ग्रेटर नोएडा: कलाधाम सोसाइटी में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से छह वर्षीय बालक की मौत के मामले में तकनीकी सुपरवाइजर और सुपरवाइजर की गिरफ्तारी तथा महाप्रबंधक (परियोजना) द्वारा जारी नए आदेश के विरोध में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अस्थायी एवं संविदा कर्मचारियों का धरना सोमवार को भी जारी रहा।
कर्मचारियों ने सोमवार को कार्यालय कार्य का बहिष्कार करते हुए प्राधिकरण कार्यालय के समीप स्थित पार्क में धरना दिया। विरोध के चलते किसी भी तकनीकी सुपरवाइजर और सुपरवाइजर ने कार्य नहीं किया, जिससे परियोजना एवं उद्यान विभाग के कई कार्य प्रभावित रहे।
धरनारत कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि गिरफ्तार दोनों कर्मचारियों की रिहाई नहीं हुई और महाप्रबंधक (परियोजना) द्वारा जारी आदेश वापस नहीं लिया गया, तो उनका आंदोलन अनिश्चितकालीन जारी रहेगा।
गौरतलब है कि कलाधाम सोसाइटी में नलकूप की बोरिंग के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में डूबने से छह वर्षीय अव्यान की मौत हो गई थी। घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (परियोजना) ने आदेश जारी कर कार्यस्थल पर होने वाली किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित तकनीकी सुपरवाइजर और सुपरवाइजर पर तय कर दी है।
धरनारत कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें कार्य के अनुरूप पर्याप्त प्रशासनिक अधिकार नहीं दिए गए हैं। ऐसे में बिना अधिकार दिए पूरी जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि गिरफ्तार निर्दोष तकनीकी सुपरवाइजर और सुपरवाइजर की रिहाई के लिए प्राधिकरण आवश्यक कदम उठाए।
इसके अलावा कर्मचारियों ने हाल ही में सेवा से हटाए गए कर्मचारियों की बहाली, सभी अस्थायी कर्मचारियों को पहचान-पत्र एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, कार्य के दौरान दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा एवं उचित मुआवजा सुनिश्चित करने, तकनीकी सुपरवाइजरों को उनकी जिम्मेदारी के अनुरूप अधिकार देने तथा नोएडा प्राधिकरण की तर्ज पर समान वेतन वृद्धि लागू करने की भी मांग की।
4 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
धरने पर बैठे कर्मचारियों की ओर से चेतावनी दी गई थी कि यदि सोमवार तक उनकी सभी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक और लिखित निर्णय नहीं मिलता है तो मंगलवार से लगभग 4,000 आउटसोर्स कर्मचारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। कर्मचारियों का कहना था कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। हालाँकि सोमवार को भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और धरने पर बैठे कर्मचारियों के बीच सहमति नहीं बनी।



