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देवप्रयाग महाविद्यालय में नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम पर कार्यशाला का आयोजन

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National Apprenticeship Promotion Scheme

देवप्रयाग : ओंकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग में आज कैरियर काउंसलिंग समिति और IQAC के संयुक्त तत्वाधान में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. प्रीति कुमारी की अध्यक्षता में नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन कौशल विकास कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रतीक गोयल ने किया। इस दौरान आईटीआई देवप्रयाग से उपस्थित विवेक पंत, वीरेंद्र सिंह, भुवनेश्वर सिंह का स्वागत किया गया।

मुख्य वक्ता विवेक पंत ने छात्र छात्राओं को केंद्र सरकार द्वारा संचालित नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि यह योजना केंद्र सरकार द्वारा 2016 से  भारत में  कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इससे छात्र-छात्राएं कैसे लाभान्वित हो सकते हैं, इसके विषय में जानकारी प्रदान करते हुए एनएपीएस पोर्टल पर लॉग इन करने से लेकर रजिस्ट्रेशन करने तक की पूरी प्रक्रिया साझा की गई। पंत ने कहा कि हमारे देश में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इस स्कीम के माध्यम से हम अपना रजिस्ट्रेशन कर सीधा कंपनियों के साथ जुड़ सकते हैं और रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी के अंदर कोई विशेष प्रतिभा अवश्य होती है हमें आवश्यकता सिर्फ इतनी है कि हम अपनी इस प्रतिभा को पहचाने और उससे कुछ सृजनात्मक कार्य करें। एनएपीएस सरकार की ऐसी स्कीम है जिसने यह अवसर प्रदान किया है कि हम अपने रूचि के क्षेत्र में आगे बढ़े और रोजगार प्राप्त करें। प्राचार्य द्वारा छात्र-छात्राओं को दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ नवीन कार्यक्षेत्रों में आगे बढ़ने और कौशल विकास कार्यक्रम से जुड़ने हेतु प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत में नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत में आज नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नशा मुक्ति के लिए प्रभावी लोकचेतना जागृत करने हेतु पोस्टर, बैनर एवं तख्तियों के द्वारा स्थानीय लोगों को नशा एवं उसके कुप्रभाव के प्रति जागरूक किया गया। पोस्टर पर हस्ताक्षर अभियान तथा नशे के खिलाफ जागरूकता रैली में सभी स्थानीय स्थानों पर लोगों को नशे से होने वाले हानि के प्रति जागरूक किया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय स्टाफ स्थानीय नागरिक और विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने के लिए शपथ ग्रहण की। “एक पल का मजा, जीवन भर की सजा, कसम यह खाएँगे नशे को दूर भगाएँगे” इत्यादि नारों के माध्यम से के दुरूपयोग के प्रति भी सचेत किया गया। इस मौके पर प्राचार्य प्रो. एल पी वर्मा, सहायक प्राध्यापक एवं नोडल अधिकारी डॉ. मंजरी जोशी, डॉ. प्रकाश जांगी, डॉ. दीपिका आर्या, डॉ. ईशान गैरोला, डॉ. खीमराज जोशी, स्थानीय नागरिक विपिन पाठक, महिला मंगल दल की सदस्य नीमा बिष्ट, सोनिया बिष्ट, ज्योति पाठक, छात्र संघ अध्यक्ष राजेंद्र भट्ट, उपाध्यक्ष कविता भट्ट, बबिता, कविता तिवारी, रश्मि भट्ट सहित विद्यार्थी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

यूपी में एक युवक को चूहा मारना पड़ गया महंगा, चूहे की हत्या के आरोप में पुलिस ने युवक के खिलाफ कोर्ट में दाखिल की 30 पन्नों की चार्जशीट

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rat-killing-case

Rat Murder Case: उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक युवक को चूहा मारना महंगा पड़ गया। करीब पांच महीने पुराने इस मामले में पुलिस ने चूहे के हत्यारोपी युवक के खिलाफ 30 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। चूहा मारने वाले युवक का नाम मनोज है। यह मामला बीते साल 25 नवंबर का है। मामले में आरोपी मनोज के खिलाफ बदायूं की सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। ‘चूहे की हत्या’ का केस देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

