Public awareness needed to stop plastic: CM

स्थानीय निकायों के आय के संसाधन तलाशे जाएं।

देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में शहरी विकास व आवास विभागों की समीक्षा की। प्लास्टिक पर प्रतिबंध को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। इसके लिए आम जनता को जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में शहरी विकास व आवास विभागों की समीक्षा करते हुए स्थानीय निकायों को आर्थिक तौर पर स्वावलम्बी बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

जिला विकास प्राधिकरणों को सक्रिय किया जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में निर्धारित लक्ष्यों को निश्चित समय में पूरा किया जाए। शहरों के सुनियोजित विकास के लिए विकास योजना बनाई जाएं। जिला विकास प्राधिकरणों को सक्रिय किया जाए। शहरों में अगले कुछ वर्षों बाद की आवश्यकता के अनुसार पार्किंग विकसित की जाएं। रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

कूड़ा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था की जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए। कूड़ा निस्तारण के लिए गीले व सूखे कूड़े का उद्भव स्थान पर ही पृथक्करण जरूरी है। इसके लिए स्थानीय लोगों को प्रेरित किया जाए। सफाई निरीक्षक रोज सुबह अपने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण सुनिश्चित करें। नगर निकायों के तहत आने वाले शौचालयों की स्वच्छता पर भी ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

राज्य के 92 शहरों की विकास महायोजना बन रही है

बैठक में बताया गया कि जिला विकास प्राधिकरणों ने काम प्रारम्भ कर दिया है। राज्य में 92 शहरों की विकास महायोजना पर काम किया जा रहा है। दीनदयाल अन्त्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना व अमृत योजना के बारे में जानकारी दी गई। अमृत योजना के बारे में अवगत कराया गया कि प्रदेश के सात शहरों में जलापूर्ति, सीवर निस्तारण, पार्क निर्माण, ड्रेनेज आदि की 145 परियोजनाओं चिन्हित हैं।

बैठक में केबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।