प्रसाद

रुद्रप्रयाग: यात्रासीजन में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने एवं स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड सरकार की अनोखी पहल के तहत धार्मिक स्थलों पर स्थानीय उत्पादों से निर्मित प्रसाद की योजना कामयाब होती नजर आ रही है। इस योजना के तहत अब तक सिर्फ दो महीने मे केदारनाथ धाम में एक करोड रुपए का स्थानीय उत्पादों से तैयार प्रसाद बिक चुका है। इस तरह जिला प्रशासन का शुरूआती दौर में ही स्थानीय प्रसाद को लेकर इन्नोवेटिव पहल काफी लोकप्रिय हो रही है। इस सकारात्मक पहल के चलते करीब ढाई हजार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार मिल रहा है।

बाबा केदार के भक्तों को केदारनाथ में नियमित रूप से स्थानीय उत्पादों वाला प्रसाद दिया जा रहा है। प्रसाद में चैलाई के लड्डू, खुमेरा, केदारनाथ संगम का जल, बेल पत्री, शहद, बाबा केदार की भष्म, स्थानीय धूप व बाबा केदार का सिक्का शामिल है। प्रशासन की ओर से एकीकृत आजीविका व सहकारिता को प्रसाद तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

स्थानीय उत्पादों से तैयार प्रसाद की पैकिंग रिंगाल, जूट, कपड़ा और कागज के बैग में की जा रही है। लड्डू के लिए चैलाई जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों से खरीदा जा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूह जड़ी-बूटियों से तैयार की जा रही धूप के पैकेट तैयार कर रही हैं। प्रसाद के नियमित संचालन के लिए प्रशासन और श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में बीते वर्ष अनुबंध भी हुआ था। जिसके तहत मंदिर समिति जहां धाम से बाबा केदार की भष्म, बाबा केदार का सिक्का व संगम का जल उपलब्ध करा रही है, वहीं प्रशासन संस्थाओं के सहयोग से अन्य उत्पाद तैयार कर उनकी पैकिंग करा रही है।

जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि जिले के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों से केदारनाथ का प्रसाद तैयार कर रही हैं। इस प्रसाद को यात्री काफी पसंद कर रहे हैं। स्थानीय उत्पादों को केदारनाथ के प्रसाद में शामिल करने के पीछे मंशा यही है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध हों। इसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। इसलिए स्वयं सहायता समूहों से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

श्रीकेदारनाथ सहकारी संघ के अध्यक्ष आत्माराम बहुगुणा और उपाध्यक्ष लक्ष्मण सजवाण ने कहा कि प्रसाद तैयार कर केदारनाथ पहुंचाना अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी। जिला प्रशासन का सकारात्मक सहयोग मिलने और टीम भावना से काम करने के कारण हम अपने पहले प्रयास में सफल हुए हैं। लोकल उत्पाद के प्रसाद को यात्री हाथों-हाथ ले रहे हैं। अगले वर्ष और भी बेहतर सेवा देने का प्रयास किया जायेगा।

स्थानीय प्रसाद में शामिल आईटम

चैलाई के लड्डू, चैलाई का चूरमा, स्थानीय धूप बत्ती, स्थानीय शहद, मंदाकिनी व सरस्वती नदी का जल, बदरी-केदार की फोटो और बाबा केदार की भभूत (हवन कुंड की राख)। यात्रियों को प्रसाद रिंगाल की टोकरी, जूट-कपड़े के बैग और कागज के पैकेट में उपलब्ध कराया जा रहा है।

सहकारी संघ का गठन

केदारनाथ में स्थानीय उत्पादें से तैयार किये जाने वाले प्रसाद व अन्य सामग्री में एकरूपता, गुणवत्ता और विपणन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्रीकेदारनाथ सहकारी संघ का गठन किया गया है।

रुद्रप्रयाग में चैलाई का समर्थन मूल्य घोषित

उत्तराखंड में अकेला रुद्रप्रयाग पहला जनपद है, जिसने चैलाई (रामदाना) का समर्थन मूल्य घोषित किया है। कृषि विभाग और एकीकृत आजीविका के माध्यम से स्थानीय काश्तकारों से 55 रुपये प्रति किलो की दर से चैलाई खरीदा जा रहा है।

चैलाई के लड्डू के लिए लाइसेंस अनिवार्य

केदारनाथ धाम में प्रसाद के लिए तैयार किए जाने वाले चैलाई के लड्डू की गुणवत्ता बनी रहे, इसके लिए एफ.एस.एस.ए.आई. (फूड सेफ्टी एंड स्टैर्डड अथौरिटी ऑफ इण्डिया) से लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।