पौड़ी: राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखण्ड के प्रातीय नेतृत्व के आह्वान पर शिक्षकों की विभिन्न मांगो के समर्थन में प्रदेशभर के शिक्षकों द्वारा चरणबद्ध आन्दोलन किया जा रहा है। राजकीय शिक्षक संघ के पौड़ी जनपद अध्यक्ष बलराज सिंह गुसांई ने कहा कि 04 अगस्त को राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों, शिक्षा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों के बीच शिक्षकों की 35 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी। लेकिन दो माह बीतने के बाद भी एक मांग पर विचार व समाधान न होने के कारण संगठन को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है।
चरणबद्ध आंदोलन के प्रथम चरण में 27 सितम्बर को काली पट्टी बांधकर एवं 8 अक्टूबर को सरकार जागरण रैली के माध्यम से विरोध किया गया। उसी क्रम मे तृतीय चरण के अंतर्गत आज प्रदेश के समस्त जनपदों पर जनपद एवं ब्लॉक कार्यकारणी द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। जनपद पौड़ी के द्वारा भी आज मौसम की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद धरना प्रदर्शन किया, जिसमे जनपद कार्यकारिणी के साथ-2 ब्लॉक कार्य कारणियों एवं प्रांत व मंडल के नामित सदस्यों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया।
स अवसर पर जनपद अध्यक्ष बलराज सिंह गुसांई, ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। जिला मंत्री बिजेन्द्र सिह विष्ट ने कहा कि यदि शिक्षकों की मांगों पर जल्दी ही विचार न किया गया तो शिक्षकों को हड़ताल जैसा कड़ा निर्णय लेना पड़ेगा। जिला संरक्षक जयदीप रावत ने कहा शिक्षकों को मजबूरी में आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। है। शिक्षकों की पदोन्नति जैसी मांग भी पिछले लम्बे समय से पूरी नहीं हो पा रही है। अन्य वक्ताओं ने भी छात्रहित में शिक्षकों की विभिन्न मांगो को पूरा करने का आह्वान किया।
धरना प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष मनोज काला, राजेश भट्ट, आशीष खरक्वाल, शीना रावत, प्रातीय प्रवक्ता मेहरवान भंडारी, प्रातीय कार्यकारिणी के सदस्य राकेश मोहन कंडारी, डब्बल रावत, दीपक गौड़, हरदीप रावत, भारत बुरोला, भवान सिंह नेगी, रघुराज चौहान, सत्येन्द्र चमोली, पदमेन्द्र रौथाण, सत्येन्द्र राणा, रतन रावत, ब्लॉक मंत्री खिर्सू अब्बल पुण्डीर, राकेश भारती, देवेन्द्र विष्ट, सुमन भट्ट, संजय रावत, विजेद्र तोमर, सुखदेव रावत, विजय चौहान, शरद चंद्र रावत आदि मौजूद थे।













