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पौड़ी गढ़वाल : जम्मू-कश्मीर के पुंछ इलाके में नियंत्रण रेखा पर देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए गढ़वाल राइफल के सूबेदार स्वतंत्र सिंह का पार्थिव शरीर आज सुबह उनके पैतृक गांव उडियारी (द्वारीखाल ब्लाक) ले जाया गया। शहीद का शव घर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। उनकी बूढी मां और पत्नी बेसुध हो गई। जबकि उनके बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम दर्शन के दौरान उपस्थित जन सैलाब ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा निकाली गई। इस दौरान ग्रामीणों के अंदर पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश फूट पड़ा। भीड़ ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए।shahid-subedar-swatantra-singh

इससे पहले शुक्रवार शाम को शहीद सूबेदार स्वतंत्र सिंह का पार्थिव शरीर हेलीकाप्टर से लैंसडौन लाया गया। शहीद के पार्थिव शरीर को लैंसडौन के गढ़वाल राइफल्स मुख्यालय के शहीद भवानी दत्त जोशी परेड ग्राउंड में राजकीय और सैन्य सम्मान के लाया गया, जहां मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि बतौर लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत ने शहीद सैनिक के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।shahid-subedar-swatantra-singh

बता दें कि बीते गुरुवार को पाकिस्तानी सेना ने सीज फायर का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर के पूंछ जिले में नियंत्रण रेखा से सटे दिगवार और केरन सेक्टर में गोलाबारी की थी। जवाबी कार्रवाई के दौरान पौड़ी गढ़वाल निवासी 46 वर्षीय सूबेदार स्वतंत्र सिंह सहित सेना के तीन जवान शहीद हो गए थे। 16 गढ़वाल राइफल में सूबेदार स्वतंत्र सिंह उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के द्वारीखाल ब्‍लॉक के अतंर्गत ग्राम ओड़ियारी के रहने वाले थे। और इन दिनों जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर तैनात थे। स्वतंत्र सिंह एक महीने पहले ही छुट्टी खत्म कर वापस लौटे थे। स्वतंत्र सिंह के परिवार में उनकी माता, पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां हैं। शनिवार तड़के शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव उडियारी (द्वारीखाल ब्लाक) ले जाया गया। जहाँ उनके पैतृक घाट के लिए शहीद की अंतिम यात्रा निकाली गई।