ग्रेटर नोएडा, 21 अप्रैल 2026: सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन, गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश के बैनर तले पेंशनर्स ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आज कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र व राज्य सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन प्रधानमंत्री तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित किया गया, जिसे जिलाधिकारी/पुलिस कमिश्नर, गौतमबुद्ध नगर के माध्यम से भेजा गया।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सतेंद्र सिंह चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामअवतार पाल तथा जिला मंत्री बैजनाथ प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पेंशनर्स शामिल हुए। ज्ञापन में मुख्य रूप से पेंशन विसंगतियों को दूर करने और वरिष्ठ नागरिकों को राहत देने की मांग उठाई गई।

मुख्य मुद्दा: पेंशन पुनरीक्षण

ज्ञापन में पेंशनर्स ने मुख्य रूप से आठवें वेतन आयोग के लागू होने से पूर्व पेंशन के पुनरीक्षण की मांग उठाई। उनका कहना है कि सातवें वेतन आयोग के दौरान पेंशनर्स को समुचित लाभ नहीं मिला, जिससे उनके साथ अन्याय हुआ है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रमुख मांगें:

  • वर्ष 2025 में पेंशन निर्धारण में उत्पन्न विसंगतियों को दूर कर पुराने पेंशनर्स को वेतन आयोग के अनुरूप लाभ दिया जाए।
  • भारत सरकार के 29 अगस्त 2008 के आदेशों के अनुसार कर्मचारियों, पेंशनर्स एवं शिक्षकों के लिए अलग सीपीआई (CPI) निर्धारित किया जाए।
  • उच्च न्यायालय के पूर्ण पीठ के निर्णयानुसार लंबी सेवा अवधि का लंबित वेतन पेंशनर्स को दिया जाए तथा पेंशन में एसीपी/एमएसीपी का लाभ जोड़ा जाए।
  • पेंशनरों की राशिकरण (कम्यूटेशन) कटौती 10 वर्ष में समाप्त की जाए।
  • 65 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद प्रत्येक पांच वर्ष में 5 प्रतिशत पेंशन वृद्धि की जाए।
  • पेंशन को आयकर से मुक्त किया जाए।
  • कोविड-19 काल के दौरान रोके गए 18 माह के डीए/डीआर एरियर का भुगतान किया जाए।
  • वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में 50 प्रतिशत छूट पुनः बहाल की जाए।
  • आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उपचार की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये की जाए।
  • महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल पेंशन में मर्ज किया जाए।

पेंशनर्स में रोष

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से पत्राचार और अनुरोध के बावजूद सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे पेंशनर्स में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण वरिष्ठ नागरिक आर्थिक व सामाजिक रूप से प्रभावित हो रहे उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

आंदोलन की चेतावनी

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो पेंशनर्स आंदोलन को और तेज करेंगे।