देहरादून: भारत निर्वाचन आयोग ने तीसरे चरण में उत्तराखंड समेत देश के 19 राज्यों के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की घोषणा कर दी है। उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि आयोग द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड में 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्र के प्रिंटिग, कर्मचारियों के प्रशिक्षण सम्बंधी कार्य सम्पादित किए जाएंगे। इस अभियान के तहत 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO)  घर-घर जाकर वोटरों का सत्यापन करेंगे। नए वोटर जोड़ने, डुप्लीकेट नाम हटाने और गलतियां सुधारने का काम इसी दौरान होगा।

उत्तराखण्ड में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। इसी क्रम में 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। इसी बीच 10 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में 11733 पोलिंग बूथ के सापेक्ष वर्तमान में प्रदेश में राजनैतिक दलों द्वारा 21 हजार 808 बीएलए की तैनाती कर दी गई है।

घर पर नहीं मिले तो तीन बार जाएंगे BLO

देहरादून में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि BLO हर मतदाता तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। अगर कोई व्यक्ति घर पर नहीं मिलता है तो BLO कम से कम तीन बार विजिट करेंगे। इसके बाद भी संपर्क नहीं होने पर मतदाता ऑनलाइन फॉर्म भर सकेगा। साथ ही ऐप के जरिए BLO के साथ अपॉइंटमेंट भी बुक किया जा सकेगा।

एक क्लिक पर BLO के साथ कॉल बुक करने की सुविधा

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए “बुक ए कॉल विद BLO” फीचर शुरू किया है। इसके जरिए मतदाता अपने BLO के साथ फोन कॉल बुक कर सकते हैं। इसके लिए मतदाता वोटर सर्विस पोर्टल पर जाकर या ECI-NET मोबाइल ऐप डाउनलोड कर कॉल बुक कर सकते हैं। कॉल बुक होने के बाद दो दिन के भीतर BLO खुद मतदाता से संपर्क करेंगे।

नाम कटने पर दर्ज करा सकते हैं आपत्ति:

14 जुलाई को जारी ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन से अगर किसी मतदाता का नाम कट दिया जाता है तो वो अपनी आपत्तियां भी दर्ज करवा सकता है। पहले अपील के रूप में धारा 24 (A) के तहत जिलाधिकारी कार्यालय में अपील दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, ये अपील ईआरओ के निर्णय के बाद 15 दिन के भीतर करनी होगा। ऐसे में अगर किसी भी मतदाता की अपील को जिलाधिकारी की ओर से सुना नहीं गया या फिर आपके पक्ष में निर्णय नहीं आया तो फिर द्वितीय अपील के रूप में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में भी अपील दाखिल कर सकते हैं। यह अपील जिलाधिकारी के निर्णय के बाद 30 दिन के भीतर करना होगी।

नए वोटरों को देने होंगे दस्तावेज

जो लोग पहली बार वोटर बनने के लिए आवेदन करेंगे या जिनका नाम सूची में नहीं है, उन्हें नया फॉर्म भरना होगा और पहचान से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे। पहचान के लिए आधार कार्ड समेत 11 तरह के दस्तावेज मान्य किए गए हैं। इनमें 10वीं की मार्कशीट जैसे दस्तावेज भी शामिल हैं। अगर किसी के दस्तावेज अधूरे पाए जाते हैं या जानकारी गलत होती है तो उसका नाम सीधे नहीं काटा जाएगा। पहले नोटिस देकर सुनवाई का मौका दिया जाएगा।

पहले चरण में बिहार राज्य में कराया गया था एसआईआर

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि, एसआईआर के पहले चरण में बिहार राज्य में एसआईआर कराया गया था। इसके बाद दूसरे चरण के तहत देश के 12 राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं अब तीसरे चरण में देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की गई है। जिसमें उत्तराखंड राज्य भी शामिल है। एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। ऐसे में एसआईआर की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद 15 सितंबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

उत्तराखंड राज्य में एसआईआर के लिए कार्यक्रम

  • उत्तराखंड में 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्र के प्रिंटिग, कर्मचारियों के प्रशिक्षण सम्बंधी कार्य होंगे।
  • 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ की ओर से घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण एवं संकलन करेंगे।
  • 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा।
  • 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है।
  • 10 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
  • 15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

70 लाख मतदाताओं की मैपिंग:

उत्तराखंड राज्य में संचालित प्री एसआईआर के दौरान 70 लाख मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है। ऐसे में अब एसआईआर के दौरान, जिन मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है और जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है, उन सभी को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही बताया कि, एसआईआर के दौरान 11,733 बीएलओ, 21 हजार 808 बीएलए के साथ ही 70 विधानसभा में 70 ईआरओ और हेल्प डेस्क में मैनपावर लगाए जाने के साथ ही हर बूथ पर वॉलंटियर्स भी तैनात किए जाएंगे।