गोपेश्वर। उत्तराखंड महिला आयोग एवं बुलंदी साहित्यिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बाल कवि कार्तिक तिवारी ‘पहाड़ी’ की पहली काव्य पुस्तक ‘बालपन’ का भव्य विमोचन किया गया। यह कार्यक्रम 8 अगस्त को राजकीय इंटर कॉलेज, गोपेश्वर के प्रांगण में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
पुस्तक ‘बालपन’ में कार्तिक तिवारी की 101 मौलिक कविताओं का संकलन है। इन कविताओं में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति, विज्ञान, क्वांटम विज्ञान तथा सामाजिक जागरूकता जैसे विविध विषयों को सरल, सहज और रोचक शैली में प्रस्तुत किया गया है। बाल कवि ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कार्तिक तिवारी की साहित्यिक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि कम आयु में 101 कविताओं का सृजन करना अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि संस्कृति, पर्यावरण और विज्ञान जैसे गंभीर विषयों को बाल साहित्य के माध्यम से प्रस्तुत करना प्रेरणादायक प्रयास है, जो अन्य बच्चों को भी रचनात्मक कार्यों के लिए प्रोत्साहित करेगा।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य सोशिला शर्मा, भाजपा मीडिया प्रभारी मोहन सिंह नेगी, भगत सिंह राणा, सुरभि चक्रवर्ती, राखी चौहान, संगीता बहुगुणा, ममता शाह, संगीता बिष्ट, सेवानिवृत्त शिक्षिका बसंती देवी, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुशीला सेमवाल, तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित मीना तिवारी एवं नर्मदा देवी, कार्तिक के पिता सुधीर तिवारी, नेहा फाउंडेशन के संस्थापक सुनील पुंडीर, चरण पादुका गोथल समिति की अध्यक्ष दीपा देवी, संतोषी कुवंर, संगीता देवी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की और बाल कवि कार्तिक तिवारी की रचनाओं से प्रेरणा लेने का संकल्प व्यक्त किया। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने पुस्तक ‘बालपन’ को बाल साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान बताते हुए कार्तिक तिवारी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



