राजा भरत की जन्मस्थली कण्वाश्रम, कोटद्वार में आयोजित बसन्तोत्सव में पहुंचे सीएम त्रिवेन्द्र

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Kanvashram-Basantotsav

बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर रविवार को कोटद्वार के कण्वाश्रम में आयोजित कण्वाश्रम बसन्तोत्सव में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। पौड़ी कण्वाश्रम आगमन पर नवनियुक्त गढ़वाल आयुक्त डॉ. बीवीआरसी पुरूषोत्तम ने मुख्यमंत्री रावत का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

कार्यक्रम में प्रदेश वासियों को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भारतवर्ष के महान चक्रवर्ती राजा भरत की तपस्थली है। इस स्थान को विश्व मानचित्र पर स्थान दिलाये जाने को लेकर उनकी सरकार ने ठोस पहल की है। प्राचीन, पौराणिक और आधुनिक संस्कृति के बीच में कोई गैप न आ जाए इसके लिए प्रधानमंत्री जी ने ऐसे पौराणिक स्थलों के पुनरूद्धार का बीड़ा उठाया है। इसके लिए प्रधानमंत्री ने पौराणिक स्थल कण्वाश्रम को देश के 32 आइकोनिक स्थलों में शामिल किया, जिससे इस क्षेत्र को देश के अन्य प्रसिद्ध स्थलों में शुमार किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की आयुष्मान योजना तथा अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के तहत प्रदेश के शत प्रतिशत बीपीएल परिवारों को पांच लाख रूपये का हेल्थ कवरेज मिला है। उत्तराखंड देश का अकेला ऐसा राज्य बन गया है जिसने इतनी बड़ी हैल्थ योजना को धरातल पर उतारा है। इस योजना के तहत 1300 से अधिक बीमारियों का उपचार निशुल्क है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 14 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रूद्रपुर से करोड़ों रूपए की योजना लॉन्च करने वाले हैं। इससे लाखों लोगों को रोजगार प्राप्त होंगे। इसके अलावा आॅरगेनिक योजना के तहत प्रधानमंत्री ने प्रदेश को 15 सौ करोड़ रूपये दिये हैं। इन येाजनाओं से लोगों का लिविंग स्टैंडर्ड भी बढ़ेगा। उन्होंने होमस्टे योजना को भी राज्यहित में अहम बताया। उन्होंने कहा कि व्यवसायिक होमस्टे में पहले बिजली और पानी का बिल की दरों को कमर्शियल रेट पर लगाया जाता था, लेकिन शीघ्र ही इसे डोमेस्टिक दरों पर वहन किया जाएगा। इस प्रकार की योजनाओं से राज्य की बेरोजगारी को तो दूर किया ही जा सकता है बल्कि इससे राज्य की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने उत्तराख्ंाड राज्य को कई प्राकृतिक उपहार दिये हैं। जरूरत उनके वैज्ञानिक दोहन किये जाने की है। पिरूल से करीब पचास लाख लोगों को रोजगार भी दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय भाषाओं के रखरखाव और उनको बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

वन एवं वन्य जीव मंत्री डा0 हरक सिंह रावत ने कहा कि चक्रवर्ती राजा भरत की जन्मस्थली को ऐतिहासिक महत्व दिलाये जाने के लिए राज्य सरकार ने सराहनीय कार्य किये हैं। उन्होंने कहा कि कोटद्वार की हमेशा से यही मांग रही है कि 11 किमी लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग का निर्माण शीघ्र किया जाए। उन्होंने कहा कि कोटद्वार डिग्री कालेज से कर्णाश्रम और कलालघाटी आने जाने में अब कोई दिक्कत नहीं होगी। इन क्षेत्रों में आवागमन के लिए तीन पुलों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसमें से एक का कार्य शीघ्र ही पूर्ण भी हो जाएगा जबकि  अन्य दो पुलों का निर्माण बरसात से पहले होगा।

इस अवसर पर एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, कोटद्वार मेयर हेमलता नेगी, जिलाध्यक्ष भाजपा शैलेंद्र बिष्ट, अपर जिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं स्थानीय जनता उपस्थित थी।

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