कल्जीखाल: विकासखंड कल्जीखाल की क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की त्रैमासिक बैठक को लेकर स्थानीय पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों ने ब्लॉक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि विकासखंड के सबसे बड़े सदन की महत्वपूर्ण बैठक के लिए क्षेत्र के स्थापित पत्रकारों एवं अन्य मीडिया प्रतिनिधियों को न तो औपचारिक निमंत्रण भेजा गया और न ही दूरभाष के माध्यम से सूचना दी गई।
वरिष्ठ पत्रकार जगमोहन डांगी, अजय रावत ‘अजेय’ और विक्रम पटवाल ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि ब्लॉक प्रशासन का यह रवैया कई सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि मीडिया को बैठक से दूर रखने का प्रयास यह संकेत देता है कि प्रशासन पारदर्शिता बनाए रखने के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि बैठक की कार्यवाही पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होती, तो मीडिया को सूचना देने से परहेज नहीं किया जाता।
पत्रकारों ने बीडीसी सदन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सभाकक्ष में सदन की गरिमा के अनुरूप व्यवस्था दिखाई नहीं देती। सदस्यों, अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों के बैठने के लिए कोई स्पष्ट प्रोटोकॉल नजर नहीं आता, जिससे बैठक की गंभीरता प्रभावित होती है।
इसके अलावा आरोप लगाया गया कि कई विभागों की ओर से संबंधित अधिकारियों के स्थान पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रतिनिधि बनाकर बैठक में भेजा जा रहा है। वहीं वीबी-जीरामजी, पंचायती राज तथा ई-डिस्ट्रिक्ट जैसे विभागों में कार्यरत संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी भी सदन में बैठकों के दौरान मौजूद रहते हैं, जिसे लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
पत्रकारों ने ब्लॉक प्रशासन से भविष्य में बीडीसी बैठकों की सूचना समय पर सभी मान्यता प्राप्त एवं क्षेत्रीय पत्रकारों को उपलब्ध कराने तथा सदन की गरिमा के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने बैठक की कार्यवाही में पारदर्शिता बनाए रखने और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने पर भी जोर दिया।



