(जगमोहन डांगी)

पौड़ी: जनपद पौड़ी के कल्जीखाल विकास खंड, पट्टी असवालस्यूं के मुंडेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित इतिहासिक मुंडनेश्वर (खैरालिंग) मेला के प्रथम दिन ही श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा मेले की शुरुआत परम्परा के अनुसार पट्टी असवालस्यूं के ग्राम थैर, ग्राम रिठौली, ग्राम सकनोली से इस बार देवी मां के निशाण (ध्वज) ढोल दमाऊ के साथ तय समय के अनुसार मन्दिर में स्थापना हुई।

दो दिवसीय मेले में तीनों पट्टियों के अलावा सतपुली, पौड़ी तथा क्षेत्र के बड़ी संख्या में प्रवासी लोग भी शामिल हुए। देवी के निशाण चढ़ने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं मेले में पहुंचे कौथिगेरों और श्रद्धालुओं ने विभिन्न दुकानों से जमकर खरीदारी भी की।

मेले के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला ने कहा कि इस प्रकार के पौराणिक और ऐतिहासिक मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि प्रवासी और स्थानीय लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। उत्तराखंड देवभूमि है और यहां प्रत्येक गांव में देवी-देवताओं की विशेष मान्यता है। जून माह में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी लोग अपने गांव लौट रहे हैं, जिससे ग्रामीण संस्कृति को भी मजबूती मिल रही है।

उन्होंने मेले की बेहतर व्यवस्थाओं के लिए मंदिर समिति की सराहना करते हुए सभी पदाधिकारियों को बधाई दी। इस अवसर पर पूर्व विधायक मुकेश कोली, हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय के कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र के निदेशक गणेश खुगशाल ‘गणी’ तथा जिला पंचायत सदस्य गढ़कोट सविता देवी ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित किया।

मंदिर समिति के अध्यक्ष अनिल नेगी ने मेले को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों को मुंडनेश्वर महादेव मंदिर का स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जसपाल सिंह नेगी, सचिव विवेक नेगी ‘टोनी’ सहित समिति के सभी सदस्यों ने सक्रिय सहयोग दिया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व जिला पंचायत सदस्य गढ़कोट संजय डबराल ‘मिंटू’ ने किया।

मंदिर परिसर सबसे आकर्षण वर्तमान में सोशल मीडिया पर पहाड़ी मांगलिक गीतों के लिए चर्चित नवीन बिष्ट रहे उन्होंने मंच पर मांगलिक गीतों और लोक गीतों की बेहतरीन प्रस्तुतिया दी मंदिर समिति द्वारा उनका अंग वस्त्र ओढ़कर सम्मानित किया गया।