Kandoliya Festival 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के भ्रमण के दौरान जनपद मुख्यालय स्थित श्रीनगर रोड पर जिला प्रशासन द्वारा विकसित आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण किया तथा रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद को ₹110.55 करोड़ की लागत वाली 19 विकास योजनाओं की सौगात देते हुए 14 योजनाओं का शिलान्यास एवं 5 योजनाओं का लोकार्पण किया।
जनपद मुख्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ हॉनर दिया गया। साथ ही गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीनगर रोड स्थित जिला विज्ञान संग्रहालय पहुंचे, जहां उन्होंने संग्रहालय का विधिवत लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने संग्रहालय में विकसित की गयी विज्ञान आधारित गतिविधियों और प्रयोगात्मक शिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।
जनपद भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री कंडोलिया मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कंडोलिया देवता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा देवस्थल की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान पहुंचकर जय कंडोलिया पौड़ी महोत्सव का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम स्थल पर राजकीय इंटर कॉलेज पौड़ी नगर, बी आर मॉडर्न स्कूल पौड़ी, हिल्स इंटरनेशनल स्कूल पौड़ी के बच्चों ने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सलामी दी। इसके पश्चात उन्होंने विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कंडोलिया देवता को नमन करते हुए कहा कि कंडोलिया महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि पौड़ी आकर उन्हें सदैव शांति, आत्मीयता और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पौड़ी में नवस्थापित विज्ञान संग्रहालय का भ्रमण करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह बच्चों और युवाओं में विज्ञान, नवाचार तथा अनुसंधान की भावना को प्रोत्साहित करेगा और भावी वैज्ञानिकों के सपनों को नई उड़ान देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जनपद के विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है। इस अवसर पर लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत से 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेंगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कंडोलिया महोत्सव को सरकारी कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे महोत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी तथा उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच प्राप्त होगा।
शिलान्यास की प्रमुख योजनाओं में सिंगटाली में गंगा नदी पर सेतु निर्माण, कोटा-देवप्रयाग से व्यासघाट मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण, व्यासघाट से ग्राम सिल्सू मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण, गोदी-बजूण मोटर मार्ग का सुधारीकरण, पौड़ी स्थित पुरानी जेल भवन का रेनोवेशन कार्य, अपर बाजार एवं माल रोड पौड़ी सौंदर्यीकरण कार्य तथा विभिन्न क्षेत्रों में मोटर मार्ग निर्माण कार्य, बाढ़ सुरक्षा एवं सिंचाई नहरों के पुनरोद्धार से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। वहीं लोकार्पित योजनाओं में जाखणीखाल-ठंठोली-रणेथ मोटर मार्ग का डामरीकरण, श्रीकोट गंगानाली स्थित 400 मीटर सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, स्पोर्ट्स स्टेडियम श्रीकोट गंगानाली में फुटबॉल ग्राउंड एवं एथलेटिक ट्रैक, कंडोलिया इंडोर स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट का उन्नयन तथा श्रीनगर रोड स्थित आधुनिक विज्ञान संग्रहालय की स्थापना कार्य प्रमुख रूप से शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से सड़क संपर्क, पर्यटन, खेल, शिक्षा, सिंचाई एवं आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में व्यापक सुधार होगा तथा जनपद के समग्र विकास को नयी गति मिलेगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, विधायक लैंसडाउन दिलीप रावत, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेंद्र अण्थवाल, एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष जसपाल नेगी, राजेंद्र प्रसाद टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं एवं जनसमूह उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार एवं हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र के निदेशक गणेश खुगशाल ‘गणी’ ने किया।



