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उत्तराखण्ड की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद मल्टीनेशनल कम्पनियों के उत्पादों से बेहतर: सीएम धामी

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सर्वे ऑफ इण्डिया सभागार, देहरादून में भारत सरकार द्वारा वित पोषित ए हेल्प  (Accredited Agent For Health and Extension of Livestock Production) योजनान्तर्गत पशु सखी के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा 23 ए हेल्प कार्यकत्रियों को ए हेल्प किट वितरित किए गए।

पशु सखी प्रशिक्षण के पश्चात ए हेल्प कार्यकत्री पशुपालन विभाग एवं पशुपालकों के बीच संयोजक कड़ी का काम करेंगी तथा पशुपालकों को सरकार की सभी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध करायेगी। ए हेल्प योजना द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों को विभिन्न योजनाओं में भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। ए हेल्प कार्यकत्री, क्षेत्र के समस्त पशुधन और कुक्कुट संख्या का रिकॉर्ड भी ब्लॉक स्तर के पशु चिकित्सकों के साथ साझा करेंगी। इससे पशुपालन गतिविधियों का क्रियान्वयन आसान तो होगा ही दुग्ध उत्पादन पर भी सीधा असर पड़ेगा। इसके अलावा वे चारा उत्पादन के लिये पशुपालकों को प्रोत्साहित भी करेंगी जिससे वे चारे की पूर्ति के लिए आत्मनिर्भर बनें। प्रत्येक ए-हेल्प कार्यकत्री को फर्स्ट-एड किट भी दी जायेगी जिससे वे पशुपालकों की प्रारंभिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि उत्तराखण्ड, मध्य प्रदेश और कश्मीर के बाद पशु सखी टै्रनिंग प्रोग्राम शुरू करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि  उत्तराखण्ड  को हर क्षेत्र में मॉडल स्टेट बनाया जा सकता है। भारत सरकार की विभिन्न क्षेत्रों की योजनाओं का उत्तराखण्ड में शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने की अच्छी संभावनाएं हैं। यह देश के लिए हर क्षेत्र में एक मॉडल राज्य बन सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एक बेटे व भाई के रूप में वह राज्य की मातृ शक्ति का आत्मविश्वास बनाये रखने व सेवा के लिए सदैव तत्पर है। किसी भी समाज की रीढ़ उसकी सशक्त महिलाएं ही हैं, यदि किसी राज्य की नारी शक्ति प्रगति कर रही है तो उस राज्य का विकास सुनिश्चित है, उसे कोई रोक नहीं सकता। हमारे प्रदेश के निर्माण में महिलाओं ने अपना विशेष योगदान दिया है। एक ओर जहां प्रदेश की मातृशक्ति ने पूरे समाज को विपरीत परिस्थितियों में जीना सिखाया, जूझना सिखाया, वहीं दूसरी ओर हर परिस्थिति में जीतना भी सिखाया है। मुझे प्रसन्नता है कि आज प्रदेश के दुर्गम गांव-गांव में महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर कुटीर उद्योगों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रही हैं। महिलाओं के पास कौशल की कभी कोई कमी नहीं रही और अब यही कौशल उनकी और उनके परिवारों की आर्थिकी को शक्ति प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की महिलाएं मल्टीनेशनल कम्पनियों के उत्पादों से भी बेहतर उत्पादों का निर्माण कर रही है।

इस अवसर पर भारत सरकार से अपर सचिव सुवर्षा जोशी, सचिव पशुपालन उत्तराखण्ड डा. बी वी आर सी पुरूषोत्तम, उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र अंथवाल व विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों व महिला मंगल दलों के सदस्य व महिलाएं मौजूद रही।

महिपाल सिंह रावत दुबारा चुने गए गढ़वाल विश्वविद्यालय एल्युमिनी एसोसिएशन के सचिव, प्रो. अनूप डोबरियाल अध्यक्ष निर्वाचित

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श्रीनगर गढ़वाल: एचएनबी जीयू एल्युमिनी एसोसिएशन की कार्यकारी समिति का चुनाव नौ अप्रैल 2023 को वर्चुअल मोड के माध्यम से आयोजित किया गया।

सचिव महिपाल सिंह रावत ने बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए पिछले दो वर्षों के दौरान एसोसिएशन की प्रगति से अवगत कराया। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. एस सी बागड़ी ने अपनी अध्यक्षता के दौरान एसोसिएशन की प्रगति की राह पर चर्चा की और इस यात्रा में सभी सदस्यों को उनके पूरे दिल से सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