दरसल यह मामला बदायूं की सदर कोतवाली का है। मिली जानकारी के मुताबिक यहां के पनवाड़ी चौक में रहने वाले मनोज ने 25 नवंबर 2022 को घर से चूहा पकड़ा था। वह चूहे की पूंछ में पत्थर बांधकर घर के बाहर नाले में डुबोने लगा। इसी दौरान पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा वहां से गुजर रहे थे। विकेंद्र ने मनोज को ऐसा करने से रोका तो उनसे बहस करने लगा।

दोनों के बीच कहासुनी हुई तो विकेंद्र ने पुलिस को बुला लिया। विकेंद्र आरोपी मनोज पर एफआईआर दर्ज कराने की जिद करने लगे। पुलिस उसी दिन आरोपी को पकड़कर कोतवाली ले गई। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 429 (किसी भी जीव जंतु का वध) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसको थाने से ही जमानत दे दी थी।

एफआईआर के शव का पोस्टमार्टम कराने की बारी आई तो जिले में चूहे के पोस्टमार्टम की सुविधा ही नहीं थी। पुलिस मामले को गंभीर नहीं ले रही थी लेकिन विकेंद्र कड़ी कानूनी कार्यवाही के लिए पोस्टमार्टम कराने की जिद पर अड़े थे। जिसके बाद चूहे को पोस्टमार्टम के लिए आइवीआरआई बरेली रेफर किया गया तो विकेंद्र पुलिस के साथ चूहे के शव को लेकर वहां पहुंचे।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोप पत्र को मजबूत बनाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार बनाया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक चूहे के फेफड़े खराब थे, उनमें सूजन थी, लीवर में भी संक्रमण था। साथ ही चूहे की माइक्रोस्कोपिक जांच में भी ये स्पष्ट किया गया था कि चूहे की मृत्यु पानी में डूबने के कारण दम घुटने से ही हुई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विकेंद्र एफआईआर दर्ज कराने की जिद पर अड़े रहे। पुलिस ने बाद में विकेंद्र की तहरीर पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाद में थाने से ही जमानत दे दी थी और फिर मनोज ने पांच दिन बाद कोर्ट पहुंचकर कहा कि मैं समर्पण करने आया हूं। कोर्ट ने मनोज को कुछ देर बाद अग्रिम जमानत भी दे दी थी। और पुलिस चूहे की हत्या के मामले की जांच में जुटी रही।

पांच महीने में तैयार की 30 पन्नों की चार्जशीट

करीब पांच महीने में पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद चूहे की हत्या के मामले में आरोपी मनोज के खिलाफ 30 पन्नों की चार्जशीट तैयार की। सीओ सिटी आलोक मिश्रा चूहा मारने के आरोपी पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।

हो सकती है 3 साल की सजा

बरेली स्थित आईवीआरआई के संयुक्त निदेशक (जेडी) केपी सिंह ने एक दिसंबर, 2022 को कहा था, ‘‘चूहे की फॉरेंसिक जांच दो पशु चिकित्सकों की टीम ने की। जांच में चूहे के फेफड़े सूजे हुए पाए गए। हमारे विशेषज्ञ इस नतीजे पर पहुंचे कि चूहे की मौत ‘फेफड़े के संक्रमण और श्वांस लेने में बाधा के कारण’ हुई है।’’ वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव कुमार शर्मा ने मंगलवार को कहा कि पशु क्रूरता अधिनियम के मामले में 10 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक जुर्माना और तीन साल की सजा और धारा 429 के अंतर्गत पांच साल की सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।

इस मामले में आरोपी मनोज के पिता मथुरा प्रसाद ने कहा, ‘‘चूहा और कौवा को मारना गलत नहीं है। यह नुकसान पहुंचाने वाले जीव हैं।’’ प्रसाद ने तर्क दिया, ‘‘चूहे उनके परिवार द्वारा बनाए गए मिट्टी के कच्चे बर्तनों को कुतरकर मिट्टी के ढेर में तब्दील कर देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक व मानसिक क्षति पहुंचती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर इस मामले में मेरे बेटे को सजा होती है तो उन सब पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, जो मुर्गा-बकरा मछली काटते हैं। चूहे मारने वाली दवा बेचने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।’’

 

Chardham Yatra 2023: केवल इस वेबसाइट से ही बुक करें हेली टिकट, नहीं तो आपके साथ हो सकती है ऑनलाइन ठगी

