देहरादून, 30 जुलाई। प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत केंद्र सरकार से प्राप्त बजट का समय पर उपयोग नहीं होने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में बजट व्यय में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गुरुवार को अपने शासकीय आवास पर आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने समग्र शिक्षा की विभिन्न परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत धनराशि तथा राज्यांश को निर्धारित समय सीमा के भीतर खर्च करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बजट का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की लंबित पदोन्नति और वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पदोन्नति और स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को जल्द राहत मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें समय पर न्याय मिल सके।
8 और 9 अगस्त को देहरादून में होगी राज्य स्तरीय कार्यशाला
समीक्षा बैठक में हाल ही में भारत सरकार द्वारा आयोजित पीएम-पोषण एवं समग्र शिक्षा अभियान की दो दिवसीय बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। शिक्षा मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 8 एवं 9 अगस्त को देहरादून में दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और डायट के प्राचार्य भाग लेंगे। कार्यशाला में जनपदों द्वारा समग्र शिक्षा के तहत किए गए नवाचारों एवं उत्कृष्ट कार्यों का प्रस्तुतिकरण भी किया जाएगा।
आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास का होगा भौतिक सत्यापन
डॉ. रावत ने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को समग्र शिक्षा के तहत संचालित आईसीटी लैब, वर्चुअल क्लास, स्मार्ट क्लास सहित विभिन्न परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्ण हो चुकी योजनाओं का विधिवत शुभारंभ सुनिश्चित किया जाए ताकि विद्यार्थियों को इनका लाभ मिल सके।
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित
बैठक में राज्य के 200 विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की समीक्षा भी की गई। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि नई संस्था के चयन तक पूर्व में कार्यरत संस्था से ही सेवाएं ली जाएं, ताकि बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।
बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, वित्त नियंत्रक वीरेन्द्र कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