एल्युमिनी एसोसिएशन के निवर्तमान सचिव महिपाल सिंह रावत ने सभी सदस्यों से समन्वय कर वर्चुअल सुनवाई कर संघ का चुनाव कराने में सक्रिय भूमिका निभाई है. वर्चुअल सुनवाई में सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से महिपाल सिंह रावत के नाम को सचिव पद के लिए प्रस्तावित किया. क्योंकि वे प्रक्रिया से अच्छी तरह परिचित थे और एल्युमिनी एसोसिएशन के सभी सदस्यों के साथ उनके प्लेसमेंट और उत्थान और समन्वय करने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। महिपाल सिंह रावत गढ़वाल विश्वविद्यालय से स्नातक B.SC) और पर्यटन (मास्टर ओफ़ टुरिज़म) के छात्र रहे है।

प्रोफेसर बागरी ने सोसाइटी के उप नियमों के अनुसार नई कार्यकारिणी के अध्यक्ष और सचिव के नाम प्रस्तावित किए। कार्यकारिणी समिति के सदस्यों के निम्नलिखित नाम एल्युमिनी एसोसिएशन की कार्यकारिणी द्वारा प्रस्तावित किए गए थे और उन्हें निर्विरोध और सर्वसम्मति से चुना गया था।

  1. 1- प्रो. अनूप डोबरियाल, जूलॉजी विभाग, एचएनबीजीयू श्रीनगर (अध्यक्ष)
  2. 2- प्रो. आर सी रमोला, भौतिकी विभाग, एचएनबीजीयू एसआरटी कैंपस टिहरी गढ़वाल (उपाध्यक्ष)
  3. 3- श्री महिपाल सिंह रावत, बिजनेस हेड, जेटफ्लीट (जेटएयर प्राइवेट लिमिटेड की एक ग्रुप कंपनी), नई दिल्ली (सचिव)
  4. प्रोफेसर प्रशांत कंडारी अर्थशास्त्र विभाग एचएनबीजीयू श्रीनगर गढ़वाल (सचिव रेज़िडेंट)
  5. प्रो. एन के अग्रवाल, जूलॉजी विभाग, एसआरटी कैंपस टिहरी गढ़वाल (संयुक्त सचिव)
  6. प्रो. अतुल ध्यानी, वाणिज्य विभाग, एचएनबीजीयू श्रीनगर (कोषाध्यक्ष)
  7. 7 प्रो. विनोद नौटियाल (सेवानिवृत्त), इतिहास विभाग, एचएनबीजीयू श्रीनगर (सदस्य)
  8. प्रो. एस.सी. बागरी, (सेवानिवृत्त) पर्वतीय पर्यटन और आतिथ्य अध्ययन केंद्र, एचएनबीजीयू श्रीनगर (सदस्य)
  9. प्रोफेसर मंजुला राणा हिंदी विभाग एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल (निवासी)
  10. 10 प्रो. वाई पी रवानी, कंप्यूटर विज्ञान विभाग, एचएनबीजीयू श्रीनगर (निवासी)
  11. प्रोफेसर प्रभाकर बडोनी, रसायन विज्ञान विभाग एचएनबीजीयू कैंपस पौड़ी गढ़वाल (निवासी)
  12. डॉ सर्वेश उनियाल पर्यटन विभाग एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल

 

उत्तराखंड में ‘ईजा-बोई शगुन योजना” मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए वरदान ‘: डॉ. आर राजेश कुमार

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Eja-Boi Shagun Yojana

राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस : राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस प्रत्येक वर्ष 11 अप्रैल को मनाया जाता है जिसके माध्यम से सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक देखभाल, चिकित्सा जांच, स्वास्थ्य सहायता और सरकारी पहल के बारे में जागरूकता को बढ़ावा दिया जाता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देष्य से ही प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को बच्चे के जन्म से पहले, जन्म के दौरान और बाद में देखभाल के बारे में जागरूक कराना है।

सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य सचिव, डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न जन स्वास्थ्य प्रयासों के उपरान्त मातृ स्वास्थ्य संबंधित विभिन्न आंकड़ों में प्रगति दर्ज की गई है। हाल ही में जारी नेशनल फैमली हैल्थ सर्वे 2020-21 रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को प्रथम तीमाही में पंजीकृत किए जाने में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी (68.8 प्रतिशत), 04 प्रसव पूर्व जांचों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी (61.8 प्रतिशत) एवं संस्थागत प्रसवों में 18 प्रतिशत बढ़ोतरी (83.2 प्रतिशत) दर्ज की गई है।

सचिव स्वास्थ्य द्वारा जानकारी साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस प्रदेश के विभिन्न चिकित्सालयों में मनाया गया है। साथ ही इस दिवस पर गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकीय जांच, खान-पान तथा गर्भावस्था के दौरान एवं प्रसव के उपरान्त होने वाले जटिलताओं के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की गई।