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heli service kedarnath

Chardham Yatra 2023:  विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2023 आगामी 22 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। वहीँ 25 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इसी दिन से हेली सेवा भी शुरू होगी। जबकि हेली टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग 8 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा के लिए पहले फेज में 25 से 30 अप्रैल तक के लिए टिकटों की बुकिंग होगी। केदारनाथ के दर्शन करने वाले श्रद्धालु पहले चरण की टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं।

हालाँकि चारधाम यात्रा के लिए एक ही दिन में केदारनाथ हेली सेवा की टिकट 30 अप्रैल तक फुल हो गई है। छह घंटे के भीतर 25 से 30 अप्रैल तक सभी हेली टिकटों की बुकिंग हो चुकी है। इसमें 2673 बुकिंग में 6263 तीर्थयात्रियों ने सीट बुक कराई है। 30 अप्रैल के बाद की बुकिंग के लिए अभी स्लॉट का समय तय नहीं किया गया।

अगर आप भी चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग करना चाहते हैं। तो गूगल सर्च करते हुए थोड़ा सावधानी बरतने की जरुरत है। उत्तराखंड पुलिस व सरकार बार-बार यात्रियों से अपील कर रही है कि किसी भी लिंक या फोन कॉल के झांसे में न आएं और बताए गए तरीके से ही बुकिंग करें। केवल उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी ऑफिशियल बेवसाइट से ही बुकिंग करवाएं। बीते कुछ सालों से चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर के टिकटों की ठगी के मामलों में हुए इजाफे के बाद अब उत्तराखंड पुलिस अलग-अलग माध्यमों से लोगों से जागृत रहने और ठगी से बचने की अपील कर रही है। अगर खुद बुकिंग संभव नहीं है तो सुनिश्चित करें कि किसी भरोसेमंद ट्रैवल एजेंट की मदद लें। लेकिन किसी भी फोन कॉल या गूगल के जरिए बताई गई फर्जी वेबसाइट पर क्लिक करके अपना नुकसान न करवाएं।

Heli service online Booking:  इस बार हेली टिकटों की बुकिंग केवल IRCTC के जरिए ही होगी। केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग करने के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी IRCTC की वेबसाइट www.heliyatra.irctc.co.in पर जाकर टिकटों की बुकिंग करें। IRCTC की ऑफिशियल वेबसाइट के जरिये बुकिंग के दौरान आपको किसी तरह का कोई रिस्क नहीं होगा। बशर्ते आपको यह ध्यान रखना होगा कि ऑनलाइन गूगल या अन्य प्लेटफार्म पर इस तरह की कई वेबसाइट भी मौजूद हैं। सही वेबसाइट को पहचानने के लिए आप वेबसाइट की स्पेलिंग अच्छे से पढ़ लें।

 

उत्तराखंड: UKSSSC ने वन दरोगा सहित तीन भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर किया जारी, आयोग 1265 पदों के लिए दोबारा नए सिरे से कराने जा रहा परीक्षा

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UKSSSC ot approval for 7 exam in uttarakhand

UKSSSC Recruitment Examination: उत्तराखंड में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने पूर्व में निरस्त की गई तीन भर्ती परीक्षाओं के लिए लिखित परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान कर दिया है। समूह-ग की जिन तीन भर्तियों का कैलेंडर जारी किया गया है, उनके विज्ञापन आयोग ने 2019 से 2021 के बीच जारी किए थे। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अब नए सिरे से भर्तियां कराने जा रहा है।

आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि वन दरोगा भर्ती का विज्ञापन आयोग ने 18 दिसंबर 2019 को जारी किया था। 316 पदों के लिए यह विज्ञापन जारी हुआ था, जिसकी परीक्षा अब 11 जून को कराई जाएगी। वहीं, 13 विभागों में 916 पदों के लिए आयोग ने स्नातक स्तरीय परीक्षा का आयोजन किया था, जिसमें पेपर लीक होने के बाद आयोग ने इसे रद्द कर दिया था।

उन्होंने बताया कि अब यह परीक्षा 9 जुलाई को दोबारा कराई जा रही है। वहीं, सचिवालय सुरक्षा संवर्ग रक्षक भर्ती का आयोजन भी पिछले साल किया गया था, जिसमें पेपर लीक हो गया था। बताया कि रक्षक के 33 पदों पर भर्ती के लिए अब दोबारा 21 मई को परीक्षा होगी।

