Home उत्तराखण्ड कल्जीखाल में टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण,...

कल्जीखाल में टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण, जनभागीदारी पर दिया गया जोर

पौड़ी गढ़वाल: राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विकासखंड कल्जीखाल सभागार में पंचायत प्रतिनिधियों के लिए एक दिवसीय सेंसिटाइजेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को टीबी की रोकथाम, पहचान एवं उपचार के प्रति जागरूक करते हुए अभियान में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक राजकुमार पोरी तथा विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख गीता देवी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी चंद्र प्रकाश बलूनी ने की। प्रशिक्षण का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) घंडियाल द्वारा किया गया, जिसमें विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, उपप्रधान एवं वार्ड सदस्यों ने प्रतिभाग किया।

मुख्य अतिथि विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी सी.पी. जोशी ने प्रशिक्षण के दौरान टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता से ही टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि टीबी का समय पर पता चलने और डॉट (DOTS) पद्धति के तहत नियमित उपचार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं की निगरानी में मरीजों को नियमित रूप से दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं तथा इसके लिए निर्धारित रोस्टर भी जारी किया जाता है।

उन्होंने कहा कि यदि मरीज उपचार बीच में छोड़ देता है या नियमित दवाइयां नहीं लेता, तो उसे एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) टीबी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसका उपचार लंबा और जटिल होता है। हालांकि एमडीआर टीबी का इलाज भी सरकार द्वारा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन इससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में वॉल पेंटिंग, जनजागरूकता अभियान एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करें, ताकि समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख महेंद्र सिंह मवाणा, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख अर्जुन सिंह पटवाल, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पीएलवी जगमोहन डांगी, डॉ. शुभम, ग्राम प्रधान धारकोट अनूप कंडारी, ग्राम प्रधान डांगू बबीता देवी, सामाजिक कार्यकर्ता जसवीर रावत, यूबीपीएम शरद रौतेला, एसटीएस दीपक बिष्ट, बीएलए सुमन कुमार, अमित बलूनी, नीरज बिष्ट सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

जगमोहन डांगी