डा0 आर0 राजेश कुमार, सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड ने मातृ एवं शिशु के बेहतर स्वास्थ्य से सम्बन्धित प्रयासों को साझा करते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बेहतर करने हेतु जनपद हरिद्वार में 200 बेड एम.सी.एच. विंगचेनराय महिला चिकित्सालय, 50 बेड एम.सी.एच. विंग हल्द्वानी एवं 30 बेड अर्बन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मेहुवाला जनपद देहरादून में शीघ्र स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने जानकारी दी कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार करना सरकार का प्राथमिक फोकस बना हुआ है इसी के दृष्टिगत प्रदेश में प्रसूता के लिए ईजा-बोई शगुन योजना लागू की गई है, जिसके अन्तर्गत सरकारी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा के सुरक्षित स्वास्थ्य हेतु प्रसव उपरान्त सरकारी अस्पताल में 48 घण्टे तक रूकने वाली सभी पात्र प्रसूताओं को रू. 2000/- की एक प्रोत्साहन धनराशि के रूप में दी जानी है। जो कि जननी सुरक्षा योजना में दी जाने वाली प्रोत्साहन धनराशि रू. 1400/- (ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली गर्भवती महिला) एवं रू. 1000/- (शहरी क्षेत्र में रहने वाली गर्भवती महिला) के अतिरिक्त है। यह नीति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने के उद्देश्य से लागू की गई है।

डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा बताया कि सुरक्षित प्रसव हेतु उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को  जिला चिकित्सालय / स्वास्थ्य इकाइयों के नजदीक आश्रय प्रदान करने के लिए शीघ्र ही बर्थ वेटिंग होम वन स्टाॅप सेन्टर में संचालित कर दिया जायेगा। उन्होंने आम जन से आवाहन किया है कि हम सब मिलकर सुरक्षित मातृत्व के सन्देश को जन-जन तक पहुचाकर जननी एवं शिशु को स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य देने में अपना योगदान दें।

पौड़ी गढ़वाल का प्रसिद्ध डांडा नागराजा मेला 15 अप्रैल को

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पौड़ी: पौड़ी गढ़वाल के बणेलस्यूं पट्टी स्थित पौराणिक डांडा नागराजा मंदिर में प्रत्येक वर्ष बैसाखी के दूसरे दिन लगने वाला ऐतिहासिक डांडा नागराजा इस वर्ष आगामी 15 अप्रैल को आयोजित किया जा रहा है। इस मेले को कण्डार मेला भी कहा जाता है। मण्डल मुख्यालय पौड़ी से करीब 45 किलोमीटर दूर अदवानी-बगानीखाल मार्ग पर स्थित डांडा नागराजा के नाम से विख्यात भगवान कृष्ण (नागराज देवता) का यह पौराणिक मंदिर आस्था और विश्वास का केंद्र है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रीडांडा नागराजा के दर्शन करने पहुंचते हैं।

मंदिर समिति मेले को भव्य रूप से मनाये जाने की तैयारियों में जुटी है। मंदिर समिति ने एसडीएम से मुलाकात कर मेले के दिन व्यवस्थाएं करने के लिए सहयोग की अपील की है। मंदिर समिति के उपाध्यक्ष उपेंद्र भट्ट व मीडिया प्रभारी सिद्धांत उनियाल ने सोमवार को एसडीएम को ज्ञापन देकर मेले के दौरान स्वास्थ्य शिविर लगाने व अन्य व्यवस्थाएं जुटाने के लिए ज्ञापन दिया। एसडीएम ने समिति को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

डांडा नागराजा की पौराणिक मान्यता

करीब 140 वर्ष पुराने ऐतिहासिक डांडा नागराजा मंदिर के बारे में मान्यता है कि 140 साल पहले स्थानीय लसेरा गाँव में गुमाल जाति के पास एक दुधारू गाय थी। जो अन्य डंगरों के साथ डांडा (पहाड़) घास चरने जाती थी। और वहाँ एक पत्थर को हर रोज़ अपने दूध से नलहाती थी। इस वजह से गाय के मालिक को उसका दूध नहीं मिल पाता था। इस बात से परेशान मालिक ने एक दिन गुस्से में आकर गाय पर ऊपर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। परन्तु सयोंग से उसका वार गाय को न लगकर सीधे उस पत्थर पर जा लगा जिसे वह गाय अपने दूध से नहलाती थी। कुल्हाड़ी लगते ही पत्थर दो भागों में टूट गया और इसका एक भाग आज भी डांडा नागराजा मंदिर में मौजूद है। इस क्रूर घटना के बाद गुमाल जाती पूरी तरह से समाप्त हो गई।

उत्तराखंड: पंचायतों का पैसा खर्च न करने वाले होंगे दंडित, सबसे खराब प्रदर्शन वाली ग्राम सभा, विकासखण्ड और जिला पंचायतों पर होगी कार्रवाई

