Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में आज से ही भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने आज से 4 मई तक समूचे राज्य में बारिश, ओलावृष्टि, आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के देखते हुए सरकार ने राज्य में ट्रेकिंग की गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके कारण आज से चार मई तक समूचे प्रदेश में बारिश के आसार हैं। आईएमडी के मुताबिक आज शाम से मौसम करवट बदल सकता है। आज राज्य के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में अधिकांश स्थानों पर बारिश के आसार हैं। राज्य के शेष जिलों में भी आज हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार कल उत्तराखंड में मौसम और भी खराब रहेगा। कल सभी जिलों में अधिकांश स्थानों पर बारिश के आसार हैं। साथ ही राज्य में 4400 मीटर या इससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना है। बारिश और बर्फबारी से राज्य में आने वाले तीन-चार दिन के भीतर अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने के आसार हैं। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम आज से करवट बदल सकता है। आज से पूरे सप्ताह समूचे राज्य में बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, आज और नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिले में कहीं-कहीं गर्जना के साथ आकाशीय बिजली कड़कने, तीव्र दौर की ओलावृष्टि और 50 किमी प्रतिघंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है। आज और कल इन जिलों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है। राज्य के शेष जिलों में भी बारिश के अलावा अंधड़ और आकाशीय बिजली कड़कने का पूर्वानुमान है। इन जिलों को दो दिन के लिए यलो अलर्ट मोड पर रखा गया है।
30 अप्रैल को बारिश से होगा महीने का समापन
उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार गुरुवार 30 अप्रैल को इस महीने का समापन बारिश के साथ होगा। राज्य के सभी जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जारी किया गया है। इस दौरान बादल बहुत जोर से गरजेंगे तो बिजली भी चमकेगी। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पहाड़ी जिलों में 4000 मीटर और उससे ऊंचे स्थानों पर बर्फबारी होगी।
बारिश से ही होगी मई महीने की शुरुआत
मई महीने की शुरुआत भी बारिश से ही होगी। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार 1 मई को पूरे उत्तराखंड में बारिश होगी। राज्य के पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश बादलों की गरज के साथ होगी। 4400 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ों पर बर्फबारी होगी। मैदानी जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश बादलों की गर्जना के साथ होगी।
2 मई को भी होगी बारिश: 2 मई को भी पूरे राज्य में बारिश होगी। मौसम विभाग ने जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसके अनुसार शनिवार को उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान 4400 मीटर और उससे ऊंचे स्थानों पर बर्फ भी गिरेगी। राज्य के मैदानी जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान है।
3 मई को भी होगी बारिश: रविवार 3 मई को भी उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश होगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में अनेक स्थानों पर और बाकी पहाड़ी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश बादलों की गड़गड़ाहट के साथ होगी। राज्य के मैदानी जिलों में भी कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होगी।
4 मई को भी होगी बारिश: सोमवार 4 मई को भी पूरे उत्तराखंड के जिलों में बारिश का योग है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में अनेक स्थानों और शेष पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। इन दिन भी 4400 मीटर और उससे ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फ गिरेगी। मैदानी इलाकों में भी बारिश होगी।
ट्रेकिंग पर पाबंदी
मौसम आज और कल अत्यंत खराब रह सकता है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने ट्रेकिंग गतिविधियों पर रोक लगा दी है। साथ ही विभागीय अफसरों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। आईएमडी ने राज्य के आठ जिलों के लिए दो दिन का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार टिहरी,चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली कड़कने, ओलावृष्टि और 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। साथ ही बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़े समस्त अधिकारियों को अपने मोबाइल फोन चालू रखने और किसी मार्ग के बाधित होने पर उसे तत्काल खुलवाना सुनिश्चित करने को कहा गया है। पर्यटकों को भी उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।