स्नातक स्तरीय परीक्षा में करीब दो लाख ने आवेदन किया था, जिनमें से एक लाख 60 हजार ने परीक्षा दी थी। वन दरोगा भर्ती के लिखित परीक्षा 51,961 उम्मीदवारों ने दी थी। परीक्षा के लिए 83,776 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 16 से 21 जुलाई 2021 तक ऑनलाइन परीक्षा कराई गई।

वहीं, आयोग की ओर से आयोजित सचिवालय रक्षक के 33 पदों की लिखित परीक्षा 26 सितंबर 2021 को प्रदेशभर के 107 केंद्रों में हुई थी। इस परीक्षा में 25,805 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। आयोग कुल 1265 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं कराने जा रहा है।

AAP को मिला राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा, चुनाव आयोग ने इन तीन दलों से छीना स्टेटस, जानिए देश में अभी कितनी राष्ट्रीय पार्टी?

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aap national party

AAP got national party status : भारत निर्वाचन आयोग ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दे दिया है। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग तीन राष्ट्रीय पार्टियों और दो क्षेत्रीय पार्टियों से दर्जा वापस लिया है। निर्वाचन आयोग ने शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP), ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (CPI) का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा वापस ले लिया है। इसके अलावा क्षेत्रीय दलों में निर्वाचन आयोग ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) से आंध्र प्रदेश में और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) से UP में क्षेत्रीय दल का दर्जा वापस लिया है।

आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने पर पार्टी नेताओं ने खुशी और शुभकामनाओं के ट्वीट किए। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। सबको बहुत बहुत बधाई। देश के करोड़ों लोगों ने हमें यहां तक पहुंचाया है। लोगों को हमसे बहुत उम्मीद है। आज लोगों ने हमें ये बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है।

आप को क्यों मिला राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा

चुनाव आयोग ने बताया कि आम आदमी पार्टी को चार राज्यों- दिल्ली, गोवा, पंजाब और गुजरात में उसके चुनावी प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया गया है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी दिल्ली और पंजाब में सत्ता में है। बता दें कि गुजरात चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि वो राष्ट्रीय पार्टी बन गई है। लेकिन अभी तक चुनाव आयोग की तरफ से ये दर्जा नहीं दिया गया है। इस देरी की वजह से पार्टी ने नाराजगी जताई थी और उसने कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया था। AAP कर्नाटक के संयोजक पृथ्वी रेड्डी की तरफ से कर्नाटक हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में कहा गया था कि आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय पार्टी बनने की सभी शर्तें पूरी करती है, लेकिन इसके बावजूद दर्जा मिलने में देरी हो रही है। इस तर्क को सुनने के बाद कोर्ट ने चुनाव आयोग को 13 अप्रैल तक का वक्त दिया था। कर्नाटक हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा भी था कि 13 अप्रैल तक ये फैसला कर लिया जाए कि AAP राष्ट्रीय पार्टी बनती है या नहीं।

3 दलों से क्यों छिना राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा?

चुनाव आयोग के मुताबिक इन दलों को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया गया था लेकिन ये दल उतना रिजल्ट नहीं ला पाए इसलिए यह दर्जा वापस लिया गया है। इन्हें 2 संसदीय चुनावों और 21 राज्य विधानसभा चुनावों के पर्याप्त मौके दिए गए थे। इसके बाद इन दलों के प्रदर्शन को रिव्यू किया गया और फिर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा वापस ले लिया गया। हालांकि ये पार्टियां आगे के चुनावी चक्र में प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय पार्टी होने का दर्जा वापस हासिल कर सकती हैं।

इन पार्टियों को मिला राज्य स्तर के दल का दर्जा

  1. नगालैंड में लोक जनशक्ति पार्टी
  2. त्रिपुरा में टिपरा मोथा
  3. पश्चिम बंगाल में रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी
  4. मेघालय में वॉइस ऑफ द पीपुल पार्टी
  5. नगालैंड में राकांपा
  6. मेघालय में तृणमूल कांग्रेस

कैसे मिलता है राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा?

चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक किसी भी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए कुछ प्रमुख शर्तों को पूरा करना होता है। अगर कोई भी पार्टी उन शर्तों को पूरा करती है तो इलेक्शन कमीशन (EC) उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा देता है।

  1. अगर किसी दल को 4 राज्यों में क्षेत्रीय दल का दर्जा प्राप्त है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है।
  2. अगर कोई दल 3 राज्यों को मिलाकर लोकसभा की 3 फीसदी सीटें जीतती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है।
  3. अगर कोई पार्टी 4 लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा चुनाव या विधानसभा चुनाव में 4 राज्यों में 6 फीसदी वोट हासिल करती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी माना जाता है।
  4. अगर कोई भी पार्टी इन तीनों शर्तों में से किसी एक शर्त को पूरा करती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है।

राष्ट्रीय पार्टी होने के फायदे

  1. राष्ट्रीय पार्टी को विशिष्ट चुनाव चिन्ह का आवंटन किया जाता है। राष्ट्रीय पार्टी के चुनाव चिन्ह को पूरे देश में किसी अन्य पार्टी के द्वारा प्रयोग नहीं किया जा सकता है।
  2. मान्यता प्राप्त `राज्य और राष्ट्रीय’ दलों को नामांकन दाखिल करने के लिए केवल एक प्रस्तावक (proposer) की आवश्यकता होती है।
  3. मान्यता प्राप्त `राज्य ‘और` राष्ट्रीय’ दलों को चुनाव आयोग की तरफ से (मतदाता सूची के संशोधन की दशा में) मतदाता सूची के दो सेट मुफ्त में दिए जाते हैं। साथ ही इन पार्टियों से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को आम चुनावों के दौरान मतदाता सूची की एक प्रति मुफ्त मिलती है।
  4. इन दलों को अपने पार्टी कार्यालय स्थापित करने के लिए सरकार से भूमि या भवन प्राप्त होते हैं।
  5. राज्य और राष्ट्रीय दल चुनाव प्रचार के दौरान 40 स्टार प्रचारक तक रख सकते हैं जबकि अन्य पार्टियाँ ’20 स्टार प्रचारकों’ को रख सकतीं हैं। स्टार प्रचारकों का यात्रा खर्च उनकी पार्टी के उम्मीदवारों के चुनाव खर्च के हिसाब में नहीं जोड़ा जाता है।
  6. चुनाव के कुछ समय पहले उन्हें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर टेलीविजन और रेडियो प्रसारण करने की अनुमति देना ताकि वे अपनी बात को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहंचा सकें।

देश में अभी कितनी राष्ट्रीय पार्टी?

  1. भारतीय जनता पार्टी (BJP)
  2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)
  3. बहुजन समाज पार्टी (BSP)
  4. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM)
  5. नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP)
  6. आम आदमी पार्टी (AAP)

Yamuna Authority: यमुना प्राधिकरण इसी माह ला रहा है आवासीय, ग्रुप हाउसिंग, संस्थागत व औद्योगिक भूखंडों की स्कीम

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Yamuna Authority is bringing scheme of residential-group housing-institutional plots

ग्रेटर नोएडा : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण आवासीय, ग्रुप हाउसिंग, संस्थाग व औद्योगिक भूखंडों की योजना इसी माह लाएगा। इसके लिए नियोजन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण दो हजार आवासीय भूखंड लाने की तैयारी में है। यमुना प्राधिकरण दो हजार आवासीय भूखंडों की योजना लाएगा। इसके लिए तैयारी चल रही है। ये भूखंड सेक्टर 22डी व सेक्टर 18 में होंगे।

इस बार एकमुश्त के बजाय किस्तों में पैसा जमा करने की सुविधा आवेदकों को मिल सकती है। प्राधिकरण पेट्रोल पंप की योजना भी लाएगा। पूर्व में निकाली गई योजना में आवेदन नहीं आए थे। इसके चलते इस बार इसके नियम और शर्तों में संशोधन किया जा सकता है। नियमों को इस तरह से बनाने की तैयारी है, ताकि प्राधिकरण के अधिकारी इसको अंतिम रूप देने में जुटे हैं। यमुना प्राधिकरण संस्थागत भूखंडों की योजना लाएगा। प्राधिकरण सेक्टर-18 और 20 में स्कूल, नर्सिंग होम, क्लीनिक आदि बनाएगा। इसके लिए भूखंड की योजना निकाली जाएगी।