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देहरादून : उत्तराखंड में जिला पंचायत, विकासखंड और ग्राम पंचायतों का पैसा खर्च न होने पर दोषियों को दण्डित किया जायेगा। ऐसी ग्राम सभा, विकासखण्ड और जिला पंचायतों को चिन्हित कर कार्यवाही की जायेगी, जिनका सबसे खराब प्रदर्शन होगा। यह बात प्रदेश के पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को सहस्त्रधारा रोड, डांडा लखौड़ स्थित पंचायती राज निदेशालय में 17 अप्रैल 2023 को नई दिल्ली विज्ञान भवन में होने वाले “पंचायतों का प्रोत्साहनीकरण  विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन-सह पुरस्कार वितरण समारोह” की तैयारियों हेतु आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कैबिनेट की बैठक गांव में कराए जाने के लिए गांव का चयन करने के साथ-साथ जिला पंचायतों में भ्रष्टाचार के जो भी मामले उजागर हुए हैं उन पर सख्ती से कार्यवाही की जाए।

महाराज ने पंचायत अधिकारियों से पूर्व में आयोजित बैठक में तय हुऐ विषय पंचायत निदेशालय में कॉल सेंटर, व्हाट्सएप नंबर आदि स्थापित किये जाने पर पंचायत अधिकारियों ने बताया कि 1 मई 2023 तक निदेशालय में सेंटर की स्थापना कर दी जाएगी। पंचायत मंत्री ने कहा कि पंचायतें स्वयं के आय के स्रोत में वृद्धि करने के लिए कार्य योजना तैयार करें।

महाराज ने ग्राम पंचायतों, विकासखंड और जिला पंचायतों में स्वच्छता एवं पेयजल के लिए 15वें वित्त आयोग से मिली धनराशि को 2020-21, 2021-22, 2022-23 तक खर्च ना करने पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिन ग्राम पंचायतों, विकास खंडों और जिला पंचायतों में पैसा खर्च नहीं होगा उनके जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के 13 जनपदों की पंचायतों में 15 वें वित्त आयोग से जिला पंचायत को मिले 81.29 करोड़ में से 63.07 करोड़, ग्राम पंचायतों को मिले 402.72 करोड़ में से 315.36 करोड़ और विकासखण्डों को मिले 54.20 करोड़ में से मात्र 34.70 करोड़ की धनराशि खर्च किये जाने पर दोषियों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। धनराशि इसके अलावा जो ग्राम सभाएं, जिला पंचायत और विकासखंड सबसे अच्छा कार्य करेंगे उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा।

बैठक में जागेश्वर विधायक मोहन सिंह, पंचायतीराज सचिव नितेश झा, अपर सचिव ओंमकार सिंह, अपर निदेशक मनोज कुमार तिवारी, संयुक्त निदेशक रविनाथ रमन त्रिपाठी एवं हिमाली आदि अधिकारी मौजूद थे।

खिर्सू ब्लॉक के जीजीआईसी श्रीनगर एवं जीआईसी नवाखाल सहित सभी विद्यालयों में धूमधाम से मनाया गया प्रवेशोत्सव

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श्रीनगर: उत्तराखंड में मंगलवार 11 अप्रैल को राज्य स्तर पर सरकारी विद्यालयों में प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। इसीक्रम में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का शुभारम्भ क्षेत्र प्रमुख विकासखण्ड खिर्सू  भवानी गायत्री द्वारा किया। इस मौके पर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर की छात्र छात्राओं द्वारा स्वागत गान और लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्र प्रमुख भवानी गायत्री, सामाजिक कार्यकर्ता मोहन चन्द्र गायत्री, सभासद डॉ विनीत पोस्ती, विनोद मैठानी, खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी रावत, उप शिक्षा अधिकारी पीएल भारती, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर की प्रधानाचार्य सुमन लता पवार, राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर के प्रधानाचार्य सरोप  सिंह मेहरा ,बीआरसी मुकेश काला, पीटीए के अध्यक्ष रघुवीर प्रसाद एवं हॉस्टल वार्डन मुकेश बहुगुणा द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित के साथ किया गया। अतिथियों का स्वागत शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।

कार्यक्रम में नव प्रवेशी छात्र छात्राओं में राजकीय बालक बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर, राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास श्रीनगर, नगर पालिका जूनियर हाई स्कूल श्रीनगर, नगर, पालिका प्राथमिक विद्यालय श्रीनगर के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रधानाचार्या  सुमन लता पंवार ने सभी अतिथियों एवं नव प्रवेशी छात्र छात्राओं एवं उनके अभिभावकों  का स्वागत किया गया।

इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी अश्वनी रावत ने कहा कि नवप्रवेशी छात्र छात्राओं के अभिभावको  का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपने हमारे सरकारी विद्यालयों पर विश्वास किया हैं। हमारे विद्यालयों के शिक्षक तन मन  से बच्चों के सर्वागीण विकास में आपके सहयोग से सदा प्रयासरत रहेंगे। उप शिक्षा अधिकारी पी एल भारती ने कहा कि प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की रुपरेखा रखते हुए सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

