पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में मानसून की बारिश अपने चरम पर है। लगातार जारी भारी बारिश के चलते पहाड़ी जिलों में कई जगह जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून द्वारा प्रदेश के कई जिलों में 10 जुलाई को भारी वर्षा, गरज-चमक एवं आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, देहरादून और पौड़ी गढ़वाल जिले में कल शुक्रवार 10 जुलाई को कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूलों की छुट्टी का आदेश जारी किया है।

पौड़ी गढ़वाल जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया की तरफ से जारी आदेश के अनुसार भारत मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 9 जुलाई को दोहपर 1.30 बजे मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को पौड़ी गढ़वाल जिले में संचालित कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अशासकीय एवं निजी विद्यालय बंद रहेंगे। इसके अलावा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश रहेगा।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और गदेरों के समीप जाने से परहेज करें तथा प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।

पौड़ी गढ़वाल के अलावा देहरादून में कल कहीं-कहीं पर अत्यधिक भारी वर्षा और आकाशीय बिजली की आशंका व्यक्त की गई है। देहरादून के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। जिलाधिकारी देहरादून डॉ आशीष चौहान ने जनपद के कक्षा 1 से 12 तक संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय व निजी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दिनांक 10 जुलाई 2026 को एक दिवस का अवकाश घोषित किया गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद आपदा प्रबंधन विभाग भी अलर्ट है। भारी बारिश के बाद नदियों को जल स्तर अचानक बढ़ जाता है। इसीलिए आपदा प्रबंधन विभाग राज्य के सभी प्रमुख बांधों व बैराजों पर नजर रख रहा हैं। आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से निर्देश दिए है कि प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे अपने जलाशयों के जलस्तर इनफ्लो, आउटफ्लो ऐर डिस्चार्ज से संबंधित जानकारी अनिवार्य रूप से यूएसडीएमए को उपलब्ध करानी होगी। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों एवं जल विद्युत परियोजनाओं के अधिकारियों को मानसून के दौरान बेहतर समन्वय तथा निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।