पौड़ी। मुख्यमंत्री की पहल पर जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत कल्जीखाल में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर प्रचार-प्रसार के अभाव में अपेक्षित लोगों तक नहीं पहुंच सका। मौसम की खराबी के बीच सूचना के व्यापक प्रसार की कमी ने भी शिविर की उपयोगिता पर सवाल खड़े किए। स्थिति यह रही कि कई जनप्रतिनिधियों को शिविर के आयोजन की जानकारी तक नहीं मिली।
15 अक्टूबर को विकासखंड कल्जीखाल के ब्लॉक कार्यालय परिसर में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया था। इसके लिए खंड विकास अधिकारी की ओर से तीन अक्टूबर को पंचायत प्रतिनिधियों और ब्लॉक एवं जिला स्तरीय कुछ विभागों को प्रतिभाग करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद शिविर की सूचना सभी जनप्रतिनिधियों तक नहीं पहुंच सकी। संचार के आधुनिक साधनों के दौर में भी सूचना का प्रभावी प्रसार नहीं होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पिछले सप्ताह पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की सूचना भी कई जनप्रतिनिधियों तक नहीं पहुंची थी। इस कार्यक्रम में राज्य मंत्री हेमंत द्विवेदी ने अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया था।
सरकार की ओर से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन प्रचार-प्रसार में कमी के कारण इनका उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के साथ ही सूचना तंत्र को प्रभावी बनाने की जरूरत है, ताकि ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
जगमोहन डांगी

