अतिथि के रुप में डॉ विनीत पोस्ती ने ज्योतिबा फुले जयन्ती पर सभी नव प्रवेशी  छात्र छात्राओं  के अभिभाककों को घन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों में नामांकन बच्चों को विभिन्न अक्सर प्रदान करता है। सरकारी विद्यालयों में प्रवेश कर सरकारी योजनाओं का लाभ लें।

मुख्य अतिथि भवानी गायत्री ने नव प्रवेशी छात्राओं का स्वागत करते हुए  कहा कि सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों में विभिन्न योजनायें चलाई जा रही हैं, उसका लाभ लेने के लिए सभी अभिभावक सरकारी विद्यालयों में बच्चों में प्रवेश करायें। सरकारी विद्यालयों में सास्कृरिक शिक्षा दी जाती है। आज अच्छे अच्छे पदों पर इन्हीं विद्यालयों में पढे बच्चे आसीन है।सभी नव प्रवेशी छात्र छात्राओं को विशेष भोजन भी दिमा गया।

अतिथियों द्वारा नव प्रवेशी छात्र छात्राओं को कॉपी पैन देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में इन्द्रमोहन नैथानी, लक्ष्मी रॉय बीआरसी मुकेश काला, गजेन्द्र सिंह नेगी,रा.बा.इ. कालेज की समस्त शिक्षिकाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम का संचालन  सरिता उनियाल द्वारा किया गया।

राजकीय इंटर कॉलेज नवाखाल में धूमधाम से मनाया गया प्रवेशोत्सव

पौड़ी जनपद के अंतर्गत विकासखण्ड खिर्सू के राजकीय इंटर कॉलेज नवाखाल में भी प्रवेशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य महेंद्र सिंह नेगी एवं मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान जोगड़ी अनिल रावत ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान छात्राओं ने सरस्वती वंदना का शानदार प्रस्तुतीकरण किया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य महेंद्र सिंह नेगी ने मुख्य अतिथि का माल्यार्पण कर स्वागत किया। एसएमसी अध्यक्ष ताजवर रावत का भौतिकी प्रवक्ता अरविंद काला एवं पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन का इतिहास प्रवक्ता जसपाल खत्री ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। तत्पश्चात कक्षा 6 में नव प्रवेशी 8 विद्यार्थियों को पुष्प माला पहनाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर अंग्रेजी प्रवक्ता आदित्य कांडपाल ने सरकार द्वारा निशुल्क पाठ्यक्रम सहित विद्यार्थियों के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी अभिभावकों को दी तथा अधिक से अधिक अपने पाल्यों को सरकारी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने का आग्रह किया।

एसएमसी अध्यक्ष ताजबर रावत ने विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि सेवितक्षेत्र के विद्यार्थियों को सरकारी विद्यालयों में ही प्रवेश दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त विद्यार्थियों को हंस फाउंडेशन के सौजन्य से प्रति छात्र दो अभ्यास पुस्तिकाएं भेंट करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानाचार्य महेंद्र नेगी ने विद्यालय परिवार की ओर से हंस फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया। तथा जनप्रतिनिधियों, एसएमसी सदस्यों एवं अभिभावकों द्वारा अपना अमूल्य समय देकर उपस्थित होने के लिए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया कि अपने अपने बच्चों को विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति रखने का प्रयास करें। इस अवसर पर एसएमसी सदस्य बैजंती देवी, नीरा देवी, गोदाम्बरी देवी, पवित्रा देवी, जीव विज्ञान प्रवक्ता टीपी डिमरी, राजनीतिक विज्ञान प्रवक्ता शरद रावत, रसायन प्रवक्ता जयप्रकाश, सहायक अध्यापक प्रदीप कुमार, मनोज नेगी, प्रवीण बिष्ट, राकेश आर्य, पूजा जोशी, मीना बिष्ट, कनिष्ठ सहायक रजत मुयाल, परिचारक शुभम एवं छात्र-छात्राओं सहित कई अन्य अभिभावक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ रमेश डोभाल ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की स. अ. पूजा जोशी द्वारा विशेष भोज दिया गया।

 

दुखद: दोस्‍त की शादी में शामिल होने दिल्ली से गांव आए दो युवक जंगल की आग में जिंदा जले, दोनों की दर्दनाक मौत

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Two youths burnt alive in forest fire

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पौड़ी जिले में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक पौड़ी के चौबट्टाखाल तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सेडियाधार में सोमवार शाम दो युवक जंगल की आग में बुरी तरह झुलस गए। इस हादसे में दोनों की मौत हो गई। दोनों युवक दिल्ली से अपने दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए गांव आए थे।