प्राधिकरण ने होटल की योजना भी निकाली थी, लेकिन उसमें आवेदन नहीं आए थे। अब नियमों में बदलाव करके योजना लाने की तैयारी है। इसके अलावा औद्योगिक भूखंडों और फ्लैटेड फैक्टरी की योजना भी निकाली जाएगी। इसकी भी तैयारी चल रही है। प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्ट नगर की भी योजना आएगी। उम्मीद है कि प्राधिकरण के स्थापना दिवस पर 24 अप्रैल को ये योजनाएं आएंगी।

यमुना प्राधिकरण ने ग्रुप हाउसिंग के तीन हाउसिंग भूखंडों की योजना निकाली थी। इसमें एक भी आवेदन नहीं आया था। इस योजना में आवेदक को एकमुश्त पैसा जमा करना था। लेकिन अब प्राधिकरण नियमों में बदलाव करके योजना लाएगा। इस बार 14 भूखंडों की योजना आएगी। इस बार किस्तों में पैसा जमा करने की सुविधा मिल सकती है।

किशोरी को बंधक बनाकर धर्मांतरण की कोशिश करने का आरोप, मामले कि जांच में जुटी पुलिस

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ग्रेटर नोएडा : बीटा-टू कोतवाली क्षेत्र स्थित एल्डिको ग्रीन सोसाटी में रहने वाले एक महिला व पुरूष पर एक युवक ने नाबालिग बहन को बंधक बनाकर रखने व धर्मांतरण की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। पीड़ित युवक सोसायटी में कार की सफाई व कपड़े प्रेस करने का काम करता है। आरोपी खुद को भाई बहन बताते हैं। किशोरी को यह कहकर अपने पास लाए थे कि उसे बेहतर शिक्षा देंगे। अब किशोरी को उसके परिजन से मिलने नहीं देते हैं।

पुलिस ने मामले का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के भाई अमित ने बताया कि उनका रिश्ते का भाई एल्डिको ग्रीन सोसाइटी में काम करता है। अगस्त 2022 में नाबालिग बहन एल्डिको ग्रीन सोसाइटी में किसी काम से गई थी। आरोप है कि सोसायटी में रहने वाले महिला व पुरुष ने नाबालिग किशोरी को देखकर कहा कि वह उसको अपने पास रखकर अच्छी शिक्षा देंगे।

आरोप है कि महिला व पुरुष ने अमित से एक स्टांप पेपर पर यह कहकर हस्ताक्षर कराए थे कि स्कूल में प्रवेश के लिए ले रहे हैं। अमित ने नाबालिग बहन को महिला पुरुष के सुपुर्द कर दिया। अमित व परिवार के अन्य लोग नाबालिग किशोरी से फोन पर बात कर लेते थे। कुछ दिन से आरोपी महिला व पुरूष पीड़ित किशोरी से फोन पर बात नहीं करा रहे हैं। ऐसे में अमित ने धर्मांतरण  की आशंका जाहिर की है। कोतवाली प्रभारी विनोद मिश्रा ने बताया कि किशोरी को उसके माता-पिता मर्जी से महिला व पुरूष के पास छोड़कर गए हैं। सोसायटी में कुछ लोग माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

चारधाम यात्रा मार्गों पर खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिये खाद्य संरक्षा विभाग चलाएगा विशेष अभियान

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stop food adulteration on Chardham Yatra routes

देहरादून : चार धाम यात्रा को देखते हुये यात्रा मार्गों पर खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिये विशेष अभियान चलाये जायेंगे। इसके अलावा यात्रा रूटों पर स्थित होटलों, रेस्टोरेंटों एवं ढाबों में साफ-सफाई को लेकर भी विशेष ध्यान दिये जाने पर भी जोर दिया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को ठोस निर्देश दे दिये गये हैं। प्रदेशभर में त्योहरी सीजनों के अलावा समय-समय पर खाद्य पदार्थों की नियमित सैम्पलिंग करने तथा ईट राइट इंडिया अभियान के अंतर्गत आम लोगों को मोटे अनाजों के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिये गये हैं।

