स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरी राजकीय इंटर कॉलेज हरिपुरकलॉ में पौधरोपण कर उतराखण्ड का लोक पर्व हरेला धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य एवम् समस्त स्टाफ द्वारा स्थान उपयोगी फलदार, शोभादार तथा औषधीय पादपों का यूथ एण्ड ईको क्लब वाटिका, एनएसएस वाटिका और विद्यालय परिसर में लीची, कलमी व आम्रपालीआम, चीकू, नींबू, ऑवला, गिलोयी के साथ विविध प्रजाति के औषधीय व शोभादार विभिन्न प्रजाति के पादपों का इस अक्सर पर रोपण पौधारोपण कर समाज को पयोवरण संरक्षण व संवर्द्धन का संदेश दिया।
साथ ही एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार के निर्देशन में “स्टे होम पादप संरक्षण कार्यक्रम” संचालित किया गया। जिसके अंतरगत स्वय सेवकों द्वारा अपने घर ऑगन व आसपास स्थान उपयोगी पौधों का रोपण किया गया।
विदूयालय के प्रधानाचार्य डॉ. अजय शेखर बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रत्येक परिवार द्वारा हरेला के दिन अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण की परंपरा है। मान्यता है कि हरेला के दिन टहनी मात्र रोपण से उससे पौध पनप जाती है। इस प्रकार हरेला पर्व का सीधा संबंध प्रकृति संरक्षण व संवर्धन से है। पेड़ों में भी चेतना होती है। इसलिए उन्हें मनुष्य के समतुल्य माना गया है।ऋग्वेद से लेकर बृहदारण्यकोपनिषद्, पद्मपुराण और मनुस्मृति सहित अन्य वाङ्मयों में इसके संदर्भ मिलते हैं। छान्दोग्यउपनिषद् में उद्दालक ऋषि अपने पुत्र श्वेतकेतु से आत्मा का वर्णन करते हुए कहते हैं कि वृक्ष जीवात्मा से ओतप्रोत होते हैं और मनुष्यों की भाँति सुख-दु:ख की अनुभूति करते हैं। घर में तुलसी का पौधा लगाने का आग्रह भी हिन्दू संस्कृति में क्यों है? यह आज सिद्ध हो गया है। तुलसी का पौधा मनुष्य को सबसे अधिक प्राणवायु ऑक्सीजन देता है। तुलसी के पौधे में अनेक औषधीय गुण भी मौजूद हैं। पीपल को देवता मानकर भी उसकी पूजा नियमित इसीलिए की जाती है क्योंकि वह भी अधिक मात्रा में ऑक्सीजन देता है। हमारे बुजुर्ग कहते थे कि रात में पेड़-पौधे को छूना नहीं चाहिए, वे सो जाते हैं।
पर्यावरण संरक्षण उत्तराखण्ड के वासियों के रग रग में समाया है। लोक पर्व हरेला हमे प्रकृति को करीब से जानने का अवसर प्रदान करने के साथ संरक्षण व संर्वद्धन का संदेश देता है।
इस अवसर पर विद्यालय में उपस्थित होकर विद्यालय प्रधानाचार्य डॉ० अजय शेखर बहुगुणा के साथ आरएस घमान्दा, संजय कुमार, बीएस सजवाण, अशोक कुमार, वृजेश कुमार पोखरियाल, भूपेन्द्र पाल सिंह वर्गली, राजेन्द्र सिंह नेगी, राम सिंह शाह, देवपाल सिंह सोलंकी, राम सिंह तथा विकास गौड के साथ महिला कार्मिक मीनाक्षी अमोली, रीता गुरानी व स्थिता शैली ने अपने प्रियजनों की स्मृति में विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण जागरूकता का संदेश दिया।
समस्त स्टाफ द्वारा भावी पीढ़ियों के लिये FFF (Fruit For Future) पर्यावरण संरक्षण व संवर्द्धन की शपथ लेकर हरेला पर्व सम्पन्न हुआ।