स्थानीय जनप्रतिनिधयों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम सभा सेडियाधार के निवासी विकास रावत (23) पुत्र महिपाल सिंह व ग्राम कंडोली निवासी कुलदीप कुमार (26) पुत्र दीनदयाल नौटियाल दिल्ली से अपने दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए गांव आए थे। शादी समारोह 13 व 14 अप्रैल को होना है। सोमवार दोपहर को दोनों गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर गधेरे में नहाने गए हुए थे। शाम के समय जब वो गांव की और लौट रहे थे इसी दौरान उन्होंने देखा कि जंगल में आग लगी है । आग को देख दोनों उसे बुझाने में जुट गए लेकिन आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था जिसकी वजह से दोनों युवक आग की चपेट में आ गए।

वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने जब दोनों युवकों को झुलसे हुआ देखा तो उन्होंने मामले की जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी। और किसी तरह दोनों को आग से बाहर निकाला पर तब तक काफी देर हो चुकी थी। आग से काफी झुलास जाने के कारण कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई और विकास गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे उपचार के लिए गांव वाले 108 की सहायता से सतपुली लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सतपुली एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों ने राजस्व प्रशासन को दी। आग इतनी भीषण थी कि इसकी चपेट में आने से कुलदीप ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और विकास बुरी तरह झुलस गया था। ग्रामीण आनन-फानन में विकास को पोखड़ा अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हायर सेंटर रेफर कर दिया, लेकिन हायर सेंटर जाते समय विकास ने बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

राजस्व पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि इस हादसे की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और साथ ही पूरे मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। राजस्व टीम की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पौड़ी जनपद के विद्यालयों में मनाया गया प्रवेशोत्सव, नव प्रवेशी बच्चों का किया गया स्वागत सम्मान

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पौड़ी जनपद के विभिन्न विकासखंडों के स्कूलों में आज हर्षोल्लास के साथ प्रवेशोत्सव मनाया गया। विकासखंड कल्जीखाल में कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय के अलावा राजकीय इंटर कॉलेज पुरिया डांग में भी आज प्रवेशोत्स्व कार्यक्रम आयोजित किया गया।

विकासखंड कल्जीखाल के राजकीय इंटर कॉलेज पुरिया डांग में मंगलवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. आनन्द भारद्वाज की मौजूदगी में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पौड़ी जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ आनंद भारद्वाज ने दीप प्रज्वलित व नव प्रवेशित छात्र छात्राओं का माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर विद्यालय में मुख्य शिक्षा अधिकारी के अलावा प्रधानाचार्य मनोज कुमार गुनियाल एवं विद्यालय संस्थापक पूर्व प्रमुख सुरेन्द्र सिंह नेगी, स्काउट गाइड के छात्र छात्राओं द्वारा नव प्रवेशित बच्चों का स्वागत किया गया।

इस मौके पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने छात्र छात्राओं को शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें गुरुजनों के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। बच्चे अच्छी शिक्षा लेकर अपने भविष्य को किस तरह से संवार सकते है इसको लेकर भी छात्र छात्राओं को प्रोत्साहित किया गया है। उन्होंने छात्राओं को बताया की पौड़ी जनपद से निकले देश के राजनैतिक एवं बौरोक्रेसी में अहम योगदान देने वाले भी सभी सरकारी स्कूलों से ही पढ़े हैं। उन्होंने सभी प्रवेश पाने वाले छात्र छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को स्वयं मालाओं से स्वागत कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के गणमान्य जनप्रतिनिधियों एवं जागरूक अभिभावकों की जमकर सहारना की।

इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय संस्थापक सुरेन्द्र सिंह नेगी का फूल मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर पीटीए अध्यक्ष एवं प्रधान ग्राम पंचायत नैथाना महाकांत नैथानी, ग्राम प्रधान एवं पूर्व पीटीए अध्यक्ष मदन सिंह रावत, पूर्व पीटीए अध्यक्ष ग्राम प्रधान अशोक रावत, एसएमसी अध्यक्ष जसवीर रावत, समाजसेवी एवं पूर्व पीटीए अध्यक्ष जगमोहन डांगी, संकुल समन्वयक प्रेम प्रकाश कुकरेती, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद नैथानी सहित विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाएं एवं अभिभावक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन बालम सिंह राणा ने किया।

जगमोहन डांगी की रिपोर्ट

जीआईसी खोलाचौरी और जीआईसी खिर्सू में भी धूमधाम से मनाया गया प्रवेशोत्सव

राइंका खोलाचौरी में नव प्रवेशी छात्र छात्राओं का स्वागत समारोह प्रवेशोत्सव के रूप में मनाया गया। अतिथियों ने कक्षा 9 में नव प्रवेशी छात्र छात्राओं का बैच अलंकरण कर स्वागत सम्मान किया। मुख्य अतिथि प्रमिला नेगी और विशिष्ट अतिथि ग्राम प्रधान खोला अनीता रावत ने संस्था टच योर सोल के माध्यम से प्राप्त स्वेटर और टॉनिक छात्र छात्राओं को वितरित किए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ज्येष्ठ प्रमुख प्रमिला नेगी, विशिष्ठ अतिथि ग्राम प्रधान खोला अनीता रावत ने शिरकत की।

