पौड़ी: जिला पंचायत पौड़ी की एक दिवसीय बोर्ड बैठक गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित हुई। बैठक में विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आपदा सुधारीकरण से जुड़े मुद्दे छाए रहे। वहीं बीते वर्ष आई आपदा के बाद अब तक बजट जारी न होने पर सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताई। सदस्यों ने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सदन में उठाई गई प्रत्येक जनसमस्या का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अगली बैठक तक समस्याओं का समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने जिला पंचायत द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों में सूचना बोर्ड लगाने और ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरलॉक टाइल्स लगाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिपं सदस्य पूनम कैंतुरा ने पोखड़ा क्षेत्र में बीईओ कार्यालय न होने से विभागीय कार्यों में हो रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने भवन निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि वापस जाने की जांच की मांग की। साथ ही जूनियर हाईस्कूल ड्यूला में 30 से अधिक छात्र-छात्राओं पर केवल एक शिक्षक तैनात होने पर चिंता व्यक्त की।
जिपं सदस्य टीला डॉ. शिवचरण नौडियाल ने जीआईसी टीला, हिंवालीधार और मौजखाल समेत कई विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था न होने की समस्या उठाई। उन्होंने क्षेत्र में लगातार भालू की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का माहौल होने की बात भी कही।
जिपं सदस्य नौड़ी सीमा चमोली ने कहा कि बीईओ थलीसैंण की कार्यशैली शिक्षकों का उत्पीड़न करना है। विभाग से कई बार शिकायत की गई। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने बीईओ का तत्काल तबादला किए जाने की मांग की।
बैठक में जिपं सदस्य विक्रम बिष्ट और अनूप पटवाल ने आरोप लगाया कि कई विभागों के कार्यालय कोटद्वार में होने से उन विभागों के अधिकारी बैठकों में नहीं आते हैं, जिससे समस्याएं हल नहीं हो पाती है। कहा कि अभी तक कई बोर्ड बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन सदन में उठने वाली समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पाता है। सदन में सदस्यों ने कृषि, पेयजल, उद्यान, बाल विकास विभाग से जुड़ी समस्याएं रख समाधान की मांग की।
मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी अशोक जोशी ने अधिकारियों को सदन में उठी जन समस्याओं के समाधान को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम का संचालन अपर मुख्य अधिकारी भावना रावत ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष आरती नेगी, अभियंता राजीव गर्ग, जिपं सदस्य अंजलि जोशी, वंदना रौथाण, कर्मवीर भंडारी, भारत रावत, सीईओ अत्रेय सयाना, डीपीओ देवेंद्र थपलियाल आदि मौजूद रहे।
डीएम की अनुपस्थिति पर सदस्यों में नाराजगी
जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में जिलाधिकारी के उपस्थित न होने पर सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई। जिपं सदस्य अनूप पटवाल ने कहा कि डीएम कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय के समीप होने के बावजूद वह बैठकों में शामिल नहीं होती हैं। जिपं सदस्य पूनम कैंतुरा ने कहा कि पिछली बैठक में डीएम बेटे का जन्मदिन होने के चलते नहीं आई। लेकिन इस बार क्या कारण रहा होगा। कहा कि डीएम के आने से सदन में सक्षम अधिकारी आते हैं। समस्याओं का समाधान होता है। लेकिन वह नहीं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में डीएम नहीं आएंगी, तो समस्त सदस्य डीएम कार्यालय के बाहर ही बैठ जाएंगे।


