पौड़ी गढ़वाल : कोरोना (कोविड-19) रूपी महामारी देशभर में लगातार अपने पैर पसार रही है। अब तक देशभर में 67 हजार से ज्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। यही नहीं पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना वायरस के रिकॉर्ड 4,213 मामले सामने आये हैं। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा देशभर में किये गए लॉकडाउन के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे प्रवासियों को अपने राज्यों में वापस लाने के लिए राज्य सरकारें लगातार प्रयासरत हैं। इसीक्रम में उत्तराखंड सरकार द्वारा भी अब तक करीब 45 हजार प्रवासियों को राज्य में वापस लाया जा चुका है। जबकि अभी लगभग 2 लाख प्रवासियों की राज्य में आने की उम्मीद है। उत्तराखंड सरकार लॉकडाउन के दौरान विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी उत्तराखंडियों को उनके मूल स्थान तक पहुचाने के लिए संकल्पबद्ध है।
शासन/प्रशासन द्वारा बाहरी राज्यों से आने वाले प्रवासियों को लॉकडाउन की गाइडलाइन्स के अनुसार स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत उनके निवास तक भेजने और उनको होम क्वारंटाइन करने के लिए संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों को आदेश दिया गया है। हालाँकि इसके कारण कई ग्राम सभाओं में आपसी मतभेद या आपसी टकराव की खबरे सामने आ रही है। कई गांवों में स्कूल की व्यवस्था नही है, कहीं है भी तो बहुत एकांत में है जहाँ जंगली जानवरों का भय बना रहता है। वैसे भी मानवता के आधार पर छोटे छोटे बच्चे लेकर बाहर से आये प्रवासियों को वहां रखने में सुरक्षा की कमी नजर आती है। कई ग्राम सभाओं में अपना पंचायत भवन भी ठीक नही है जहाँ पानी, सौचालय, बिजली, जैसी मूल भूत सुविधाओं की कमी है।
उक्त समस्याओं को लेकर ग्राम प्रधान बेडगाँव व प्रधान संगठन अध्यक्ष (कल्जीखाल) प्रमोद रावत, ने जिला आधिकारी पौड़ी गढवाल को पत्र लिखकर माँग की है कि गाँव में आने वाले प्रवासियों के लिये नजदीकी इण्टर कॉलेज को क्वारंटाइन सेन्टर बनाये जाये। जहाँ उनको सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जायें। और उनकी क्वारंटाइन अवधि पूरी होने के बाद सभी आवश्यक मेडिकल जांच कराने के उपरांत ही उन्हें गाँव, ग्रामसभा में जाने की अनुमति प्रदान की जाये। जिससे कि सभी लोगों मे आपसी भाई चारा बना रहे, और इस वैश्विक महामारी से मिलकर लड़ा जा सके।
जगमोहन डांगी