राजकीय इंटर कालेज खिर्सू में काफी उत्साह के साथ प्रवेशोत्सव मनाया गया। यहां राप्रावि खिर्सू के साथ ही दोनों विद्यालयों का प्रवेशोत्सव संयुक्त रुप से आयोजित हुआ। इस सब के बीच कार्यक्रम में गढ़वाल मंडल के अपर शिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा बीएस रावत भी नव प्रवेशित बच्चों के बीच पहुंचे। कार्यक्रम में प्राथमिक स्तर पर तीन, कक्षा छह में 14 तथा कक्षा सात में दो बच्चों ने प्रवेश लिया जिनका फूल मालाओं से स्वागत किया गया। अपर शिक्षा निदेशक बीएस रावत ने मौजूद जन प्रतिनिधियों, अभिभावकों को सरकारी विद्यालयों में बच्चों को दी जा रही गुणात्मक शिक्षा तथा सरकारी सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी।

श्रीनगर एवं आसपास के स्कूलों में भी धूमधाम से मनाया गया प्रवेशोत्सव

खिर्सू ब्लॉक के सरकारी विद्यालयों में आज प्रवेशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं में राजकीय बालक बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर, राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास श्रीनगर, नंदन नगर पालिका जूनियर हाई स्कूल श्रीनगर, नगर पालिका प्राथमिक विद्यालय श्रीनगर के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का शुभारम्भ ब्लॉक प्रमुख भवानी गायत्री द्वारा किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए ब्लॉक प्रमुख भवानी गायत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में सास्कारिक शिक्षा दी जाती है।

खण्ड शिक्षा अधिकारी अश्वनी रावत ने विद्यालयों के शिक्षक से  तन मन से बच्चों के सर्वागीण विकास में अपना सहयोग देने की बात कही। उप शिक्षा अधिकारी पीएल भारती ने प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की रुपरेखा रखते हुए सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में डा. विनीत पोस्ती ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में नामांकन बच्चों को विभिन्न अवसर प्रदान करता है। इस मौके पर नवप्रवेशित बच्चों का कापी और पैन देकर स्वागत किया। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता मोहन चन्द्र गायत्री, विनोद मैठानी, जीजीआईसी श्रीनगर की प्रधानाचार्य सुमन लता पंवार, राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर के प्रधानाचार्य सरोप सिंह मेहरा, पीटीए के अध्यक्ष, रघुवीर प्रसाद, मुकेश बहुगुणा, इन्द्रमोहन नैथानी, लक्ष्मी रॉय, मुकेश काला, गजेन्द्र सिंह नेगी आदि मौजूद थे। मंच का संचालन सरिता उनियाल ने किया।

उत्तराखंड: प्रदेशभर के स्कूलों में मनाया जा रहा ‘प्रवेशोत्सव’, सीएम धामी ने 21 हजार शिक्षकों को दी टैबलेट की सौगात

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Praveshotsav in schools of Uttarakhand

Praveshotsav program in uttarakhand: उत्तराखंड में शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के लिए प्रदेशभर में आज से प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन एक माह तक चलेगा। प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में नए छात्रों को स्कूल की सुविधाओं और पढ़ाई के बारे में बताया जाएगा। साथ ही अन्य बच्चों को दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून जनपद के अंतर्गत नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय बनियावाला, देहरादून में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ‘‘प्रवेशोत्सव’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय बनियावाला में बालिकाओं का प्रवेशोत्सव विद्यारम्भ संस्कार के साथ शुरू किया गया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय बनियावाला के उच्चीकृत भवन का शिलान्यास भी किया। उन्होंने विद्यालय से 8वीं पास करने वाली बालिकाओं को मैट्रिकुलेशन सेरेमनी से अलंकृत भी किया।

इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालयों के 21 हजार से अधिक अध्यापकों को टेबलेट के लिए उनके स्कूलों में डीबीटी के माध्यम से 21 करोड़ 76 लाख रूपये की धनराशि हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर कुछ अध्यापकों को टेबलेट भी प्रदान किये। इनका उपयोग शिक्षा शिक्षण अधिगम के लिए करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास बनियावाला में उपलब्ध भूमि की चाहरदीवारी एवं उपलब्ध भूमि के अनुरूप खेल का मैदान बनाया जायेगा। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावासों एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावासों में मानदेय पर कार्यरत अल्पकालिक शिक्षकों तथा अन्य कार्मिकों के मानदेय में तर्कसंगत वृद्धि की जायेगी। राजकीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अन्तर्गत मानदेय पर रखे गये भोजनमाता एवं अनुसेवकों के लिए कल्याणकोष की स्थापना की जायेगी। इस कल्याण कोष का उपयोग संबंधित भोजनमाता एवं अनुसेवकों के द्वारा एक निश्चित योगदान अवधि पूर्ण करने के बाद विद्यालय से मुक्त होने पर उन्हें एकमुश्त तर्कसंगत धनराशि दिये जाने के लिए किया जायेगा। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास बनियावाला के लिए डाइनिंग हॉल एवं 02 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने स्कूलों में प्रवेशोत्सव करने पर सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो रहा है, वहीं दूसरी और विद्यार्थियों के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ से उच्चीकृत एक नए नेताजी सुभाष चन्द्र बोस छात्रावास का भी शिलान्यास किया जा रहा है। इस समय राज्य में टनकपुर, चम्पावत, श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल, उधमसिंह नगर, पीठसेन में कुल 11 ऐसे आवासीय छात्रावास स्वीकृत हुए हैं, जिनके माध्यम से हमारे विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिल रही है, इसके अलावा इस वित्तीय वर्ष में 2 नये आवासीय छात्रावास टनकपुर एवं श्रीनगर में स्वीकृत किये गये हैं साथ ही 3 छात्रावास गदरपुर, पीठसेन एवं बनियावाला को भी उच्चीकृत किया गया है। इन छात्रावासां के माध्यम से बालकों तथा बालिकाओं दोनों को निःशुल्क भोजन, आवास, गणवेश, शिक्षण सामग्री आदि उपलब्ध कराई जा रही है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को डिजिटल सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से टीचर रिर्सोस पैकेज के तहत टैबलेट क्रय के लिए दस हजार रूपये की धनराशि प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समय के साथ शिक्षा में इनोवेशन बहुत जरूरी है। ज्ञान और शिक्षा सिर्फ किताबी नहीं हो सकते हैं। शिक्षा का मकसद व्यक्ति के हर आयाम का सन्तुलित विकास करना है। सन्तुलित विकास इनोवेशन के बिना सम्भव नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे, इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे। नई शिक्षा नीति के माध्यम से रोजगार परक शिक्षा मिलेगी, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी पड़ेगी। उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति को लागू किया है।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम एक माह तक चलेगा। स्कूलों में प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधिगण भी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या को शून्य प्रतिशत करने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में जल्द ही विद्या समीक्षा केन्द्र का शुभारंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के अलावा अशासकीय विद्यालयों के बच्चों को भी मुफ्त में किताबें देने का निर्णय सरकार ने लिया है, जल्द ही सभी को किताबें मिल जायेंगी। अब प्रत्येक स्कूलों में बुक बैंक बना रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जितने भी अल्पसंख्यक स्कूल हैं, उन सभी स्कूलों को सर्वे किया जा रहा है, जिन मानकों के हिसाब से स्कूलों को अल्पसंख्यक का दर्जा मिला है, उनका कितना पालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में स्थानान्तरण की पॉलिसी को मजबूत बनाया जा रहा है। राज्य में माह में बच्चों को स्कूलों में एक दिन बस्ता फ्री दिवस करने जा रहे हैं, उस दिन व्यायाम, योगा एवं अन्य गतिविधियां कराई जायेंगी। जल्द ही शिक्षा के पांचों बोर्ड की बैठक की जायेगी, इस बैठक में बच्चों के बस्ते के वजन को कम करने के लिए निर्णय लिया जायेगा।

इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, दलीप सिंह रावत, मोहन सिंह मेहरा, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड: शिक्षा मंत्री धन सिंह का बड़ा ऐलान, शिक्षकों की स्थानांतरण नीति में कर रहे हैं ये बदलाव

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recruitment process for 2100 posts of primary teachers has started in Uttarakhand.

देहरादून : शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने शिक्षकों को लेकर बड़ा बयान दिया है। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि, शिक्षकों को इस ट्रांसफर सत्र में हम बड़ी राहत देने जा रहे हैं। मंत्री धन सिंह के अनुसार हम 10 प्रतिशत का प्रतिबन्ध इस बार खत्म करने जा रहे हैं।

मंत्री के अनुसार इस बार पहाड़ों में कई सालो से तैनात शिक्षकों को हम मैदानो में लाने का काम करेंगे, इसके अलावा मैदानों में सालों से जमे शिक्षकों को हम पहाड़ों में भेजने का काम करेंगे।

मंत्री ने साफ कह दिया है कि, इस बार हम स्थानांतरण नीति में बदलाव कर रहे हैं। इसलिए शिक्षकों को इस बार राहत महसूस करनी चाहिए।