Leopard attacks woman: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में गुलदार के हमलों की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. जंगल और खेतों में काम करने वाली महिलाओं, किसानों और ग्रामीणों में खौफ का माहौल बना हुआ है. इसबीच साहस और हिम्मत की मिसाल पेश करने वाला एक मामला रुद्रप्रयाग जिले से सामने आया है।
बसुकेदार तहसील के कोटी पठालीधार गांव में खेतों में घास काट रही 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद महिला ने हाथ में मौजूद दरांती से गुलदार पर पलटवार किया, जिससे वह जंगल की ओर भाग गया और महिला की जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, विकासखंड अगस्त्यमुनि के कोटी पठालीधार गांव निवासी नारायणी देई देवी (65), पत्नी पुष्कर सिंह रावत, रोज की तरह खेतों के किनारे घास काट रही थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। हमले में गुलदार ने उनके हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों को बुरी तरह घायल कर दिया। हालांकि नारायणी देवी ने घबराने के बजाय अदम्य साहस का परिचय देते हुए दरांती से गुलदार पर कई वार किए। उनके प्रतिरोध से घबराकर गुलदार जंगल की ओर भाग निकला।
हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद नारायणी देवी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने घास की कंडी उठाई और किसी तरह स्वयं ही घर पहुंचीं। खून से लथपथ हालत में उन्हें देखकर उनका बेटा तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार महिला के हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे घाव हैं, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और घायल महिला का हालचाल जाना। वहीं विभाग की दूसरी टीम घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई में जुट गई। स्थानीय ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे गुलदार के आतंक पर चिंता जताते हुए वन विभाग से नियमित गश्त, गुलदार की निगरानी तथा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी एवं ठोस कदम उठाने की मांग की है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हाल के दिनों में गुलदार के हमलों की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। जंगलों और खेतों में कार्य करने वाली महिलाओं, किसानों तथा ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है, जिससे वन्यजीव-मानव संघर्ष एक गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।



