के बाद आयोग के अध्यक्ष न्यामूर्ति विजय कुमार बिष्ट ने पौड़ी में संबंधित अफसरों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि भ्रमण का मकसद बाल सुधार गृह में इस प्रकार की घटना दोबारा न हो इसके लिए उचित एवं प्रभावी कार्रवाई करवाना है। आयोग अपने स्तर से भी प्रकरण को लेकर रिपोर्ट शासन को देगा। इससे पहले बाल संप्रेक्षण गृह के निरीक्षण के दौरान आयोग अध्यक्ष ने प्रवेश और निकासी संबंधी पंजिकाओं के साथ सीसीटीवी फुटेज, शयन कक्ष, ऑर्ब्जवेशन कक्ष, मनोरंजन कक्ष, रसोईघर, स्टोर और शौचालय आदि का निरीक्षण किया।
अफसरों को निर्देश दिए कि बाल संप्रेक्षण गृह में जो भी अतिरिक्त सुविधाएं या व्यवस्थाएं की जा सकती हैं, उसे प्राथमिकता से करने को कहा। आगे ऐसी घटनाएं दोबारा न हो इसके लिए उन्होंने अफसरों को बाल संप्रेक्षण गृह में आने वाले नाबालिगों पर केंद्रित क्रियाकलापों को शामिल करने, उनकी मनोदशा को सकारात्मक बनाए रखने के लिए जीवन को प्रभावित करने वाली डाक्यूमेंटरीज आदि पहलुओं पर अमल करने को कहा।
बैठक में अफसरों ने बाल संप्रेक्षण गृह को और अधिक व्यवस्थित और कंफर्ट बनाये जाने के लिए सुझाव भी अध्यक्ष के सम्मुख रखे। इस मौके पर सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ आशीष चौहान, अपर सचिव/निदेशक,बाल विकास प्रशान्त आर्य, एसएसपी गढ़वाल लोकेश्वर सिंह, एडीएम ईला गिरी, जॉइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र सेठ, अनुसचिव राजेन्द्र सिंह झिंक्वांण, श्री मोहित चौधरी, डीपीओ देवेंद्र थपलियाल तहसीलदार दीवान सिंह राणा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।