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने चार धाम यात्रा के दृष्टिगत यात्रा मार्गों पर खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिये विभागीय अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चार धाम यात्रा पर गत वर्ष की तुलना में और अधिक तीर्थ यात्रियों के आने की सम्भावना है। जिसको देखते हुये यात्रा मार्गों पर तीर्थ यात्रियों को मिलावटी खाद्य सामाग्री बेचे जाने पर कड़ी नज़र रखने को कहा गया है। विभागीय मंत्री ने बताया कि तीर्थ यात्रियों एवं स्थानीय लोगों को मिलावटी सामान के प्रति सचेत रहने के लिये यात्रा रूटों पर जगह-जगह होर्डिंग्स एवं बैनर लगाने के निर्देश खाद्य संरक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये गये हैं। इसके अलावा यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले होटलों, रेस्टोरेंटो एवं ढ़ाबों में साफ-सफाई को लेकर भी विशेष अभियान चलाने को कहा गया है। इसके अलावा प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों की जांच को नियमित सैम्पलिंग के साथ-साथ आम लोगों को विभिन्न माध्यमों से मिलावटखोरी के प्रति जागरूक किया जायेगा। डा. रावत ने बताया कि ईट राइट इंडिया कैम्पेन के अंतर्गत प्रदेशभर में मिलेट्स मेले आयोजित कर आम लोगों को मोटे अनाज के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिये गये हैं।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य एवं आयुक्त एफडीए डा. आर. राजेश कुमार, अपर उपायुक्त एफडीए अरूणेन्द्र सिंह चौहान, प्रभारी उपायुक्त (मुख्यालय) डॉ. गणेश चन्द्र कण्डवाल, औषधि नियंत्रक खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ताजबर सिंह, सहायक औषधि नियंत्रक डा. सुधीर कुमार, जिला खाद्य संरक्षा अधिकारी पी.सी. जोशी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

ग्रेटर नोएडा : बिल्डर पर फूटा सोसाइटी की महिलाओं का गुस्सा

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Women of Shivalik Homes Society Greater Noida got angry on the builder

ग्रेटर नोएडा : सूरजपुर साइट सी ग्रुप हाउसिंग, ग्रेटर नोएडा में स्थित शिवालिक होम्स सोसाइटी में काफी दिनों से लिफ्ट बंद होने की समस्या चल रही है। सोसाइटी निवासियों ने बताया कि इसके बारे में मैंटेनेंस टीम को बार बार शिकायत करने के बाद भी लिफ्ट को आजतक सही नहीं करवाया गया। लिफ्ट के नहीं चलने के कारण से बच्चों को स्कूल आने-जाने में एवं निवासियों को खासकर बुजुर्ग एवं बीमार लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार मैंटेनेंस टीम को बार बार शिकायत करने के बाद भी लिफ्ट नहीं सही होने पर आज शिवालिक होम्स सोसाइटी की महिलाओं का गुस्सा बिल्डर एवं मैंटेनेंस टीम पर फूटा। आज शिवालिक होम्स सोसाइटी की महिलाओं नें नारी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए मैंटेनेंस ऑफिस में जाकर मैंटेनेंस स्टाफ और उनके इंचार्ज का घेराव किया। इस प्रदर्शन में छोटे छोटे बच्चे भी शामिल हुये।

प्रदर्शन करते हुये महिलाओं ने, बिल्डर प्रतिनिधि एवं मैंटेनेंस इंचार्ज से लिफ्ट को जल्द से जल्द सही करवाने, सभी लिफ्ट का रखरखाव उचित तरीके से करने एवं लिफ्ट में सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग फिर से की। इसके साथ हीं साथ, महिलाओं नें सोसाइटी में बिना परमिसन के बाहरी व्यक्तियों के आने पर पूरी तरह से रोक लगाने की भी मांग की।

महिलाओं ने जिलाधिकारी, सीईओ यूपीसीड़ा एवं स्थानीय प्रशासन से शिवालिक होम्स सोसाइटी की आंतरिक समस्याओं जैसे कि लिफ्ट का उचित रखरखाव, लिफ्ट में सीसीटीवी कैमरा लगाने, सोसाइटी में बंद पड़े इंटरकॉम को चालू करने, सीसीटीवी सिस्टम के उचित रखरखाव, फायर सिस्टम का समय समय पर जांच करने, मोक्क ड्रिल करने एवं सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए संज्ञान लेते हुये उस पर बिल्डर को इन समस्याओं का जल्द से जल्द हल निकालने का आदेश करने की मांग की।

शिवालिक होम्स महिला की प्रतिनिधि के रूप में योगिता शिंदे, पायल, कीर्ति, योगिता, अंजलि, कोमल, सुरेखा, सरिता, मीता पांडे, मानसी, किरण, अवंतिका, रमीला एवं कुसुम सहित कई महिलायें शामिल थी।