पौड़ी गढ़वाल के इस गांव में भारी बारिश से दो मंजिला मकान ढहा, मलबे में दबे चार लोग, 3 के शव बरामद, एक महिला को बचाया

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Two-storey house collapses in Mahar village

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में इन दिनों बारिश का कहर जारी है। भारी बारिश और भूस्खलन से कई इलाकों में सड़कें बाधित हुई हैं। इस बीच पौड़ी गढ़वाल के महर गांव में कल रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। तहसील सतपुली के अंतर्गत द्वारीखाल ब्लॉक के मेहरगांव (भलगांव) में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। यहां भूस्खलन की चपेट में आए दो मंजिला मकान के मलबे में दबने तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि एक महिला को ग्रामीणों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

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घटना की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। घायल महिला को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल सतपुली हंस चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है।

जिलाधिकारी स्वाति एस। भदौरिया स्वयं करीब तीन किलोमीटर पैदल दुर्गम मार्ग तय कर घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाली। उन्होंने रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी करते हुए अधिकारियों को सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने तथा अभियान में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए।

रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद जिलाधिकारी ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में जिला प्रशासन हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने परिवार की समस्याएं भी सुनीं और आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया।

जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत प्रदान करते हुए प्रत्येक मृतक के लिए 4-4 लाख रुपये तथा क्षतिग्रस्त मकान के लिए 2 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की। इस प्रकार पीड़ित परिवार को कुल 14 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। तीनों शवों का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

उर्गम घाटी में कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पास भूस्खलन

ज्योतिर्मठ की उर्गम घाटी में स्थित पांचवें केदार भगवान कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पास बारिश से भारी भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पहाड़ी से आया भारी मलबा जमा हो गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मंदिर क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है। मलबा आने से मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके चलते श्रद्धालु फिलहाल मंदिर में दर्शन के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। मलबा हटाए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं के मंदिर तक पहुंचने का रास्ता साफ हो सकेगा। बारिश के कारण क्षेत्र में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।