Wild boar attacked woman in Uttarakhand: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कहीं बाघ, गुलदार घर के आंगन से नौनिहालों को उठाकर अपना निवाला बना रहे हैं तो कहीं खेतों में काम कर रही महिलाओं/बुजुर्गों पर हमला उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं। यही नहीं कुछ क्षेत्रों में जंगली भालू और सूअरों द्वारा इंसानों पर हमले के मामले भी अक्सर सुनाई देते हैं।

ताजा मामला टिहरी गढ़वाल का है। यहाँ नरेंद्रनगर ब्लॉक में घास लेने जंगल गई महिला को सूअर ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों ने महिला की हालत गंभीर बताते हुए एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया।

जानकारी के मुताबिक पट्टी दोगी की ग्राम पंचायत मठियाली स्थित सेरा गांव की 35 वर्षीय महिला कविता देवी घर से थोड़ी ही दूर जंगल में घास काट रही थी। इसी दौरान जंगली सूअर ने कविता पर हमला कर दिया। सूअर के हमले से घबराई कविता ने शोर मचाया। चीख पुकार सुनकर घास काटने जंगल गई साथी महिलाएं मौके पर पहुंचीं। महिलाओं ने बड़ी मुश्किल से कविता को जंगली सूअर के चंगुल से छुड़ाया। तब तक सूअर महिला को गंभीर रूप से घायल कर चुका था।

घटना की सूचना ग्राम पंचायत की प्रधान गीता देवी, रतन मणि और किसान संगठन के ज्योति प्रसाद बड़थ्वाल ने 108 को दी। सूअर के हमले से गंभीर रूप से घायल होकर अचेत हुई कविता को 108 एंबुलेंस सेवा के जरिए ऋषिकेश के अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया।

इस घटना से गांव क्षेत्र में दहशत का माहौल है। गांव की महिलाओं का अब जंगल में घास चारा पत्ती लेने जाना मुश्किल हो गया है। जंगल में कभी गुलदार तो कभी सूअर का डर ग्रामीणों में फैला हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से कई बार गांव में सुरक्षा के उपाय किए जाने की मांग की, परंतु वन विभाग की तरफ से अभी तक कोई भी उपाय नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों में इससे रोष है। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्दी ही सुरक्षा के लिए वन विभाग के द्वारा कोई उपाय नहीं किया गया तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।