गाज़ियाबाद: गाजियाबाद के नंदग्राम स्थित “उत्तराखंड भवन” को पूर्ण रूप से उत्तराखंड समाज को समर्पित किए जाने की घोषणा के बाद समाज में उत्साह और खुशी का माहौल है। रविवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में नगर आयुक्त ने भवन को समाज के सुपुर्द किए जाने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने भवन के निर्माण और संचालन हेतु लंबे समय से प्रयासरत सामाजिक संगठनों, समाजसेवियों एवं उत्तराखंड समाज के लोगों के योगदान की सराहना की।

बैठक में विशेष रूप से डॉ. अनुपम सिंह भंडारी के नेतृत्व एवं सक्रिय प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया गया। नगर आयुक्त ने कहा कि समाज की एकजुटता और निरंतर प्रयासों के कारण ही यह महत्वपूर्ण निर्णय संभव हो सका।

जानकारी के अनुसार, भारतीय पर्वतीय महासभा को जब यह ज्ञात हुआ कि विभिन्न प्रयासों के बावजूद उत्तराखंड भवन का संचालन प्रारंभ नहीं हो पा रहा है, तब महासभा ने इस विषय को गंभीरता से उठाया। इसके बाद डॉ. भंडारी के नेतृत्व में महासभा की केंद्रीय कार्यकारिणी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपकर भवन को शीघ्र संचालित किए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री द्वारा मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

गौरतलब है कि उत्तराखंड भवन के निर्माण की ऐतिहासिक घोषणा महाकौथिग के मंच से की गई थी। इसके लिए महाकौथिग के मुख्य संयोजक राजेन्द्र चौहान एवं महाकौथिग की पूरी टीम के प्रति उत्तराखंड समाज ने आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर दिनेश लखेड़ा, सच्चिदानंद शर्मा, पूर्व पार्षद मीना भंडारी, बालम सिंह बिष्ट एवं पार्षद हरीश कड़ाकोटी सहित अनेक वरिष्ठजनों और समाजसेवियों के योगदान को भी सराहा गया।

इसके अतिरिक्त महासभा की दिल्ली-NCR शाखा से अभिनव सिंह भंडारी, भुवन चंद पांडे, रोहित रावत, दीपक रावत, सतीश भारद्वाज, अनिल वर्मा, बी.डी. उप्रेती एवं हेमंत जोशी के सहयोग और समर्पण की भी प्रशंसा की गई।

महासभा ने स्पष्ट किया कि सदस्यता शुल्क एवं भवन संचालन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण मांगों को लेकर समाज का प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेगा।