Contractor blacklisted in Greater Noida

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-3 में उद्यानिकी (हॉर्टिकल्चर) कार्यों में घोर लापरवाही और खराब गुणवत्ता के कारण ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने ठेकेदार फर्म मैसर्स अतर सिंह को ब्लैकलिस्ट (काली सूची में शामिल) करने और उसकी ईएमडी (बयाना राशि) जब्त करने के सख्त निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक से उद्यान विभाग का कार्य हटा लिया गया है।

दरअसल, सेक्टर 3 के निवासियों की शिकायत पर शनिवार को एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने सेक्टर 3 के ए ब्लॉक का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्क में घास बढ़ी हुई दिखी। आंधी व बारिश के चलते पेड़ों की टूटी शाखाओं को नहीं उठाया गया। झूले भी टूटे मिले। पार्क में 10 दिन पूर्व  पाथवे का निर्माण कराया गया था, जिसके शोल्डर को परीक्षण करते ही टूट गया। इससे प्रतीत होता है कि पाथवे के निर्माण में खराब सामग्री का प्रयोग किया गया। पेड़ों के चारों ओर गुड़ाई नहीं की गई। पौधों में पानी व खाद नहीं डाला गया। पेड़ों की छंटाई काफी समय से न करने से स्ट्रीट लाइट व पार्क लाइट भी ढक गई थी।

सेक्टर के पार्कों के रखरखाव में लापरवाही सामने आने पर एसीईओ ने मैसर्स अतर सिंह को ब्लैक लिस्ट करते हुए ईएमडी जब्त करने के निर्देश दिए। साथ ही मैसर्स एस.आर. एसोसिएट्स को पाथवे उखड़वाकर दोबारा निर्माण कराने के निर्देश दिए गए। एसीईओ ने  पाथवे की निगरानी के लिए उप महाप्रबंधक को निर्देश दिया है और उद्यानिक कार्य सहायक निदेशक ज्ञानेंद्र यादव की देखरेख में 2 दिन में कराने को कहा है। वहीं उद्यानिक कार्यो में लापरवाही के चलते वरिष्ठ प्रबंधक उद्यान रामकुमार को चार्ज से अवमुक्त कर दिया है।

एसीईओ ने ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि किसी भी विकास कार्य की गुणवत्ता में खामी पाई गई तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को  भी चेताया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखें। गुणवत्ता में कमी मिलने उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विकास कार्यों की गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।